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क्या रिश्ते ग्रहों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते है ?

क्या रिश्ते ग्रहों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते  है ? Kya Riste graho ko majboot kerne me aham boomika nibhate hai ?

 प्रिय पाठक,  



मैं  आचार्या सांत्वना दत्ता आज एक बहुत अच्छे विषय के बारे में चर्चा  करुँगी । जब आप किसी भी ज्योतिष से सलाह लेते है तो वो आपको बहुत कारगर उपाय बताते है और आप को उससे फायदा भी होता है ।


हमारा ज्योतिष  बहुत ही अच्छा , सटीक , और प्राचीन शास्त्र है और हमारे ऋषि मुनियों ने रिश्तों की अहमियत को ग्रहों के साथ जोड़ कर देखा और उन्होंने पाया कि हमारे सामाजिक जीवन के रिश्तों का ग्रहों से बहुत गहरा संबंध है मतलब ये की यदि हम अपने जीवन में रिश्तों को जितना मजबूत करेंगें उतना ही उनसे जुड़े ग्रह मजबूत होंगे ।


चलिए जानते है कि कौन -कौन से ग्रह कौन से रिश्तों से सम्बंधित है और उन रिस्तो को  मजबूत करके ग्रहों को मजबूत कैसे करें:- (kaun -Kaun se garh ristho se sambandhit hai ? aur un risthon  ko majboot kerke graho ko majboot kaise karen 

1 )सूर्य देव :-

सबसे पहले ग्रहो के राजा सूर्य देव की बात करेंगे :-

  •   सूर्य देव को पिता का कारक माना गया है ।
  •   सूर्य देव को आपके यश- मान , प्रतिष्ठा का कारक माना गया है।
  •   सूर्य देव प्रशासनिक सेवा व सरकारी नौकरी का कारक है ।
  •   सूर्य देव हमारे अच्छे स्वास्थ्य का कारक है 
 लक्षण :-

  • सूर्य कमजोर हुआ तो आपके पिता के साथ या तो दूरी रहेगी या पिता से आपके सम्बन्ध अच्छे नहीं रहेंगे 
  • यदि आपकी कुंडली मे सूर्य कमजोर है तो आपको अपने जीवन मे अपयश, बदनामी का सामना करना पड़ता है। आपको सरकारी तंत्र या बॉस से परेशानी रहेगी
  • सूर्य कुंडली मे कमजोर है तो स्वास्थ्य संबंधी समस्या आती रहेंगी 

उपाय :-
यदि आपको अपने कुंडली मे व जीवन मे सूर्य को मजबूत करना है तो
  • आपको अपने पिता से अच्छे संबंध बनाए  ।
  • पिता का सम्मान करें ।
  • पिता की सेवा करें । कटु वचन का प्रयोग कभी भी न करें ।
  • पिता से लड़ाई- झगड़े उनका अपमान कभी भी न करें।
  • पिता से मतभेद तो हो सकते है परंतु मनभेद कभी भी न रखे।



आप ज्योतिष द्वारा बताए गए सभी  उपायों करते है परंतु आप अपने जीवन में पिता को महत्त्व नही देते है तो उपाय पूर्ण रूप से फलित नहीं होगा ।

  • जितना आपका संबंध अपने पिता से अच्छे होंगे उतना ही आपकी कुंडली मे सूर्य देव  मजबूत होगें।


2) चन्द्रमा :- 

चंद्रमा को मन का कारक कहा गया है ।मन से तेज गति से चलने वाले पूरी दुनियां में कोई वस्तु या चीज़ नही है।  । हमारा मन अच्छा है , स्वास्थ्य है , हमें मानसिक पीड़ा नही है , मानसिक तनाव नही है तो हम कहेंगे कि हमारा चंद्रमा अच्छा है ।

