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राहु का नक्षत्र परिवर्तन - अपने मित्र शुक्र के नक्षत्र में :-6 राशियों को मिलेगा लाभ और आशीर्वाद ।

राहु का नक्षत्र परिवर्तन -भरणी नक्षत्र( अपने मित्र -शुक्र के नक्षत्र )  में परिवर्तन 14  जून से 20  फ़रवरी 2023 

शुभ  राहु हो कुंडली में तो  राहु देव  व्यक्ति को जमीन से आसमान तक ले जाने ( छप्पर फाड़ कर देना की ) क्षमता रखते है।  



प्रिय पाठक 

नमस्कार। 

आज फिर से मैं एक अच्छे विषय की चर्चा करुँगी।  आज गोचर की बात होगी।  

राहु देव का गोचर मेष राशि में हुआ है और हम सभी जानते है कि किसी भी राशि में राहु / केतु 18 महीने तक रहते है।

  गोचर के समय कोई भी ग्रह तीन नक्षत्र से भी भ्रमण करते है चूकिंअभी राहु देव मेष राशि में है और मेष राशि के कौन से नक्षत्र होते है :- अश्वनी , भरणी और कृतिका।  अश्वनी नक्षत्र के स्वामी -केतु देव , भरणी  नक्षत्र के - शुक्र देव और कृतिका नक्षत्र के -सूर्य देव होते है।  परन्तु राहु देव की उल्टी चाल है अतः पहले राहु देव कृतिका में थे और 14  जून से भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगें। 

14 जून से 20 फरवरी 2023 तक राहु देव का गोचर अपने गुरु शुक्र देव के नक्षत्र में होगा।  चेला राहु अपने गुरु शुक्र के नक्षत्र में  होंगें।  

राहु का फल जैसा हम जानते है जिस राशि में रहता है उसके जैसा , जिस ग्रह के साथ रहता है उसके जैसा होता है और जिस नक्षत्र में होता  तो उसके जैसा फल प्राप्त होता है।  

चलिए सबसे पहले ये जानते है कि राहु किसके कारक है :-

  • राहु रहस्य का करक है। 
  • राहु छलावा का कारक होता है।  
  • राहु भ्रम का कारक है।  
  • राहु धोखा का प्रतिक होता है।  
  • राहु को सहस का कारक ग्रह माना गया है।  
  • व्यक्ति को अकस्मात् और तेजी से सफलता का कारक है राहु देव। 
  • व्यक्ति को राजनीति और मीडिया की दुनिया में सफलता का कारक है राहु देव।   
  • राहु झूठ या असत्य का कारक होता है।   
  •  राहु देव  को  वाणी में कठोरता का कारक माना गया है।  
  • राहु देव चोरी - अपराधी प्रवृति , असामजिक कार्य , जुआ - सट्टा आदि का कारक है।  

शुक्र देव किसका करक है :- 

  • शुक्र देव भोग -विलाश के कारक ग्रह है। 
  • शुक्र देव जीवन में सभी भौतिक सुख जैसे बंगाल -गाड़ी के कारक ग्रह है।  

चलिए जानते है कौन से भाग्यशाली राशि जिसपर रहेंगे राहुदेव कृपा :- 

मिथुन राशि :-

मिथुन राशि में राहु अभी एकदश भाव में विराजमान है और मिथुन राशि में राहु का अपने मित्र  शुक्र देव के नक्षत्र में होने से :-

  • एकदश भाव इच्छापूर्ति का भाव है तो यहाँ राहु देव आपकी सभी प्रकार की मनोकामना पूरी करते नजर आयेगें। 
  • एक से अधिक आय के अधिक स्त्रोत्र उपलब्ध करवायेगें।  कोई भी निर्णय सोच कर  लेना है क्युकिं यदि राहु देव आपकी कुंडली में भी अच्छे प्रभाव में नहीं है  तो राहु देव का ये गोचर आपको अपने जीवन में तेज गति से बढ़ने में मदद तो करेंगें परन्तु अधिक तेजी आपको बाद में नुकशान पंहुचा सकती है।  
  • राहु देव दृस्टि पंचम भाव में होने आकस्मिक धन लाभ के योग बनेगें जैसे शेयर मार्किट , जुआ , सट्टा , लॉटरी से धन प्राप्त होने की सम्भावन है।  

नोट :- राहु देव  की प्रवृति है कि  जल्द से जल्द धनवान बनने के लालच व् भ्रम देना अतः सलाह है कि  बिना सोचे -समझे पैसा नहीं लगा दीजियेगा। 

