प्रिय पाठक ,
मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक रोचक विषय की चर्चा करुँगी। इस पोस्ट में आप जानेंगे 1) विवाह में देरी के क्या क्या कारण होते है ? Vivah me deri ka kya karan hai ? 2) विवाह के दो प्रमुख कारक ग्रह कौन होते है? Vivah ke dho pramukh grah kaun hote hai ? 3 ) यदि विवाह में देरी हो गयी तो उपाय क्या करना चाहिए? Vivah me deri hone jaye tho kya upay kerna chahiye ? 1) विवाह के दो कारक ग्रह जो होते है वो है- 1)देव गुरु बृहस्पति - लड़की के लिए और 2) शुक्र देव - लड़के के लिए । यदि लड़की की कुंडली में बृहस्पति पीड़ित हो - पीड़ित होने का मतलब क्रूर और पापी ग्रह के साथ हो या उनपर दृष्टि हो या फिर गलत भाव में हो या फिर नीच के हो तो विवाह तो विवाह में देरी होती है । यदि लड़के के कुंडली मे शुक्र पीड़ित हो - पीड़ित होने का मतलब क्रूर और पापी ग्रह के साथ हो या उनपर दृष्टि हो या फिर गलत भाव में हो या फिर नीच के हो तो विवाह में देरी होती है । मुझे याद है पहले जब शादी की बात चलना आरंभ होती थी तो खास कर लड़कियों को गुरुवार का व्रत करने की सलाह दिया जाती थी। क्योंकि ये दोनों ग्रह यदि कुंडली में अच्छे नहीं है तो विवाह और वैवाहिक जीवन - दोनों में परेशानी का सामना करना पड़ता है और वैवाहिक सुखों में कमी होती है। 2) विवाह में देरी होती क्यों है ? 1)सेटलमेंट:- आज कल बच्चे अपने कैरियर को बहुत महत्व देते है जो कि जरूरी भी है परंतु डिग्री - नौकरी करने और फिर 2-4 साल का जॉब में अनुभव हो जाये तब शादी करने कि सोच शादी में विलंब की स्थिति उतपन्न करती है । 2) परफेक्ट जीवन साथी की तलाश:- ये बहुत आजकल के चलन में है कि मेरा जीवन साथी पेरफेस्ट हो- देखने मे सुंदर भी हो , अच्छा कमाता भी हो , उसका नेचर व व्यवहार ऐसा होना चाइये , उसको ये काम आने चाहिए वगैरह वगैरह मतलब एक परफेक्ट सीरियल की बहू या भी दामाद ।परंतु ये जीवन है सीरियल नहीं । (No one is perfect in the world ) 3) कुंडली में मंगल दोष व मांगलिक दोष हो तो भी विवाह में देरी की संभावना होती है मतलब ये है यदि आपके कुंडली में मंगल 1-4-7-8-12 भाव में हो तो विवाह में देरी की संभावना होती है । 4) सूर्य देव का प्रभाव 1- 2- 7-8 भाव पर होने से परिवारिक जिम्मेदारी के कारण विवाह के बारे में सोच ही नही पाते है । 5 ) यदि सप्तम भाव पर यदि शनि , राहु/ केतु , मंगल की दृष्टि हो या फिर वो सप्तम भाव में ही बैठे हो तो भी विवाह में देरी होती है । 3) अब चलिये विवाह में देरी हो गयी परंतु विवाह तो करना है। अब मैं उपायो की चर्चा करुँगी:- 1) लड़कियों के लिए देव गुरु बृहस्पति की पूजा एवं व्रत करना चाहिए एवं गुरुवार के दिन एक चुटकी हल्दी पानी में डाल कर नहाना चाहिए । 2) लड़के शुक्रवार को मातारानी की मंदिर में लाल पुष्प अर्पित करें और अपने शीघ्र विवाह की प्राथना करें । 3) मंगल दोष है तो रोज सुबह हल्दी डाल कर सूर्य देव को जल चढ़ये और मंगलवार के दिन हनुमानजी के दर्शन करें और लाल पुष्प अर्पित करें । 4 ) काला एवं नीला रंग का उपयोग से बचें या कुछ दिनों तक उपयोग नहीं करें । 5 ) अपने शायन कक्ष में देवी -देवताओं की मूर्ति न रखें और न ही अपने गले मे धारण करें। 6 ))सूर्य देव को पानी में लाल चंदन डाल का अर्द्ध दे और 108 बार गायत्री मंत्र का जप करें । धन्यवाद Happy Beginning... आपलोग अपने किसी भी समस्या के समाधान के लिए मुझे संपर्क कर सकते है My Email is santwanadutta1974@gmail.com
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