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मांगलिक दोष या मांगलिक योग (क्यों महत्वपूर्ण है विवाह से पहले जानना ?)

प्रिय पाठक ,
मैं  आचार्या सांत्वना दत्ता चलिये आज फिर कुछ अच्छे  विषय पर चर्चा करुँगी।

इस पोस्ट में आप जानेंगे



1) मांगलिक दोष होता क्या है ? Manglik dosh kya hota hai ? 
2) कुंडली में मंगल दोष देखा कब जाता है? Manglik dosh kab dekha jata hai ?
3) मांगलिक दोष है तो क्या प्रभाव होता है? Manglik dosh ka kya ? Aur iska prabhav kya hota hai? 
4) यदि मांगलिक दोष है तो उपाय क्या करना चाहिए? Manglik Dosh ke upay kya hai ?


पिछले पोस्ट में मैंने विवाह में देरी की बात, कारण एवं उपाय की चर्चा की थी । उनमें से एक कारण मांगलिक दोष 
है और इस पोस्ट में चलिये आज मांगलिक दोष के बारे में विस्तार से जाने ।

शादी से पहले कुंडली मिलान के  दौरान  मांगलिक योग को देखा जाता है और आपने सुना  भी होगा कि ये लड़की 
मांगलिक है या लड़का मांगलिक है । मांगलिक दोनों हो तभी शादी करनी चाहिए, नही तो कुछ अनिष्ट हो सकता है आदि आदि।

प्रायः मंगल योग जब विवाह के समय कुंडली मिलते है तब ही देखा जाता है क्योंकि यह मांगलिक योग होने से 
वैवाहिक जीवन में मुश्किले उत्पन्न करती है।

चलिये सबसे पहले जानते है कि मंगल योग ( mangal yog ) बनता कैसे है ?

आपकी जन्म पत्रिका में यदि मंगल 1st ,4th, 7th, 8th, और 12th भाव में हो तो इसको  ही मंगल योग कहते है ।
और हां यदि इन सब भावों में यदि क्रूर( सूर्य ) और पापी ग्रह हो जैसे शनि, राहु-केतु हो तो जातक को प्रबल मांगलिक योग माना जाता है।


चलिये आपके कुंडली में मंगल दोष (mangal dosh) है तो क्या प्रभाव (prbhav )होगा ये जानते है?

1)लोगो  का मानना है मंगल दोष हो तो शादी में दरी होती है। हमारे ऋषियों ने 24 वर्ष - 28 वर्ष शादी के समय को देरी बताया था परंतु आज के युग में ये समय समान्य है।

2) मंगल दोष है तो शादी के बाद पति-पत्नी के  तालमेल में कमी होती है । शादी के रिश्ते को निभाने में परेशानी होती है।

3) जातक व उसकी पत्नी के साथ झगड़ों के साथ अत्याचार हो और फिर वे अलग हो जाएंगे।

4) जातक का उसकी पत्नी के साथ अच्छा वैवाहिक जीवन रहे परंतु कम समय तक ।

5) जातक का उसकी पत्नी का वैवाहिक जीवन चलता रहे परंतू स्वास्थ्य की कमी के कारण सुख अनुभव न हो ।

सभी मानते है यदि कोई प्रॉब्लम व परेशानी हो तो साथ-साथ उसका समाधान भी होगा 

पहले में आपको ज्योतिष शास्त्र में बताये गए मांगलिक योग के  परिहार व कैंसलशन के बारे में बताना चाहूंगी:-

1) सबसे पहले मंगल देव की डिग्री चेक कीजिये यदि मंगल देव की डिग्री 0-1 डिग्री - 28-29-30 डिग्री के है तो मांगलिक योग मान्य नहीं होगा ।
2) मंगल देव सूर्य के साथ है और अस्त हो गए तो मांगलिक योग बनेगा नही।
3) यदि मंगल देव के साथ चंद्रमा हो तो मांगलिक योग कैंसिलेशन में जाता है (कुछ नियम के साथ)
4) मंगल देव के ऊपर देव गुरु की दृष्टि हो और देव गुरु बृहस्पति मंगल देव से ज्यादा डिग्री से मजबूत हो तो मंगल योग का परिहार होता है ।
5) मंगल देव स्वराशि के हो, अति योगकारक और उच्च के हो तो मंगल योग का परिहार होगा ।

*****और भी अनेक कैंसलशन योगा-योग है जो एक अच्छे ज्योतिष आपको बता सकते है।


अब यदि शादी हो गईं है और उसके बाद आपको ये पता चले कि आप या आपके जीवन साथी मांगलिक है तो क्या करें चलिये अब कुछ उपाय की बात करते है  :-

1) हनुमान चालीस का रोज सुबह- शाम पाठ करें।
2) मंगलवार को व्रत कर सकते है और हनुमान जी को लाल फूल और लाल सिंदूर चढ़ाए।
3) मंगल देव के मंत्र का जाप करें ।
4) मंगल को वस्तुओं का दान करें( ज्योतिषये सलाह लेकर)।

*****यदि आप शादी से पहले कुंडली मिलाते है तो यही मंगल  दोष मांगलिक योग में बदल जाता है ।

एक अच्छे ज्योतिष ही आपको इन योगायोग के बारे में बता सकते है ।

*** उचित सलाह लेकर ही अपने मंगलमय वैवाहिक जीवन की शुरुवात करें।  
 
धन्यवाद
Happy Beginning...
आपलोग अपने किसी भी समस्या के समाधान के लिए मुझे संपर्क कर सकते है ।

My Email is santwanadutta1974@gmail.com 

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