1 से 12 तक के लग्न में कारक ,अकारक ,सम और भाग्योदय ग्रह
प्रिय पाठक,
नमस्कार।
आज मैं इस पोस्ट में हर लगन के कारक ग्रह , अकारक ग्रह और सम ग्रह की बात कुरूँगी।
कारक ग्रह सामन्यतः केंद्र ( प्रथम व् लग्न , चतुर्थ , सप्तम और दशम ) और त्रिकोण भाव (यानि लग्न , पंचम और नवम भाव) के स्वामी होते है ।कारक ग्रह -भाग्योदय ग्रह (karak garh)
कारक ग्रह वो ग्रह है जो आपके कुंडली मे अच्छे फल देने के लिए बाध्य है मतलब वो आपके कुंडली में अच्छे फल ही देंगे जबतक उनके ऊपर कोई नियम लागू न हो जाये मतलब यदि कारक ग्रह केंद्र या त्रिकोण में हो , अपने उच्च के राशि में हो , या कोई राजयोग का निर्माण कर रहे हो तो कारक ग्रह ही भाग्योदय ग्रह होता है।
और यदि कारक ग्रह 6 -8-12 भाव में हो या नीच के हो यदि ऐसा हुआ तो अच्छे फल की प्राप्ति नही होगी ।
अकारक ग्रह (akarak garh)
वह ग्रह जो आपके कुंडली मे कभी भी अच्छे फल नही देंगें जबतक उनपर भी कोई नियम लागू न हो जाये । जैसे
- अकारक ग्रह अपने घर में हो या उच्च के हो तो अपने भाव को खराब नही करते है ।
- अकारक ग्रह यदि विपरीत राज योग में आ जाये तो कुछ हद तक अच्छे फल प्राप्त हो सकते है ।
- यदि अकारक ग्रह नीच -भंग राज योग का निर्माण कर ले ।
सम ग्रह (sam garh)
जो आपके कुंडली में न बहुत अच्छा न खराब । कुंडली मे वो कौन से भाव मे बैठे है उसपर निर्भर करता है यदि केंद्र में है और शुभ ग्रह की दृस्टि भी हो तो अच्छे फल देंगे और यदि ये खराब भाव में हो जैसे 6-8-12 या नीच के हो , या दुर्योग बना रहे हो तो ख़राब फल देंगे।
कुंडली अनुसार कारक ग्रह , सम और अकारक ग्रह
वो ग्रह है जिनको कुंडली में दो अच्छे भाव मिले है और यदि वो ग्रह कुंडली मे अच्छे भाव में हो तो अत्यधिक अच्छे फल प्राप्त होंगे ।
मेष राशि :-
मेष राशि का स्वामित्व मंगल देव के हाथ मे है और मेष लग्न की कुंडली में
कारक ग्रह - मंगल , चंद्रमा , सूर्य और गुरु
अकारक ग्रह - बुध और शुक्र
सम ग्रह - शनि
वृषभ लग्न का स्वामित्व शुक्र को प्राप्त है:-
कारक ग्रह :- शुक्र, बुध , शनि ( अति योगकारक ग्रह है )
अकारक ग्रह :- चंद्रमा , मंगल गुरु
सम ग्रह :- सूर्य
मिथुन लग्न:-
अकारक ग्रह :- चंद्रमा , मंगल गुरु
सम ग्रह :- सूर्य
मिथुन लग्न:-
मिथुन लग्न का स्वामित्व बुध ग्रह को प्राप्त है:-
कारक ग्रह :- बुध , गुरु, शुक, शनि
अकारक ग्रह :- चंद्रमा , सूर्य , मंगल
कर्क लग्न:-
कर्क लग्न का स्वामित्व चंद्रमा को मिला है :-
कारक ग्रह :- चंद्रमा , गुरु मंगल (अति योगकारक ग्रह)
अकारक ग्रह :- बुध ,शनि ,सूर्य (सूर्य अग्नि है और चंद्रमा जल है अतः दोनों ने एक दूसरे को अकारक ग्रह मानते है)
सम ग्रह :- शुक्र
सिंह लग्न :-
सूर्य को सिंह लग्न का स्वामित्व प्राप्त है :-
कारक ग्रह :- सूर्य , गुरु , बुध , मंगल ( अति योगकारक ग्रह )
अकारक ग्रह :- शनि , चंद्रमा
सम ग्रह :- शुक्र
कन्या लग्न :-
बुध को कन्या लग्न का स्वामित्व प्राप्त है :-
कारक ग्रह :- बुध, गुरु, शुक्र , शनि
अकारक ग्रह :- चंद्रमा सूर्य , मंगल
तुला लग्न :-
शुक्र ग्रह को तुला लग्न का स्वामित्व प्राप्त है :-
कारक ग्रह :- शुक्र , बुध, शनि ( अति योगकारक)
अकारक ग्रह :- मंगल, गुरु, सूर्य
सम ग्रह :- चंद्रमा
वृश्चिक लग्न :-
मंगल को वृश्चिक लग्न का स्वामित्व प्राप्त है :-
कारक ग्रह :- मंगल , चंद्रमा , गुरु, सूर्य
अकारक ग्रह :- बुध , शुक्र
सम ग्रह :- शनि
धनु लग्न :-
गुरु को धनु लग्न का स्वामित्व प्राप्त है :-
कारक :- गुरु, बुध , मंगल , सूर्य
अकारक :- शनि , चंद्रमा , शुक्र
मकर लग्न :-
शनि को मकर लग्न का स्वामित्व प्राप्त है :-
कारक ग्रह :- शनि , बुध शुक्र
अकारक ग्रह :- गुरु,चंद्रमा, सूर्य
सम ग्रह :- मंगल
कुंभ लग्न :-
शनि को कुंभ लग्न का स्वामित्व प्राप्त है :-
कारक ग्रह :- शनि , बुध, गुरु शुक्र ( अति योगकारक ग्रह)
अकारक ग्रह :- चंद्रमा , सूर्य
सम :- मंगल
मीन लग्न:-
गुरु को मीन लग्न का अदिपत्य प्राप्त है :-
कारक :- गुरु, बुध , चंद्रमा , मंगल
अकारक :- सूर्य , शुक्र, शनि
उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद
Happy Beginning...
आपलोग अपने किसी भी समस्या के समाधान के लिए मुझे संपर्क कर सकते है।
सबसे महत्वपूर्ण:-
1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।
My Email is santwanadutta1974@gmail.com

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