 लक्षण :-

  • आपका मन कमजोर  है तो आप सही समय पर सही निर्णय नहीं  ले पाते है तो आपका चंद्रमा कमजोर  है।
  • चंद्रमा जानता का कारक होता है यदि चंद्रमा आपके कुंडली मे चन्द्रमा कमजोर  है तो आपका जनता से संबंध अच्छे नहीं होंगे 
  • चंद्रमा को स्त्री कारक ग्रह माना गया है यदि चंद्रमा खराब है तो स्त्री जातक से कष्ट प्राप्त होंगे ।

उपाय :-
यदि आपको अपने जीवन मे चंद्रमा को मजबूत करना है तो आपको अपने माता से संबंध अच्छे रखने होंगे क्योंकि
चंद्रमा को माता का कारक भी कहा गया है ।
आपके माता से संबंध जितने अच्छे होंगे , मधुर रहेंगे आपका चंद्रमा उतना ही मजबूत होगा ।
उनको सम्मान कीजिये और उनको खुश रखिये।

आप ज्योतिष द्वारा बताए गए सभी  उपायों करते है परंतु आप अपने जीवन में माता को महत्त्व नही देते है तो उपाय पूर्ण रूप से फलित नहीं होगा ।

3) बुध देव :-
  • बुध देव वाणी का कारक है ।
  •  बुध देव तीब्र बुद्धि का कारक है।
  •  बुध देव बिजनेस व व्यवसाय करने के कारक ग्रह है।
  •  बुध देव अच्छी त्वचा व दाँतो के कारक है ।
  •  बुध देव बहन-बुआ-बेटी तथा ननिहाल( नानी का घर) के कारक है ।
  लक्षण :-

यदि आपका बुध कमजोर है तो:-

  • आपकी वाणी में दोष उत्पन्न होगा कहने का मतलब ये है या तो आपकी वाणी कठोर होगी या फिर आप बोलेगें और  लोग समझे गए कुछ। बनते -बनते कार्य वाणी की वजह से बिगड़ जाएंगे।
  • वाणी दोष के कारण बोलने में हकलाने की समस्या आती है ।
  • बुद्धि कमजोर हो जाये मतलब बुद्धि का सही समय पर इस्तेमाल नही कर सके ,बाद में आपको पछतावा हो रहा हो ।
  • आपकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है ।
  • आपकी वाणी , त्वचा , बालो एवं दाँतो से संबंधित समस्याओं का  अनुभव करेंगे।
उपाय :-

बुध देव को मजबूत करने के लिए आपको अपनी:-

  • बहन-बुआ-बेटी तथा ननिहाल( नानी का घर) से अच्छे संबंध बनाने रखें।
  • उनका सम्मान करें।
  • उनको उपहार समय समय पर जरूर दे ।
  • उनकी जरूरत के समय उनका साथ जरूर दे ।
और बुध ग्रह को मजबूत करें ।

आप ज्योतिष द्वारा बताए गए सभी  उपायों करते है परंतु आप अपने जीवन में बहन-बुआ-बेटी तथा ननिहाल को महत्त्व नही देते है तो उपाय पूर्ण रूप से फलित नहीं होगा ।

4 ) मंगल देव :-

 लक्षण :-
  • हमारे सहस , हमारे पराक्रम और हमारे ऊर्जा का कारक है
  •  संपत्ति - घर व जमीन के कारक होते है।
  • मुकदमे बाजी, कर्ज, एक्सीडेंट व गंभीर चोट लग्न के कारक ग्रह है ।
  • मंगल देव यदि कमजोर है तो आप हमेशा चोट- चपेट में आते रहेंगे ।
  • मंगल देव यदि अच्छा नही है तो प्रॉपर्टी मिलने व बनाने में समस्या होती हैं।
  • मंगल देव यदि कमजोर है तो कोर्ट- कचहरी और कर्ज  से छुटकारा व जीतना में मुश्किलों का सामना करना  पड़ता है ।
उपाय :-

यदि आप अपने जीवन में मंगल देव को मजबूत करना है :-
  • तो अपने  बड़े भाई, छोटा भाई तथा अपनी बहन से अच्छे संबंध रखें।
  • बड़े भैया का सम्मान करें छोटे भाई के प्रति हमेशा अपना स्नेह बनाये रखे ।
***आप मानते भी होंगे जिस घर में भाई- भाई साथ होते है वहाँ बाहरी ताकत कभी भी  उनका व उनके घर का कुछ भी बिगड़ पाते है ।