कर्क राशि :-

कर्क  राहु देव दशम भाव में है और शुक्र के नक्षत्र में होने से :-

  • आपके कर्म क्षेत्र में एक से अधिक संभावना प्रदान करेंगें परन्तु जैसा कि आपको पहले ही कहा गया है राहु देव बहुत तेज गति से बढ़ाते है अतः सभी प्रकार से लाभ -हानि पर विचार कर अपने व्यवसाय में निर्णय लेना है।  
  • यदि आप कंप्यूटर या किसी भी प्रकार के इलेट्रॉनिक से जुड़े कार्य करते है तो आपको लाभ प्राप्त होगा।  
  • आपका ट्रांसफर हो सकता है या स्थान परिवर्तन हो सकता है यदि आप अपना ट्रांसफर चाहते है तो जरूर कोशिश कीजिये।  प्रमोशन के साथ होने की संभावना हो सकती है।  
  • सभी प्रकार के भौतिक सुख की प्राप्ति करेंगें जैसे भूमि-वाहन-भवन और सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक सामान का लाभ प्राप्त होगा।  

सिंह राशि :-

राहु देव सिंह राशि भाग्य भाव में है और शुक्र के नक्षत्र होने के कारण :-

  • भाग्य का साथ आपके परिश्रम से जोड़ेगें।  मतलब आप जितना परिश्रम आपको उसका लाभ जरूर प्राप्त होगा। 
  • राहु की उपस्तिथि  से ज्यादा धार्मिक होना अच्छा नहीं है क्यूकि राहु को बहुत ज्यादा धार्मिक होना या कार्य पसंद नहीं है।  
  • आपको आकस्मिक लाभ प्राप्त होंगे।  आप शेयर से , लॉटरी , जुआ और सट्टा से लाभ प्राप्त करें।  नोट - राहु की स्थिति कुंडली में जरूर देख लीजिये।  

तुला राशि :-

तुला राशि के लिए राहु सप्तम भाव में अपने गुरु शुक्र की नक्षत्र में होंगें  से :-

  • राहु देव जीवन साथी के भाव में आपका एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स हो सकता है  और आपके लिए पश्चात्प की स्थति उत्पन हो सकती है।  
  • अपने जीवन साथी को अपने जीवन में महत्त्व दे।  नहीं तो घर का झगड़ा रास्ते  और फिर कोर्ट -कचहरी तक पहुंच जाएगी।  
  • आपके परिश्रम अनुरूप आपको लाभ मिलेगा। 
  • आपके आय के स्त्रोतों में वृद्धि करते नजर आएंगे।  आप अपने व्यवसाय को बढ़ाये। सोच समझ कर , लाभ -हानि का निर्णय लेकर ही अपने व्यवसाय का विस्तार करें।  

सलाह :- अपने भावनाओं पर नियंत्रण रखें।  

मकर  राशि :-

मकर राशि के कुंडली में चतुर्थ भाव में अपने मित्र  शुक्र  के नक्षत्र में रहेंगें 

  • आपको भूमि - भवन - वाहन का सुख प्राप्त होगा।  आप इस वक़्त यदि आप घर लेना कहते है तो प्रयास करें।  हाँ आँख बंद कर  किसी पर विश्वास नहीं करना है चाहे वो कितना भी बड़ा बिल्डर क्यों न हो।  
  • आपके कर्म क्षेत्र में तेजी प्रधान करेंगे।  आपको अपने किसी भी निर्णय को लेने से किसी बड़े या पिता सामान व्यक्ति की सलह जरूर लेना चाहिए।  
  • आप यदि विदेश जाने या सेटलमेंट का सोच रहे है तो जरूर कीजिये आपको सफलता मिलेगी। 

कुंभ  राशि :-

कुंभ राशि में राहु देव पराक्रम भाव में अपने मित्र शुक्र के नक्षत्र में है :- 

  • आप जो भी मेहनत करेंगे आपको मेहनत के अनुरूप फल प्राप्त होंगें. 
  • आपको अपने भाई बहन से रिश्ते सँभालने होंगें। 
  • आपको अपने जीवन साथी को महत्व देना है उनके साथ अच्छा व्यवहार रखना है।  
  • भाग्य का साथ आपको प्राप्त होगा  आप जो भी कार्य करेंगें आपको सफलता मिलेगी।  
  • आपके आय में वृद्धि होगी और एक से अधिक आय के स्त्रोत प्राप्त होंगें। 



धन्यवाद
Happy Beginning...
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