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Numerology Tuutorial(Help you to change your destiny (future)- Lesson-1 ( अंक ज्योतिष का अध्यान- अघ्याय-1)

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Numerology Tutorial(Hindi) - Lesson-1 ( अंक ज्योतिष का अध्यान- अघ्याय-1)

अंकशास्त्र (नुमेरोलॉजी) (Numerology)   टुटोरिअल (Tutorial) में आपलोग अंकशास्त्र(नुमेरोलॉजी)के बारे में बहुत हद तक जान लेंगे और छोटे छोटे बदलाव करके आप अपने जीवन में अच्छा परिवर्तन का अनुभव कर सकते है।  

 इस संस्करण में आप लोगो जानेंगे :-

 1) नुमेरोलॉजी ( अंक शास्त्र  व् ज्योतिष ) क्या है?

2) अंको का क्या महत्व है?

3 ) अंको को कैसे  लिखा जाता है ?

4) अंको के प्रकर :-  1) मूलांक - जन्म दिवस  (Date of Birth)

                              2) मासांक - जनम महीना (Birth Month)

                              3) वर्षांक - जनम - वर्ष (Birth Year)

                              4) भाग्यांक (Destiny Number)

                              5) नामांक (Name Number)

 5) अभ्यास (Practice)

अघ्याय-1

आप लोगो ने नुमेरोलॉजी और अंक ज्योतिष  के बारे में सुना होगा ,क्या है ये ?

ये सवाल  मेरे जेहन में भी आया।   उत्सुकता बस मैंने भी इस विषय को  जानने के लिए छोटे छोटे बुक्स और इंटरनेट  का सहारा लिया।  और मैंने ये अनुभव किया की येबहुत ही समृद्ध विषय है ये और इसके बारे में  जानने की प्रवल  इच्छा हेतु मैंने बहुत सी  किताबों  का अध्यन किया।  क्यों और क्या अद्भुत है ये जानने के लिए आप  लोग मेरे इस सफर में साथ रहिये। 

 देखिये अंक शास्त्र (नुमेरोलॉजी)  एक ऐसा विषय है जिसको जानने और मानने मे किसी भी प्रकार का नुक्सान कभी भी नहीं होता बल्कि इसको जान कर और अपने जीवन में अपना कर,  आप आपने जीवन में बहुत तरक्की कर सकते और अपने जीवन के कठिन रास्ते को आसान बना सकते है।  हाँ " नीम हकीम खतरे जान " नहीं बनना है।  मतलब आधा ज्ञान हमेशा ख़तरनाक होता है।  विषय को अच्छे से जानना है चूकि ये विध्या है इसलिए धीरे धीरे हम इस विद्या को सीखेंगे। और अपने जीवन में होने बाले परिवर्तन को अनुभव करेंगे। 

 अंक- ज्योतिष ( नुमेरोलॉजी ) के  शब्दिक अर्थ से ही  पता चल जाता है यहाँ पर अंको के द्वारा  अंक शास्त्र  का ज्ञान प्राप्त होता है। यहाँ अंक ज्योतिष का भविष्य कथन 1 से 9 तक की संख्या पर   आधारित होता है।   अतः अंको की सहायता से भविष्य के विषय में जाना जा सकता है। 

 अंको का महत्व को चंद उदाहरण से समझते है :

1 )  आप का जन्म  दिवस  : आप कौन से दिन पैदा हुए ?

2 ) आप कौन से महीने पैदा हुए?

3) आप कौन से साल पैदा हुए ?

4 ) आपके  अपनों का जन्म दिवस एवं आपके मित्रो का जन्म दिवस इत्यादि 


हमारे चारो तरफ हमारी दुनिया अंको से घिरी है : टाइम कितना हुआ , सप्ताह के साथ दिन , महीने के 30  व् 31  दिन , साल में 12  महीने सब तो अंको की सहायता से बतलाया जाता है। 

 इसका  अर्थ ये हुआ की अंको का हमारे जीवन में बहुत  महत्व है  

1 से लेकर 9 तक के अंक मूल अंक कहे जाते है उसके बाद आने वाला अंको की पुनरावृति होती है चलिए जानते है इनको कैसे लिखा जाता है

 

1

11=1+1=2

2

12=1+2=3

3

13=1+3=4

4

14=1+4=5

5

15=1+5=6

6

16=1+6=7

7

17=1+7=8

8

18=1+8=9

9

19=1+9=10(1+0=1)

10 =1+0=1

20=2+0=2

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 




इसके बाद यदि हम 19 लेते है तो वह 1 + 9 =10= 1 +0 =1 हो जायेगा अर्थात 9 के बाद अंको की पुनरावृति होने लगती है इसलिए 9 तक के अंक , अंक जयोतिष के आधार माने गए है।  

