प्रिय पाठक,
नमस्कार ।आज इस पोस्ट में पूरे देश में धूम धाम से बनाने वाले उत्सव की बात होगी । आज कान्हा जी के जन्मदिन की बात होगी ।
जन्माष्टमी कब है ? Janmashtami 2023
भाद्रपद मास के कृष्णा पक्ष की अष्ठमी तिथि को श्री कृष्ण का जन्म हुआ है
इस बार 6 सितम्बर सुबह 9 बजकर 21 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र से शुरू होकर 7 सितम्बर सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।
अष्टमी तिथि 3.38 दोपहर को शुरू हो जायेगी।
चंद्रमा भी वृषभ राशि में ही होगा।
अतः इस बार 6 सितम्बर 2023 को ही मनाया जायेगा और व्रत भी रहेगा।
शुभ मुहूर्त 6 सितम्बर को रात 11. 57 बजे से मध्य रात्रि 12. 42 बजे तक मनाया जायेगा।
हम सब कान्हा जी का जन्म से जुड़ी कहानी को जानते है । ये भी जानते है कैसे मामा कंस ने श्री कृष्ण के 7 भाइयों की हत्या की ।
और फिर अवतार हुआ इस युग को धर्म और प्रेम की परिभाषा सीखने वाले श्री कृष्ण की ।
आज इस पोस्ट में आप जानेंगे की जन्माष्टमी के दिन कान्हा जी की पूजा कैसे करे और राशि अनुसार ऐसा क्या भोग लगाए जिससे कान्हा जी खुश हो जाए ।
जन्माष्टमी के दिन बहुत लोग व्रत रखते है जैसा सभी जानते है कि उनका जन्म रात को 12 बजे हुआ था अतः हमारे देश के मंदिरों में सभी जगह कान्हा जी की पूजा रात्रि 12 जैसे बजता है वैसे ही प्रारंभ होती है ।
हर घर में कोई शाम से पूजा करते है कोई रात को जन्म के उपरांत करते है ।
कान्हा जी की पूजा विधि :-
- सबसे पहले कान्हा जी को पंचामृत से स्नान कराया जाता है ,
- उनको नए वस्त्र पहनाए जाते है । फिर उनकी पूजा होती है।
- मंत्रोचार से सम्पूर्ण वातावरण गूंज उठता है और फिर उनकी आरती होती है ।
- घर को सजाया जाता है । कान्हा जी के लिए झूले बनाए जाते है और फूल से , नए वस्त्र से सजाया जाता है ।
- 5 तरह के फल , पंचामृत , सूखा मेवा , नारियल , लड्डू और मिठाई भोग लगाए ।
- कान्हा जी को भोग में तुलसीदल जरूर चढ़ाए ।
5 महत्वपूर्ण चीजें पूजा में सामिल जरूर करें जो कृष्ण को प्रिय है ।
- जन्माष्टमी के दिन बांसुरी जरूर पूजा में रखें जैसा सभी जानते है कि राधा रानी को कृष्ण अपनी मधुर बांसुरी की धुन से ही तो बुलाते थे अतः कृष्ण को बांसुरी बहुत पसंद है ।
- लड्डू गोपाल के लिए छोटा सा झूला जरूर लाए और कान्हा को जरूर पूजा के उपरत झुलाए ।
- कान्हा को मोर पंख जरूर चढ़ाए। कान्हा के सिर पर हमेशा मोरपंख सुशोभित रहता है ।
- कान्हा के सामने सफेद गाय की मूर्ति जरूर रखें जैसा आप लोग जानते है कि श्री कृष्ण को गाय बहुत पसंद थी ।
- कान्हा जी को वैजंती की माला जरूर चढ़ाए यदि आपको मिले तो उनको बहुत पसंद है ।
कृष्ण अष्टमी के दिन क्या काम करना चाहिए और क्या काम नहीं करना चाहिए ??
- कृष्ण अष्टमी के दिन आप कान्हा जी की पूजा शाम या रात में जरूर करें ।
- भोग में तुलसी का प्रयोग जरूर करें परंतु इस बात का ध्यान रखे की तुलसी के पत्ते आप शाम से पहले ही तोड़ लें ।
- यदि आप ने व्रत रखा है तो अतिउत्तम है और नही तो उस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें ।
- कान्हा जी को नए वस्त्र राशि अनुसार पहना पाए तो बहुत अच्छा नहीं तो आप पीले रंग का हो तो भी अच्छा रहेगा।
- भोग में माखन और मिश्री जरूर लगाए ।
- कृष्ण अष्टमी के दिन तुलसी जी के पास एक दीया जरूर लगाए ।
- कृष्ण अष्टमी के दिन किसी जरूर मंद को खाना जरूर खिलाए ।
मेष राशि :-
मेष राशि वाले कान्हा को लाल वस्त्र धारण करवाये और बूंदी के लड्डू का भोग जरूर लगाए।
वृषभ राशि :-
वृषभ राशि के जातक चमकीले सफ़ेद वस्त्र कान्हा जी को पहनाये और माखन और मिश्री का भोग जरूर लगाए।
मिथुन राशि :-
मिथुन राशि के लोग हरे रंग का वस्त्र अर्पित करेंगें और साथ ही साथ आप दही का भोग भी लगाएं।
कर्क राशि :-
कर्क राशि के जातक सफ़ेद रंग का वस्त्र कान्हा जी को अर्पित करें। आप दूध का भोग जरूर लगाएं।
सिंह राशि :-
सिंह राशि के जातक को गुलाबी रंग के वस्त्र अर्पित करें और माखन और मिश्री का भोग लगाए।
कन्या राशि :-
कन्या राशि वाले जातक कान्हा जी को हरे रंग का वस्त्र अर्पित और मेवे का भोग लगाए।
तुला राशि :-
तुला राशि के जातक सफ़ेद वस्त्र कान्हा जी को अर्पित करें और भोग में दही का भोग जरूर लगाए।
वृश्चिक राशि :-
वृश्चिक राशि वाले कान्हा को लाल वस्त्र धारण करवाये और बूंदी के लड्डू का भोग जरूर लगाए।
धनु राशि :-
धनु राशि जातक पीला वस्त्र अर्पित करें और आप बेसन का लडडू का भोग लगाए।
मकर राशि :-
मकर राशि वाले जातक नीले रंग का वस्त्र अर्पित करें और माखन और मिश्री का भोग जरूर लगाए।
कुंभ राशि :-
कुम्भ राशि वाले जातक नीले रंग का वस्त्र अर्पित करें और माखन और मिश्री का भोग जरूर लगाए।
मीन राशि :-
मीन राशि जातक पीला वस्त्र अर्पित करें और आप बेसन का लडडू का भोग लगाए।
उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद
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