शनि साढेसाती व ढैय्या (Shani Sadesati v Dhayya) ( क्यों आप डरते हैं??)
प्रिय पाठक
मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर एक बहुत अच्छे विशेष पर चर्चा करुँगी।
इस पोस्ट में आप जांएगे
1) शनि साढ़साती होती क्या है? Shani Sadesati hoti hai kya ?
2) शनि की ढय्या का अर्थ क्या है? Shani ki Dhayya ka arth kya hai ?
3) आप कैसे जानेंगे की आप इस समय शनि की साढ़ेसाती में है या नही?
4) यदि हां तो किन-किन परेशानी का सामना करना पड़ सकता है?
5) किन-किन उपाय को करके आप शनि साढ़ेसाती एवं ढैय्या के प्रभाव को कम कर पाएंगे ?
शनि साढ़साती व ढैय्या क्या है सबसे पहले हम इस विषय पर बात करेंगे :-
आप लोग सब जानते है कि जब हम जन्म लेते है तो ग्रहों के आधार पर( उस समय आकाशये मंडल में ग्रहों की स्थिति के अनुसार) कुंडली का निर्माण करते है जिसे जन्म कुंडली कहते है ।
आज भी आकाश में ग्रहों का विचरण होता रहता है जिसे हम गोचर के नाम से जानते है । ग्रहों की जो स्थिति है उसके आधार पर गोचर कुंडली का निर्माण होता है और गोचर से ही ग्रह आज कौन से राशि से भ्रमण कर रहे है ये जानते है।
गोचर को सामान्यतः चन्द्र कुंडली से देखा जाता है । आप सब ये जानते होंगे कि जिस भी राशि में चंद्रमा आपके जन्म कुंडली मे होता है वो आपकी चंद्र राशि होती है ।
उदहारण से समझते है यदि किसी जातक कि कुंडली मे कर्क राशि या 4 नंबर की राशि में चंद्रमा है तो उस जातक कि राशि कर्क होगी।
चलिए अब विषय पर आते है ।
जब शनि का गोचर आपके जन्म कुंडली के चंद्र राशि से होगा तो कहेगें की आपके ऊपर शनि की साढ़ेसाती चल रही है ।
चलिए इसको भी समझते है आज के दिन शनि देव मकर राशि में है और किसी जातक की राशि मकर है तो कहेंगे की वह जातक शनि के साढ़ेसाती के प्रभाव में है ।
शनि की साढ़ेसाती एक घर आगे और एक घर पीछे माना जाता हैं ।आपकी राशि मकर है तो उससे एक ग्रह आगे धनु राशि एवं कुंभ राशि दोनों राशि भी शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में कही जाएगी ।
कहने का अर्थ ये है कि शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव तब से चालू हो गया जब शनि गोचर में धनु राशि में आ गया था और जब तक शनि कुंभ राशि में रहेगा आप शनि के साढ़ेसाती में रहेंगे । इस तरह शनि धनु राशि में ढाई साल ,मकर राशि में ढाई साल और कुंभ राशि में रहता है पूरा मिलाकर साढ़े सात साल इसको ही शनि साढ़ेसाती कहते है ।
और अब शनि की ढैय्या की बात करते है। शनि गोचर में जिस भी घर में रहता है उससे चार घर पीछे की राशि या आठ घर पीछे की राशि में शनि के ढईया का प्रभाव रहता है ।
मान लीजिए अभी शनि का गोचर मकर राशि में है तो उससे उसे चार घर पीछे तुला राशि हुई और आठ घर पीछे मिथुन राशि आती है तो आप इन दोनों राशि मे शनि की ढैय्या का प्रभाव रहेगा ।
चलिए अब आप खुद ही अपनी कुंडली देख कर समझ जायेंगे के आपको शनि की साढ़ेसाती चल रही है या ढैय्या।
आपको क्या लगता है शनि की साढ़ेसाती शुरू हुई और इसका बहुत बुरा प्रभाव आपके जीवन मे शुरू हो जाएगा। ऐसा बिल्कुल नही होता है ।
चलिए समझते है कब साढ़ेसाती आपके जीवन के लिए बहुत अच्छा रहेगा या कब समस्या उत्पन्न होगी ।
सबसे पहले चंद्रमा और शनि देव की स्थिति जन्म कुंडली में देखते है यदि दोनों ग्रह आपके कुंडली मे अच्छे है और महादशा और अन्तर-दशा भी अच्छे हैं तो शनि की साढ़ेसाती आपके लिए अच्छी रहेगी।
साढ़ेसाती में होता क्या है शनि देव का आपके चंद्र राशि में प्रभाव । जैसे कि हम जानते है कि चंद्रमा और शनि शत्रु है और जब शनि का प्रभाव चंद्रमा पर होने से मन बैचैन रहता है, आपका मन अशांत रहता है, आप चिड़चिड़ापन महसूस करते है, आप सटीक व सही निर्णय नही ले पाते ।
क्या होगा यदि आपका मन ही आपका साथ न दे ??
चूंकि आपका मन अशांत रहता है तो आपका अपने काम में, अपने रोजगार में भी मन नही लगेगा और उस परिस्थिति में गलत निर्णय ले लेने से आपका बिजनेस बहुत प्रभावित होगा या हो सकता हैं ।
और मान लीजिए अगर आपके लिए साढेसाती परेसानी कर रहा है तो हर समस्या का समाधान भी होता है
- परिवार से आपके रिश्ते खराब होते नजर आएंगे।
- वैवाहिक जीवन में परेशानियों से जूझना पड़ता है ।
चूंकि आपका मन अशांत रहता है तो आपका अपने काम में, अपने रोजगार में भी मन नही लगेगा और उस परिस्थिति में गलत निर्णय ले लेने से आपका बिजनेस बहुत प्रभावित होगा या हो सकता हैं ।
और मान लीजिए अगर आपके लिए साढेसाती परेसानी कर रहा है तो हर समस्या का समाधान भी होता है
1) शनि के बीज मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः जाप शाम के समय 108 बार करें ।
2) शनि की वस्तुओं का दान लाभ दायक होता है ( मैं फिर से कहूंगी जो ग्रह हमारे कुंडली मे अच्छे है उसका दान कभी भी नही करना चाहिए ।
3) शनि न्यायप्रिय देव है अतः लागों को ठगना, धोखा देना आदि का काम करने से बचें।
4) आपके यहाँ काम करने वाले लोग या 4 क्लास कर्मचारी से अच्छा व्यवहार करें
5) कलर थेरेपी के अनुसार नीला और काल रंग प्रयोग कम करें या शनि बार को प्रयोग नहीं करें ।
और यदि आप शिदत से उपाय को करते है ,अपने आचरण को अच्छा रखते है तो शनि देव आपको बहुत ज्यादा परेशान नहीं करेंगे ।
धन्यवाद
Happy Beginning...
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