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ग्रह और राशियों का लिंग् कैसे निर्धारित करते है और आप किसी व्यक्ति में क्या जान सकते है?

ग्रह और  राशियों का लिंग् कैसे निर्धारित करते है और आप किसी व्यक्ति या परिस्थिति  में क्या जान सकते है। 

Planet and Zodiac 

प्रिय पाठक ,

नमस्कार।  



 किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व में क्या जान सकते है ?

चलिए आज बात ज्योतिष सीखो के अंतर्गत आज राशियों के लिंग यानि Gender की बात करुँगी और उनका किस तरह से उपयोग होता है ये जानेगें। 

जैसा आप सब जानते है कि 12  रशिया होती है और 9 ग्रह होते है।  और 7  ग्रह को राशियां प्रधान की गयी है। 

जैसे 

सूर्य ( Sun ) :- सिंह राशि 

चन्द्रमा ( Moon ) :- कर्क राशि 

मंगल (Mars):- मेष और वृश्चिक राशि 

बुध ( Mercury ) :- मिथुन और कन्या राशि 

गुरु ( Jupiter ):- धनु और मीन राशि 

शुक्र ( Venus ) : वृषभ और तुला राशि 

शनि ( Saturn ) :- मकर और कुम्भ राशि 


पुलिंग ( Male Gender ) कौन से ग्रह होते है ?

ज्योतिष में  पुलिंग ग्रह ( Male Gender )  सूर्य , मंगल और गुरु ग्रह को मन गया है। 


स्त्रीलिंग ग्रह ( Female  Gender ) कौन से ग्रह को माना गया है ?

ज्योतिष में स्त्रीलिंग ( Female  Gender )  चन्द्रमा और शुक्र ग्रह को मन गया है। 

नपुंसक लिंग ग्रह  कौन कौन से ग्रह है ? 

नपुंसक लिंग में बुध और शनि ग्रह को माना  गया है और कहीं कहीं पर शनि, राहु और  को स्त्रीलिंग भी माना गया है। 

क्यों शनि और बुध को नपुंसक लिंग मानते है उसका कारण ये है कि ज्योतिष में शनि बूढ़े व्यक्ति को माना  गया है और बुध को बच्चा ग्रह की संज्ञा प्राप्त है। 


राशियों को दो भागो में बांटा गया है :-पुलिंग ( Male Zodiac )और स्त्रीलिंग ( Female Zodiac ) 

पुलिंग में  मेष ( Aries) ,मिथुन( Gemini ) ,सिंह ( Leo ),तुला ( Libra ),  धनु ( Sagittarius)  ,कुम्भ ( Aquarius )   (1,3,5,7,9,11)है। 

स्त्रीलिंग में :- वृषभ ( Taurus ), कर्क ( Cancer ),कन्या( Virgo) , वृश्चिक ( Scorpio ) ,मकर ( Capricorn) और मीन (Pisces ) राशि (2,4,6,8,10,12 )  आती है। 


ग्रह हो या राशियाँ लिंग निर्धारण जब करते है तो आपको क्या पता चलता है ?

आप अपनी या अपने रिस्तेदार का कुंडली खोलिये या बनाये और देखे कि आपके कुंडली के कितना ग्रह आपके पुलिंग राशियों में आती है यानि (1,3,5,7,9,11) नंबर की राशि में। 

और कितने ग्रह  आपके स्त्रीलिंग राशि मे (2,4,6,8,10,12 ) राशियों में आती है।  

यदि आपका 5  या 5  से अधिक ग्रह  पुलिंग राशि यानि (1,3,5,7,9,11)  में कुंडली में उपस्थित है तो आपके अंदर पुरुष  स्वाभाव देखा जा सकता है और यदि आपके कुंडली में 5  या 5 से अधिक ग्रह स्त्रीलिंग राशि  (2,4,6,8,10,12 ) राशियों में है तो आप में  स्त्री स्वाभाव या गुण  अधिक होंगें। 

आप कहेंगें इस में नया क्या है जी इस में नया ये है कि यदि पुरुषों की कुंडली में 5  या 5 से अधिक ग्रह स्त्री राशि  (2,4,6,8,10,12 ) राशियों में है तो 

