प्रिय पाठक,
नमस्कार ।आज फिर से अच्छे बहुत अच्छी जानकारी साझा करूंगी ।आज बात करूंगी करवा चौथ व्रत की ।
अच्छी अनुभूति होती है महिलाओं का सबसे प्रिय व्रत में से एक व्रत ।
इस दिन महिला पूर्ण दुलहन की तरह सजती और संवरती है सभी लाल , पीली, हरी और गुलाबी रंग की साड़ी में होती है और सब अपने हाथों में मेंहदी , रंग बिरंगी चूड़ियां, मांग पूरा सिंदूर से भरा , बिंदी और दुलहन वाली सजावट कर सभी बहुत खूबसूरत लगती है ।
महिलाओं के लिए विवाह एक अत्यंत सुखद अनुभव होता है और ये व्रत महिलाएं को सजने संवरने, दुलहन जैसी दिखने का अवसर प्रदान करता है महिलाएं इस पल को अनुभव भी करती है और जीना भी चाहती है अतः ये दिन बहुत ही खुशनुमा दिन है ।
करवा चौथ का ये पर्व महिलाए अपने
- पति की लंबी उम्र के लिए ।
- उनके उत्तम स्वास्थ के लिए
- अपने और अपने पति के बीच शीतलता पूर्ण संबंध के लिए रखती है ।
करवा चौथ कब मनाया जायेगा ? करवा चौथ का पूजा का शुभ मुहूर्त कब है ?, चंद्र उदय कितने बजे होगा ?
करवा चौथ कार्तिक मास के कृष्णा पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत मनाया जाता है।
- करवा चौथ इस साल 13 अक्टूबर 2022 गुरुवार को मनाया जायेगा।
- पूजा का समय शाम 5 बजे 54 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 09 मिनट तक है ।
- इस बार चंद्र दर्शन भी जल्द होगा । चंद्रोदय शाम 8 बजकर 9 मिनट को होगा ।
सभी जानते है कि करवा चौथ के दिन सुबह से निर्जला उपवास रखती है और शाम को पूजा के उपरांत और चंद्र दर्शन कर , चंद्र को अर्ध देकर ही जल ग्रहण करती है ।
करवा चौथ के दिन किन -किन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए ??
वैसे आज कल बहुत लोग करवा चौथ का व्रत करना फैशन मानते है परंतु
- आप जान ले ये व्रत का फल तभी प्राप्त होता है जो आप इस व्रत को पूर्ण श्रद्धा और आदर के साथ करें ।
- आप करवा लाती है वो चटकी या कही से टूटी नहीं होनी चाहिए।
- ये व्रत माता पार्वती ,शिव भगवान , गणेश और कार्तिके अर्थात सम्पूर्ण परिवार को समर्पित है आज के दिन शिव परिवार की पूजा का विधान है। अतः शिव परिवार के फोटो हो या मूर्ति अच्छी अवस्था में हो।
- आपका श्रृंगार , चूड़ियां और वस्त्र सभी अच्छी अवस्था में हो। चटकी चूड़ियां , फटे वस्त्र या चुनरी नहीं पहनना चाहिए
करवा चौथ की पूजा विधि :-
- करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर अपने सास के हाथ से सरगी (सरगी में मिठाई , फल , सवैया , पूरी और श्रृंगार का सामान दिया जाता है ) लेने के बाद ही व्रत का संकल्प ले ।
- वैसे तो ये व्रत निर्जला रखा जाता है परंतु यदि आप पूर्ण रूप से नही कर पाते है तो आप फल , नारियल पानी का सेवन कर सकते है ।
- शाम को करवा चौथ की पूजा विधि विधान से करें , कथा सुने । बड़ों का आशीर्वाद ले।
- चद्रमा को अर्ध दे। चंद्रमा का पूजा करें।
- करवा चौथ के दिन महिलाये अपने पति को छलनी से देखती है।
- उसके बाद पति द्वारा पानी पिलाने के बाद पत्नी व्रत खोलती है।
करवा चौथ के दिन क्या नहीं करना चाहिए ??
- करवा चौथ के दिन सफेद , नीला ,और भूरा वस्त्र न पहने ।
- करवा चौथ के दिन दोपहर के समय सोना नहीं चाहिए।
- इस दिन नाख़ून , बाल काटने से बचे।
- इस दिन किसी को भी सफ़ेद चीजों का दान न करें जैसे दूध , दही और चावल आदि।
- कैंची या नुकीली वास्तु व् सुई के इस्तेमाल से बचे।
- उस दिन आप व्रत करते है , पूजा करते है अतः व्रत शुद्ध भोजन ही ग्रहण करें।
- महिलाएं किसी बड़ो का अपमान नहीं करें या वाद -विवाद से बचें।
चन्द्रमा को अर्ध देने के नियम क्या है ?
- करवा चौथ के दिन जब आप चन्द्रमा को जल चढ़ाते है तो आपका हाथ और जल आपके ह्रदय के पास होना चाहिए।
- जल जो जमीन पर गिरता है वो आपके पैर से नहीं लगें अतः कोई बाल्टी या गमला जरूर रख ले।
न्यवाद
Happy Beginning...
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सबसे महत्वपूर्ण:-
1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।
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