कौन -कौन सी पाँच(5 ) राशि है जिस पर शनि देव (Shani Dev) का आशीर्वाद 21 फरवरी से होगा ?
प्रिय पाठक
नमस्कार।
मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।
आज इस पोस्ट में आप जानेगे :-
1 ) गोचर (gochar)होता क्या है ?
2 ) ग्रहो का राशि (Graho ka Rashi per ) पर भ्रमण (bhraman ) कितने समय के लिए होता है?
3 ) कौन - कौन 5 ( पाँच) राशि है जिस पर शनि देव का आशीर्वाद रहेगा ?
4 ) क्या -क्या महत्वपूर्ण नियम व् शर्ते है जब हम गोचर के फल देखते है ?( Gochar ko dekhne ke niyam)
1 ) सबसे पहेले हम ये समझेंगे की गोचर होता क्या है ?
गोचर शब्द का अर्थ हुआ - ग्रहों का चलन ।
हम लोग जानते है कि वर्तमान समय में आकाशये मंडल में ग्रह हमेशा भ्रमण एक राशि से दूसरे राशि में करते है उसको की ग्रहों का गोचर कहा जाता है ।गोचर में प्रत्येक ग्रह का संचरण हर राशि पर कुछ निश्चित समय के लिए होता है ।
2 ) चलिये जानते है ग्रहो का राशि पर भ्रमण कितने समय के लिए होता है ?
सूर्य देव -30 दिन
चंद्रमा:- सवा दो दिन
मंगल देव - 45-50 दिन
मंगल देव - 45-50 दिन
बुध देव - 30 दिन
देव गुरु बृहस्पति - 12 महीने
शुक्र देव - 30 दिन
देव गुरु बृहस्पति - 12 महीने
शुक्र देव - 30 दिन
शनि - 30 महीने
राहु/ केतु - 18 महीने
आप गोचर हमेशा अपनी चंद्र राशि से देखे या फिर आप अपने प्रचलित नाम से ।
राहु/ केतु - 18 महीने
आप गोचर हमेशा अपनी चंद्र राशि से देखे या फिर आप अपने प्रचलित नाम से ।
*****आप कि राशि क्या है ये आप नहीं जानते है तो मेरे द्वारा दिये गए पोस्ट " ऑनलाइन कुंडली कैसे बनते है " को जरूर पढ़े।
मैंने पोस्ट में लिखा कि शनि देव अपनी राशि मे उदय हो रहे इसका ये अर्थ निकलता है कि शनि देव अस्त थे ।
ज्योतिष में सूर्य देव को ग्रहो का राजा कहा गया है और सूर्य देव इतने शक्तिशाली है कि उनके साथ व समीप जो भी ग्रह 10 डिग्री के अंदर आये वो उनको अस्त कर देते है । और अस्त कोई भी ग्रह क्यों न हो वो उनकी ताकत और शक्ति छीन हो जाती है ।
पिछले महीना सूर्य देव शनि देव की मकर राशि आये और शनि देव को अस्त कर दिए थे चूंकि अब यानी 13 फरवरी से सूर्य देव कुंभ राशि मे प्रवेश कर चुके है और इसलिए शनि देव अपने राशि में पूरे एक महिने बाद उदय हुए ।
21 फरवरी से यानि आज से शनि देव अपनी पूर्ण शक्ति के साथ फिर से 5 राशि वाले लोगो के जीवन मे शुभ फल देने को तैयार हो जायेगे ।
३) चलिये जानते है वो कौन -कौन से राशि है जिनको शनि देव की कृपा प्राप्त होगी:-
1) मेष राशि :-
ज्योतिष में सूर्य देव को ग्रहो का राजा कहा गया है और सूर्य देव इतने शक्तिशाली है कि उनके साथ व समीप जो भी ग्रह 10 डिग्री के अंदर आये वो उनको अस्त कर देते है । और अस्त कोई भी ग्रह क्यों न हो वो उनकी ताकत और शक्ति छीन हो जाती है ।
पिछले महीना सूर्य देव शनि देव की मकर राशि आये और शनि देव को अस्त कर दिए थे चूंकि अब यानी 13 फरवरी से सूर्य देव कुंभ राशि मे प्रवेश कर चुके है और इसलिए शनि देव अपने राशि में पूरे एक महिने बाद उदय हुए ।