अंको के प्रकार 

अंक शास्त्र में 5 प्रकार के अंक माने गए है:

1 ) मूलांकजन्म तिथि

मूलांक जातक का चित्र या परछाई होता है जो जन्म तिथि से ज्ञात होता है। जन्म  हो या कोई भी घटना अंग्रेजी की 1 से 31 तारीख तक माना गया है। चलिए कुछ उदहारण से समझते है

मान लीजिये 
1 ) 
जन्म तिथि 07 - 09 -1974 तो उसका मूलांक = 0 +7 = 7 होगा। जो की उसके जन्म के दिन के अंको का योग है। 

2) जन्म तिथि 14 -05-2014 है तो उसका मूलांक 1+4 =5 होगा। इकाई प्राप्त होने तक अंको को जोड़ना चाहिए। इस पद्धति से मूलांक निकला जाता है। नीचे दिए के टेबल से आप 1 से लेकर 31 तक मूलांक जान सकते है। 

1

11=1+1=2

21=2+1=3

2

12=1+2=3

22=2+2=4

3

13=1+3=4

23=2+3=5

4

14=1+4=5

24=2+4=6

5

15=1+5=6

25=2+5=7

6

16=1+6=7

26=2+6=8

7

17=1+7=8

27=2+7=9

8

18=1+8=9

28=2+8=10=1+0=1

9

19=1+9=10(1+0=1)

29-2+9=11=(1+1)=2

10 =1+0=1

20=2+0=2

30=3+0=3

31=3+1=4

 2) मासांक :- किसी व्यक्ति का के जन्म के महीने को लिख कर मासांक ज्ञात  जाता है। 

 जन्म का माह 

 मासांक 

 जन्म का माह 

  मासांक 

 जनवरी 

1

 जुलाई 

7

 फरवरी 

2

 अगस्त 

8

 मार्च 

3

 सितम्बर 

9

 अप्रैल 

4

अक्टूबर 

10=1 +0 =1 

 मई 

5

 नवंबर 

11=1+1=2 

 जून 

6

 दिसंबर 

12=1+2=3 












जन्म के महीने का आंकलन 1 से 9 अंको के आधार पर  होता है। यहाँ पर भी पुनरावृति का नियम लागु होता है. अतः  9 महीने सितम्बर के बाद 10 महीने  अक्टूबर मसंक = 1 , 11 महीने नवंबर मसंक=2 और  12 महीने दिसंबर का मसंक =3 मने गए है। 

 3 ) वर्षांक :- 

 आपके जन्म का साल (वर्षांक) को प्राप्त करने के लिए जन्म वर्ष के सभी अंको का योग करना पड़ता है. चलिए उदहारण से समझते है:-

 पहला उदहारण :- मान लीजिये किसी का जन्म वर्ष 1974 है तो यहाँ पर 

 1+9 +7 +4=21 = 2+1=3  होगा 

 दूसरा उदहारण :- मान लीजिये किसी का जन्म दिवस 2014 है तो उसका वर्षांक 

2+0+1+4= 7 होगा 


4 )
भाग्यांक :-

 इस अंक का सीधा संबंध व्यक्ति के भाग्य से होता है इसकी गणना जन्म दिनांक +जन्म माह + जन्म वर्ष के आधार पर की जाती है। 

 चलिए उदहारण से समझते है :-

 पहला उदहारण :- मान लीजिये किसी का जन्म  दिवस 07-09-1974 है  तो उसका भाग्यांक निकलते है :-

 

 जन्म दिनांक  

 07 

 जन्म माह 

 09 

 जन्म वर्ष 

 1+9+7+4=21=2+1 =3 

 तीनो का योग 

 7+9+3= 19

 अर्थात 

 1+9=1 

  तो इस व्यक्ति का भाग्यांक -1  होगा 

 

दूसरा  उदहारण :- मान लीजिये किसी का जन्म  दिवस 14 -05-2002  है  तो उसका भाग्यांक निकलते है :-


 जन्म दिनांक  

 14 =1+4=5 

 जन्म माह 

 05 =0+5 =5 

 जन्म वर्ष 

 2+0+0+2=4 

 तीनो का योग 

 5+5+4 = 14 

 अर्थात 

 1+4=5 

  तो इस व्यक्ति का भाग्यांक -5 होगा 

 5) नामांकव्यक्ति  के नामांक को जानने के अंग्रेजी के वर्णमाला के अनुसार उसका पूरा नाम लिख कर अर्थात पहला नाम , मध्य नाम तथा उपनाम लिया जाता है  

नामांक निकलने के लिए अंग्रेजी वर्णमाला को एक  अंक निर्धारित किया गया है  

 All Alphabet has been assigned one number to calculate "Name Number".