उनका स्वाभाव  भी कोमल , मृदु , देखभाल करने में आगे ,

 झगडे से दूरी बनाये रखना , 

आपको किचन में मदद करते नजर आएंगे

 और बच्चों की देखभाल में भी बड़ा योगदान रहेगा यानि स्त्री गुण भी पाए जायेंगें।

  हाँ यदि अधिक ग्रह है तो आपको अंतर या difference  नज़र आएगा। 


और यदि महिलोओं में 5  या 5  से अधिक ग्रह  पुलिंग राशि यानि (1,3,5,7,9,11)  में कुंडली में उपस्थित है तो आपके अंदर पुरुष  स्वाभाव देखा जा सकता है यानि जाएदा ग्रह हुए तो आपको लोग टॉम बॉय बोलकर बुलाएंगें।  

और यदि पुरषों में  6  या 7 ग्रह  पुरुष राशि में हुए तो उनमे पुरषों सा स्वाभाव के साथ साथ अहंकार भी होगा।  

और यदि महिलाओं में  6 से 7  ग्रह हुए तो उनका जीवन पूरी तरह अपने परिवार के प्रति समर्पित होता है उनमे मातृत्व की भावना अध्याधिक होगी। 

आईये कुंडली से समझते है :- 



ऊपर की कुंडली में पुरुष राशि तुला राशि में 3  ग्रह ( सूर्य , मंगल और शनि ) , सिंह राशि में 2 ग्रह ( बुध और शुक्र ) और धनु में 1 ग्रह ( चन्द्रमा )  है यानि 6 ग्रह पुरुष राशि में है अतः जातक या जातिका का स्वाभाव पुरुष के गुण  का अधिपत्य होगा।  


लगन पर यदि पुरुष ग्रह सूर्य ,मंगल या गुरु  का प्रभाव या उपस्थति या राशि हो तो जातक में पुरुषों के गुण होंगें। 

और यदि लगन पर स्त्री ग्रह  जैसे चन्द्रमा और शुक्र का प्रभाव या स्त्री राशि होगी तो जातक में स्त्री गुण  अधिक होंगें। 

ज्योतिष में इस तरह आप किसी भी जातक का व्यक्तित्व के बारे में या स्वाभाव के बारे में पता कर सकते है। 

आप के जानकारी में कोई स्त्री पुलिस या सेना में है या खेल में है आप उनकी कुंडली देख कर ये जान सकते है कि उनका स्वाभाव कैसा है। 


ग्रह की बात करेंगें।  लगन आपको पता है यदि नहीं तो नीचे चित्र से समझेगें।  



पहला घर  या भाव को लगन कहते है जहाँ आपको 1  नंबर लिखा हुआ है।  

ऊपर की कुंडली में मेष राशि है जो पुरुष राशि है। 

मंगल की चौथी दृस्टि लगन पर है। 

सूर्य का सप्तम दृस्टि लगन पर ही है अतः हम कहेंगें इस जातक का स्वभाव में पुरूष गुण ज्यादा ही रहेगा।  


 


2 )  दूसरी कुंडली में जातक या जातिका का स्वाभाव में स्त्रीत्व भाव अधिक होगी।  

इस कुंडली में जातक या जातिका का लगन में वृषभ राशि है जो स्त्री लिंग है और शुक्र का लगन में बैठना और चन्द्रमा की सप्तम दृस्टि लगन पर होना भी जातक या जातिका को स्त्री स्वाभाव की प्रधानता रहती है।  


ज्योतिष में राशियों और ग्रह  के विचार से कन्या और पुत्र संतति का भी विचार किया जाता है परन्तु इस विद्या का दुरूपयोग न हो इसलिए कन्या और पुत्र संतति का पता लगाना कानून की नजर में अपराध मन गया है।  


उम्मीद है मेरे द्वारा दी हुई जानकारी आपको पसंद आयी होगी।  

धन्यबाद। 

आचार्या सांत्वना 

( Acharya Santwwana ) 

Mail :- ghyansetu33@gmail.com 












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