21 फरवरी से यानि आज से शनि देव अपनी पूर्ण शक्ति के साथ फिर से 5 राशि वाले लोगो के जीवन मे शुभ फल देने को तैयार हो जायेगे ।
३) चलिये जानते है वो कौन -कौन से राशि है जिनको शनि देव की कृपा प्राप्त होगी:-
1) मेष राशि :-
शनि देव मेष राशि के जातक के कुंडली मे कर्म भाव और आय भाव के स्वामी है ।
शनि मेष राशि में पांच महापुरुष योगों में से एक महापुरुष योग का निर्माण करते है वो है शश महापुरुष योग ।
- कर्म भाव मे उपस्थित शनि चाहे आप नौकरी करते हो या व्यापार आपको अपने काम में अच्छे परिस्थितियों का योग बनते नजर आएंगे ।
- अपनी तीसरी दृष्टि से द्वादश भाव को देखेंगे उससे आपके फिजूल के खरचे कम होंगे और यदि आपका वयवसाय विदेश से जुड़े है तो आपको लाभ होगा ।
- सप्तम दृष्टि से चतुर्थ भाव पर पड़ने से आपका भूमि-भवन-वहन का सुख उत्तम होगा ।
- आपके कुंडली में यदि घर खरीदने के योग है तो आप इस वक़्त अपना घर लेने की सोच सकते ही या फिर ले भी सकते है ।
- माता से संबंध अच्छे होंगे और माता का स्वस्थ अच्छा रहेगा ।
- शनि की सप्तम दृष्टि से दशम भाव पर होगा इससे आपके दैनिक रोजगार में वृद्धि होगी। पार्टनरशिप कर सकते है या फिर अच्छी संबंध रहेंगे ।
2)वृषभ राशि :-
वृषभ राशि मे शनि देव भाग्य भाव और कर्म भाव के मालिक होते है । शनि आपके कुंडली के अति योगकारक ग्रह है।
- शनि आपके भाग्य भाव में है तो आपको आपके भाग्य का साथ मिलेगा ।आप चाहें नौकरी में हो या व्यवसाय में आपको लाभ प्राप्त होगा ।
- कोई भी काम आपका रूका हुआ हैं वो आप करने में सक्षम होंगे ।
- पिता का साथ मिलेगा और उनके साथ किसी भी प्रकार का यदि मनमुटाव चल रहा हो वो ठीक होते नजर आएंगे ।
- आप यदि विदेश यात्रा व किसी धार्मिक यात्रा करना चाहते है तो आपकी इच्छा पूरी होगी।
- शनि को नौकरी का कारक कहा गया है अतः आप बहुत दिनों से ट्रांसफर चाह रहे हो, नौकरी बदलना चाह रहे हो या प्रमोशन चाह रहे हो तो आपकी इच्छा पूर्ण होती हुई पाई जाएगी।
- तृतीय दृष्टि से आपके आय भाव को देख रहे तो एक से अधिक आय के स्रोत आपके हो सकते है। और आपको आपके मित्रों का सपोर्ट मिलेंगा और आपके भाई -बहन से संबंध अच्छे होंगे ।
- सप्तम दृष्टि से पराक्रम भाव पर दृष्टि देने के कारण आप की छोटी- मोटी व्यपारिक यात्रा होगी और उसमें आपको लाभ भी प्राप्त होगा ।
- दशम दृष्टि से छठा भाव पर होने से आप यदि कोई कॉम्पिटिशन या प्रितियोगिता परीक्षा दे रहे है तो सफलता का प्राप्त करेंगे ।
- आपके नौकरी में आ रहें रुकावट व परेशानी कम होते नजर आएंगे ।
- नौकरी पाने चाहते है तो नौकरी मिलने का योग है ।
- स्वस्थ में आ रही परेशानी से राहत मिलता नजर आएगा ।
3) कन्या राशि :-
- कन्या राशि वाले कि कुंडली मे शनि पांच भाव मे आने से आप को आकस्मिक लाभ प्राप्त होने के योग है ।
- आपके संतान पक्ष से अच्छी ख़बर मिल सकती है ।
- आप यदि विद्यार्थी है तो शिक्षा में आप तरक्की करेंगे।
- जो बच्चे स्पोर्ट्स से व खेल- कूद से जुड़े है उनको यह समय अच्छा रहेगा और आगे बढ़ने में मदद करेगा ।