अंक (Number)

अक्षर (Alphabet)

1

A, I, J, Q.Y

2

B, K , R

3

C, G , L, S

4

D , M, T

5

E, H, N , X

6

U, V, W

7

O, Z

8

P , F

9

NIL ( कोई  अंक  नहीं )

 

ऊपर दिए गए टेबल से चलिए हम समझते है कि नामंक निकलने के लिए क्या करना होता है  

 प्रत्येक अक्षर के अंक उनके नीचे लिखा जाता है।प्रत्येक पंक्ति के अक्षरों  का योग किया जाता है और उसका मूलांक पद्धति से ही जोड़ कर नामंक के योग किये जाते है  

 चलिए कुछ उदहारण से समझते है:-  पहला उदहारण

A M I T A B H         B A C H C H A N 


A

M

I

T

A

B

H

 

B

A

C

H

C

H

A

N

1

4

1

4

1

2

5

2

1

3

5

3

5

1

5

ADD NUMBER=

ADD NUMBER=

1+4+1+4+1+2+5= 18

2+1+3+5+3+5+1+5=25

                       1+8=9

2+5=7

9+7=25=7

यहाँ अमिताभ बच्चन का नामांक का अंक 7 (सात ) होगा।  

 

 

दूसरा उदहारण :-  R A H U L   G A N D H I



R

A

H

U

L

 

G

A

N

D

H

I

2

1

5

6

3

3

1

5

4

5

1

ADD NUMBER =

ADD NUMBER =

2+1+5+6+3 = 17

3+1+5+4+5+1=19

1+7=8

1+9=10=1+0=1

8+1=9

राहुल गांधी का नामांक का अंक 9 (NINE ) होगा। 

 

 5)  अभ्यास :-  आप लोगो से नम्र निवेदन है कि इस अभ्यास को जरूर करे और साथ -साथ आप  जैसे अपने माता -पिता , भाई - बहन , दोस्त और अपने करीबी रिस्तेदार का भी जन्म  दिवस के साथ अभ्यास कर  सकते है। 

अभ्यास देना का उद्देश्य - आप लोगो का धीरे- धीरे विषयो पर पकड़ आसान हो जाएगा।  आप लोग कमैंट्स में जबाब लिख कर दे सकते है। कोई भी सवाल  आप कमेंट बॉक्स में  पूछ सकते है।  जल्द से जल्द मैं आपके सवालों का जबाब देने की कोशिश करुँगी।  

 

क्रमांक 

नाम 

जनम दिवस 

मूलांक 

मासांक  

वर्षांक

भाग्यांक 

1

रतन टाटा 

 

28 दिसंबर 1937

 

 

 

 

2

इन्दिरा गांधी 

 

19 नवंबर 

1917

 

 

 

 

3

नरेंद्र मोदी 

 

17 सितम्बर  1950

 

 

 

 

4

महात्मा गांधी 

 

02 अक्टूबर 

1869

 

 

 

 

5

बिल गेट्स 

 

28 अक्टूबर 1955

 

 

 

 

6

धीरूभाई अंबानी 

 

28 दिसंबर 1932 

 

 

 

 

7

 सचिन तेंदुलकर 

 

 24 अप्रैल 1973 

 

 

 

 

निष्कर्ष (Conclusion):-

इस अध्याय में आप लोग अंक ज्योतिष के बारे मेंसाथ - साथ इसको  कैसे लिखा जाता है वो जानें।  आप मूलांक , मासांक , वर्षांक , भाग्यांक तथा नामांक के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उसको कैसे निकला जाता है ये जानकरी  प्राप्त हुई। 

आगे के  अध्याय  में आपलोगो को मूलांकों  के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त होगी और समय के अंतराल में  आप अंक-ज्योतिष को बहुत अच्छे से समझेंगे और अनुकूल बदलाव कर अपने जीवन को काफी हद तक बदल पायेगे। 


धन्यवाद !

  ****परंतु आप सब से निवदेन है कि पूरा जानकारी प्राप्त करने के बाद ही आप अपने नामांकन का  मूल्यांकन कीजियेगा। 

 हर नंबर का अलग अलग  फायदा  नुकसान है  मैं अपने इस ब्लॉग के दुआरा एक-एक नंबर की सम्पूर्ण जानकारी  साझा करूँगी। 

 बिना पूर्ण जानकारी के अपने नाम के कोई भी परीक्षण नही करना है  

 मेरा ये ब्लॉग धीरे धीरे आप लोगो को अंक-शास्त्र ( न्यूमेरोलॉजी) के सभी आधारभूत जानकारी देगा  उसके उपरांत ही आप अपने ज्ञान का उपयोग   कीजियेगा। 

 


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