आप ज्योतिष द्वारा बताए गए सभी  उपायों करते है परंतु आप अपने जीवन में भाई को महत्त्व नही देते है तो उपाय पूर्ण रूप से फलित नहीं होगा ।


5) देव गुरु बृहस्पति :-

  • देव गुरु बृहस्पति- ज्ञान और विद्या के कारक है ।
  •  देव गुरु बृहस्पति भी यश- मन प्रतिष्ठा के कारक है ।
  •  कन्या के लिए पति का व विवाह  का कारक है ।
  •  माता के लिए पुत्र का कारक है ।
  •  देव गुरु बृहस्पति धन - समृद्धि - ऐश्वर्य के  कारक है। 
 लक्षण :-

यदि आपकी जीवन में देव गुरु बृहस्पति कमजोर है तो आपको:-
  • मन -सम्मान, धन -समृद्धि के सुख में कमी होगी।
  • विवाह में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
  • वैवाहिक सुख में कमी का अनुभव रहेगा ।
  • पुत्र से जुड़े परेशानी लगी रहेंगी।
उपाय :-
  • देव गुरु बृहस्पति को मजबूत करना है तो अपने गुरु व शिक्षक का आदर व सम्मान करें।
  • घर  एवं बाहर के बड़े ,विद्वान और बुजुर्गो सेवा करे।

आप ज्योतिष द्वारा बताए गए सभी  उपायों करते है परंतु आप अपने जीवन में गुरु व शिक्षक को महत्त्व नही देते है तो उपाय पूर्ण रूप से फलित नहीं होगा ।


6) शुक्र देव :-

1) दाम्पत्य सुख का कारक होता है।
2) लड़के के लिए पत्नी का कारक ग्रह है ।
3) भौतिक सुख सुविधा  बड़े- बड़े बंगाल , गाड़ी और भवन का सुख का कारक है ।
4) सुंदरता का कारक शुक्र  है
5)  पुरुषों में विर्य का कारक शुक्र है ।

 लक्षण :-
  • शुक्र कमजोर है तो पत्नी के सुख व वैवाहिक सुख में कमी होगी।
  • संतान उत्पत्ति में परेसानी हो सकती है ।
  • जिनके कुंडली मे शुक्र मजबूत न हो  तो  जीवन में बहुत धन-संपत्ति, विलासितापूर्ण जीवन कमी अनुभव करेंगे 
उपाय :-

  • शुक्र को मजबूत करने के लिए अपनी धर्म- पत्नी का सम्मान करें।
  • उनको आदर दे ।उनका ख्याल रखें।
**कहीं न कहीं उनकी खुशी में आपकी खुसी छुपी है ।

आप ज्योतिष द्वारा बताए गए सभी  उपायों करते है परंतु आप अपने जीवन में पत्नी को महत्त्व नही देते है तो उपाय पूर्ण रूप से फलित नहीं होगा ।

7) शनि देव:-

  • नौकरी व व्यासाय का कारक शनि देव है।
  •  वाहन का कारक शनि देव है ।
 लक्षण :-
  • अगर शनि आपके कुंडली मे खराब है तो आपको आजीविका प्राप्ति में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
  • संघर्ष , दुख , दारिद्र, क्लेश का सामना कर पड़ सकता है।
उपाय :-
  • शनि देव को खुश करने के लिए आपने घर के नौकर-चाकर को खुश रखे। उनको धिक्कारे नही।
  • अपने से छोटे व निम्न वर्ग के लोगो की मदद करें ।

आप ज्योतिष द्वारा बताए गए सभी  उपायों करते है परंतु आप अपने जीवन में नौकर-चाकर का अपमान करते है तो उपाय पूर्ण रूप से फलित नहीं होगा ।

धन्यवाद

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