रक्षा बंधन में पूजा की थाली में क्या क्या रखें और क्यों ? भाईयों को अपनी बहन को उपहार क्यों देना चाहिए ?
प्रिय पाठक ,
नमस्कार।
रक्षा बंधन व् राखी भाई और बहन के बीच का सबसे पवित्र बंधन जो आज से नहीं युगों से चला आ रहा है ।
इस दिन बहन अपने भाई के कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और भाई अपने बहन की रक्षा करने की जिम्मेदारी लेता है ।रक्षा बंधन का दिन हमारे हिंदुस्तान में एक उत्सव की तरह मानते है ।
कुछ बाते है जो रक्षा बंधन के दिन बहन और भाई को विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि ये त्योहार भाई बहन के बंधन को और मजबूत कर सके ।
राखी बांधने के समय किन बातों का ध्यान रखें ?
- हमेशा रक्षा सूत्र जब बहन बांधती है तो भाई का चहरा पूर्व या उत्तर की तरफ होना चाहिए ।
रक्षा बंधन में पूजा की थाली में क्या क्या रखें और क्यों ?
बहन अपने भाई को राखी बांधते वक्त श्रीफल जरूर दे ताकि उनके भाई के जीवन में सब शुभ हो ।
बहन अपने भाई को मिठाई जरूर दे ताकि दोनो भाई बहन का संबंध में मिठास बना रहे ।
भाईयों को अपनी बहन को उपहार क्यों देना चाहिए ?
बहन आपकी उस दिन लक्ष्मी स्वरूप होती है अतः अपने बहन का आदर करें और उन्हें उपहार जरूर देना चाहिए ।
यदि भाई अपने बहन को उपहार देता है तो भाई अपने जीवन में उन्नति और तरक्की जरूर करता है ।
रखी का त्योहार हमेशा से श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है । इस बार भी पूर्णिमा 30 तारीख को सुबह 10.58 से शुरू होकर 7.05 सुबह 31 अगस्त तक रहेगा।
राखी 30 या 31 तारीख़ किस दिन मानना चाहिए ?
रखी का त्योहार हमेशा से श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है । इस बार भी पूर्णिमा 30 तारीख को सुबह 10.58 से शुरू होकर 7.05 सुबह 31 अगस्त तक रहेगा।
राखी 30 या 31 तारीख़ किस दिन मानना चाहिए ?
रक्षा बंधन 30 या 31 तारीख को मनाई जाएगी ।
वैसे तो पूर्णिमा 30 तारीख को 10.58 सुबह शुरू हो जायेगा और 31 तारीख को 7 बजकर 5 मिनिट तक रहेगा परंतु भद्रा समय में राखी अपने भाई को नही बंधना चाहिए ।
पूर्णिमा के साथ साथ भद्र तिथि भी शुरू हो जाएगी और जो रात 9 बजकर 01 मिनट तक रहेगा ।
अतः रक्षा बंधन 30 अगस्त रात 9.02 से रक्षा सूत्र बांध सकती है या रक्षा बंधन माना सकती है ।
31 अगस्त को उदया तिथि तक पूर्णिमा है अतः 31 तारीख़ को भी रक्षा बंधन माना सकते है।
रखी बांधने का शुभ समय क्या है ?
- 30 अगस्त रात 9.02 से अर्ध रात्रि तक रक्षा सूत्र बांध सकते है।
- 31 अगस्त 7 . 05 पूर्णिमा है आप पूर्णिमा तिथि में रक्षा सूत्र बांध सकते है।
Raksha Bandhan ki thali me kya rakhna chahiye ?
Raksha Bandhan aur Shree Krishna .
what is the time of Rakhi 2023?
हमारे जीवन में कोई भी पर्व त्योहार यदि हम मानते है तो कोई न कोई पौराणिक कथा का या तथ्य से जुड़ी होती है ।
रक्षा बंधन का त्योहार एक पौराणिक कथा के मतानुसार जब श्री कृष्ण ने शिशुपाल का अपने सुदर्शन चक्र से वध किया था तो इस कार्य में श्री कृष्ण की कनिष्ठा अंगुली से रक्त प्रवाह हो रहा था तब द्रौपदी ने तुरंत ही अपने आंचल का एक टुकड़ा फाड़कर श्री कृष्ण के हाथ में बांध दी थी ।
तभी श्री कृष्ण ने द्रौपदी को अपनी सखा के साथ साथ बहन माना और कहा की आज से किसी भी प्रकार का कोई कष्ट हो तुम्हारा भाई तुम्हारी रक्षा और मदद जरूर करेगा ।
अतः जब हस्तिनापुर की भरी सभा में द्रौपदी का चिरहरण हो रहा था तब किसी की भी सहायता न पाने में असमर्थ होने पर श्री कृष्ण को सहायता के लिए पुकारा था और तब श्री कृष्ण ने द्रोपदी की रक्षा की थी और अपना धर्म निभाया था ।
जीवन के हर क्षण श्री कृष्ण की लीला से सुशोभित है ।
हर क्षण में श्री कृष्ण ने बहुत ही सुंदर उदाहरण से समझाया है ।
बोलते रहिये राधे कृष्णा राधे कृष्णा राधे कृष्णा
उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद
Happy Beginning...
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सबसे महत्वपूर्ण:-
1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।
My Email is santwanadutta1974@gmail.com

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