- जो जातक क्रिएटिविटी या कला से जुड़े हो तो उनको अच्छा करेंगे।
- शनि छठा भाव का स्वामी है तो कॉम्पिटिशन में सफलता और नौकरी के आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे । स्वस्थ संबंधित परेशानी से राहत मिलेगी।
- तृतीय दृष्टि से सप्तम भाव को देखते है तो दैनिक रोजगार में फायदा होगा और पार्टनरशिप से अगर जुड़ना चाहते है तो अच्छा रहेगा ।
- सप्तम दृष्टि से एकादश भाव पर पड़ने से आपकी इच्छा पूर्ण होगी रुक हुआ काम होगा । एक से आये के स्त्रोत प्राप्त होंगे ।
- दशम दृष्टि से धन भाव कुटुंब परिवार के साथ संबंध अच्छे रहेंगे । धन की स्थिति अच्छी रहेगी।
4) तुला राशि :-
तुला राशि वालो की कुंडली शनि चतुर्थ भाव और पंचम भाव के स्वामी होते है ।
- चतुर्थ भाव के शनि होने से आप यदि राजनीति से जुड़े है तो आपको जनता का साथ मिलेगा । आप अभी अपना घर लेने की सोच सकते है तथा माता का स्वस्थ अच्छा रहेगा ।
- पंचम भाव के स्वामी होने के कारण अकस्मात लाभ के योग बनेंगे । विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है । खेल- कूद से जुड़े बच्चों के लिए अच्छा समय है तथा जो कला और रचनात्मक कार्यों से जुड़े है उनके लिए भी अच्छा रहेगा ।
- तृतीया दृष्टि से छठा भाव को देखते है स्वस्थ सम्बंधित समस्या को दूर करेंगे और विद्यार्थी जो कॉम्पिटिशन परीक्षा के दे रहे उसमे सफलता का योग है ।
- चतुर्थ भाव से कर्म भाव को देखेंगे तो आप चाहें व्यवसाय कर रहे हो या नौकरी को अच्छे करते हुए नजर आएंगे ।
- दशम दृष्टि से लग्न व प्रथम भाव को देखेंगे जिससे आपके द्वारा लिए गए निर्णय उत्तम होंगे और आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा ।
5) मकर राशि :-
- मकर राशि के जातक के कुंडली में शनि अपनी राशि का होकर उसके लग्न व प्रथम भाव मे होंगे जिसके कारण जातक न्याप्रिय होंगे इसकी के साथ न गलत नहीं करेंगे और आपके द्वारा लिए गया निर्माण उत्तम कोटि का होगा।
- शनि द्वतीय भाव के स्वामी है अतः आपके धन की स्तिथि अच्छी रहेंगी , कुटुंब परिवार में आपका मान -सम्मान बढेगा ।
- शनि की तृतीय दृष्टि से पराक्रम भाव पर होने से आपको छोटी-मोटी यात्रा करनी पड़ सकती है । बड़े भाई-बहन से अच्छे संबंध रहेंगे ।
- शनि की सप्तम दृष्टि से सप्तम भाव पर होने से आपका दैनिक रोजगार की स्तिथि अच्छी रहेगी और पार्टनरशिप में व्यवसाय भो अच्छा रहेगा । वैवाहिक जीवन उत्तम रहेगा ।
- शनि की दशम दृष्टि से कर्म भाव पर होने से जातक की नौकरी व व्यवसाय उत्तम रहेगा यदि और जॉब में प्रमोशन के योग बन रहे है ।
4 ) क्या -क्या महत्वपूर्ण नियम व् शर्ते है जब हम गोचर के फल देकते है ?
- सबसे पहले हमें शनि देव की स्तिथि कुंडली में देखना है कि शनि देव छठा भाव , अष्टम भाव और द्वादश भाव में नहीं होने चाहिए।
- शनि देव अपनी नीच राशि मतलब जहां एक नंबर ( मेष राशि) लिखा है उस भाव में नहीं होने चाहिए।
उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद
Happy Beginning...
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