क्या एग्जाम का टाइम और बच्चों के पढ़ाई में मन नहीं लगता?? ( Exam Time - bacchon ko padayi me man nahi lagta ) प्रिय पाठक नमस्कार। मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी। चलिये आज बच्चों से जुड़े पढ़ाई व शिक्षा के बारे में चर्चा करते हैं। इस पोस्ट में आप जांएगे 1) किन -किन ग्रहों को ज्योतिष में शिक्षा का जिम्मेदार माना गया है? ( Siksha ke liye jimmedaar garh) 2) कौन सा भाव (bhav) है जिसको देख कर बच्चों के शिक्षा (bachchon ki shiksha ) की स्थिति पर विचार किया जाता है ? 3) क्या -क्या अनके उपयो को करके बच्चों के एकाग्रता ( bachchon ki akagrata ) को बढाया जाता है? चलिये सबसे पहले ज्योतिषये उपाय को समझते है:- हम कहते है कि बच्चा को पढ़ाई में मन नहीं लगता है या फिर बच्चा में कंसन्ट्रेशन व एकाग्रता की कमी है क्यों होता है चलिये जानते है । ज्योतिष में मन का कारक ग्रह चंद्रमा को माना गया है और यदि बच्चा को पढ़ाई में मन नहीं लगता है तो 1)बच्चे का चंद्रमा को मजबूत करना होगा । 2)सफेद चंदन का तिलक माथे पर या कंठ जरूर लगाएं । 3)बच्चो को सोमवार या पूर्णिमा को खीर जरूर खिलाये। 4)एक चांदी का सिक्का लीजिये और रात को एक कांच के गिलास में पानी में डाल कर रख दीजिए और वो पानी सुबह अपने बच्चे को पीने दीजिये इससे बच्चें का मन शांत होगा और चंद्रमा भी मजबूत होगा । ज्योतिष में एकाग्रता को बढ़ाने के लिए सुर्य देव की भूमिका होती है अतः सुर्य देव को मजबूत करना चाहिए । 1)सुर्य देव को नित्य सुबह प्रणाम करना चाहिए । 2)सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए । 3)गायत्री मंत्र का 9 या 27 बार जाप करने का आदत डालनी चाहिए । और बुध देव को बुद्धि का कारक माना गया है और बुद्धि देने की जिम्मेदारी गणपति बप्पा की है अतः बच्चा जहाँ पढ़ाई करते है वहाँ पर 1)गणपति को फ़ोटो जरूर लगाना चाइये । 2)बच्चे को हरे अंकुरित मूंग जरूर खिलाये । और ज्योतिष में शिक्षा की स्थिति पंचम भाव से देखा जाता है । और पंचम भाव को मजबूत करके पढ़ाई की स्थिति को अच्छा किया जा सकता है । ज्योतिष में अनेकों उपाय है चलिये और कुछ छोटे-छोटे उपाय कर अपने बच्चों की मदद करें। 1)बच्चों का पढ़ने का एक ही जगह होना चाहिए ये नहीं कि वो कभी बैडरूम में पढ़ाई कर रहे या ड्राइंग रूम में या फिर कही और। एक जगह दीजिये जाय जहाँ वो पढ़ाई कर सके । 2)प्रकाश की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए । 3)बच्चें का मुख पढ़ाई के समय पूर्व या उत्तर की तरफ हो । 4)बच्चा जहाँ पढ़ाई करें उसके सामने बड़ी खिड़की या दरवाजा नहीं होना चाहिए । 5)बादाम और अखरोट जरूर खिलाये।
हम लोगो की मान्यता है कि माँ सरस्वती की पूजा करना लाभदायक होता है माता सरस्वती को विद्या की देवी कहा गया है अतः उनकी पूजा एवं उनके मंत्रो का जाप अति लाभदायक होगा । माता सरस्वती का मंत्र है :- 1)ॐ ह्रीं श्रीं सरस्वत्यै नमः। 2)ॐ ऎं सरस्वत्यै ऎं नमः।। अर्थ: देवी सरस्वती को प्रणाम। सरस्वती के इस मंत्र का जाप करने से बुद्धि और वाणी की शक्ति बढ़ती है। माता सरस्वती के प्रार्थना भी बच्चों को याद करवाना चाहिए । या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृताउम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी । |
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