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अपरा एकादशी 2024 । ( Apara Ekadashi 2024 ) ।अपरा एकादशी 2 या 3 जून कब है ? एकादशी व्रत के दिन क्या नहीं खाना चाहिए?

 

अपरा  एकादशी (Apara Ekadashi 2024 ) 2 जून 2024 को शुरू होगी जैस्ट मास के कृष्ण   पक्ष को मनाई जाती है। 


प्रिय पाठक,

नमस्कार।  

मैं आचार्या सांत्वना आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।

आज इस पोस्ट में अपरा एकादशी की बात करूंगी ।




आज इस पोस्ट में आप जानेंगे :-

1)  अपरा एकादशी  कब है ?


2 )  अपरा एकादशी का विशेष महत्त्व क्यों है ? 

 

3) अपरा एकादशी का पूजन कैसे करना चाहिए ?

4 )  अपरा का सामान्य  नियम क्या है?

5 ) एकदशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए ?

6 ) एकादशी के दिन क्या दान करना शुभ रहता है ?



  अपरा एकादशी (Indira Ekadashi 2022)  कब है ?

अपरा  एकादशी (Apara Ekadashi 2024 )  मास के कृष्ण   पक्ष को मनाई जाती है। अपरा एकादशी 2 जून 2024 को  5 बजे सुबह शुरू होगी  जो 3 जून 2024 को रात 2 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। उदय तिथि 2 जून  होने के कारण  कल यानि 2 जून को मनाई जाएगी। 

जब भी आप एकादशी करते है तो आपके एक दिन पहले से ही मान्य होता है । आपको एकादशी से पहले दिन से ही मांस मदिरा का सेवन न करें ।।  


नोट :  उदया  तिथि का अर्थ है जिस तिथि में सूर्य उदय होता हो। 


2 )  अपरा एकादशी का विशेष महत्त्व क्यों है ? 

 ( Apara Ekadashi 2022) Importance

अपरा एकदशी अनजाने पाप से मुक्ति पाना का आसान सा दिन है।  इस दिन विष्णु भगवान् की पूजा की जाती है और अपने जीवन में  मोक्ष प्राप्ति का ये सरल उपाय है। 


एकादशी का व्रत और पूजा विधि

इस दिन विष्णु भगवान के शालिग्राम स्वरूप की पूजा की जाती है । उनको तुलसी दल अर्पित किया जाता है और ब्राह्मणों को दान दक्षिणा दिया जाता है ।

एकादशी तिथि है क्या ? ( Ekadashi Tithi )

हमारे हिन्दू धर्म मे एकादशी तिथि( Ekadashi tithi ) का बहुत महत्व है हर महीने दो एकादशी आती है एक शुक्ल  पक्ष की और दूसरी कृष्ण पक्ष की और पंचांग के अनुसार ग्यारवीं तिथि को ही एकादशी तिथि भी कहते है ।

एकादशी पूजा विधि ( Ekadashi pooja vidhi )

1) एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठे और  स्नान आदि क्रिया से निवृत्त होकर तैयार हो जाये ।
2) पीले वस्त्र धारण करें और पीला चंदन अपने मस्तिष्क पर जरूर लगाएं ।
3) विष्णु भगवान के सामने पीला फूल, पीला फल , धूप और तुलसी अर्पित करें ।
4) शुद्ध घी का एक दीपक प्रज्वलित करें ।
5) अगर संभव हो तो इस दिन व्रत जरूर करें और यदि पूर्ण व्रत न रख पाए तो एक समय उपवास कीजिये और 
    शाम को सात्विक भोजन ही ग्रहण करें ।
6) विष्णुसहस्रनाम का पाठ अति- उत्तम होता है और जितना हो सके नारायण के मंत्रो का जाप करें ।
7) आरती जरूर करें बिना आरती किये पूजा पूर्ण नही होती है ।
8) भोग में मेवा, पीला फल या ऋतु फल और पंचामृत का भोग जरूर लगाएं ।
9) तुलसी के पत्ते  भोग में जरूर होना चाहिए अन्यथा भोग पूर्ण नहीं होता है और मानते है कि तुलसी के बिना 
    भगवान विष्णु भोजन ग्रहण नही करते है ।
 

एकादशी व्रत के दिन नहीं खाना चाहिए? ( Don't Eat )


1)एकादशी के दिन  भोजन पूर्ण रूप से सात्विक होना चाहिये ।
2)भोजन में आप फल ,मेवा, आलू, साबूदाना, शकरकंद  सेंधा नमक,काली मिर्च  ,अदरक और दूध से बनी भोजन का प्रयोग कर सकते है ।
3)एकादशी के एक दिन पहेले से  तामसिक भोजन से बचें भोजन में मांस-मदिरा , प्याज़ - लहसुन ,मसूर की दाल का सेवन नही करना चाहिए ।

एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है जो जातक व्रत नहीं करते है।

एकदशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए ? ( Do and Don't)

  • एकादशी के दिन आपको मिथ्या या झूठ नहीं बोलना चाहिए। 
  • एकादशी के दिन आपको क्रोध , लोभ और धोखा देने की प्रवृति से बचना चाहिए। 
  • एकादशी के दिन आपको ब्रह्मचर्या का पालन करना चाहिए। 

एकादशी के दिन क्या दान करना शुभ रहता है ? ( Donation on Ekadashi )

एकादशी के दिन भगवन विष्णु की पूजा होती है और विष्णु भगवान  के पूजा में पिले फूल , फल , वस्त्र और अनाज का ही भोग लगता है  अतः 

एकादशी के दिन आपको पिले फूल और फल मंदिर में जरूर चढ़ाये।  

एकादशी के दिन पीला चावल और पीला चना की दाल का दान करें। 

एकादशी के दिन केला , गुड़ आप दान  कर सकते है या गौशाला में जाकर गाय को खिला सकते है।  

नोट :-  एकादशी के दिन किया का दान और पूजा  आपके जीवन में सभी प्रकार के कष्ट को दूर करेगा और आपके जीवन में समृद्धि लाएगा 


उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।


धन्यवाद
Happy Beginning...


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सबसे महत्वपूर्ण:-

1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ  उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो  परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।

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