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नवरात्री के मातारानी के 9 स्वरूपों को अलग -अलग दिनों में क्या -क्या भोग लगाया जाता है ? माता के आशीर्वाद से मिलेगा समस्याओं से मुक्ति ।

                         जय माता दी  

 नवरात्री के मातारानी के 9 स्वरूपों को अलग -अलग दिनों में क्या -क्या  भोग लगाया जाता है ? माता के आशीर्वाद से मिलेगा समस्याओं से मुक्ति। 


किस दिन  मां दुर्गा को  कौन सा भोग (bhog )  लगाया जाता है  ?

ऐसी मान्यता है कि मातारानी को अलग -अलग भोग अलग अलग दिन लगाने से अलग-अलग समस्या का समाधान होता है जैसे :-


1) प्रतिपदा  तिथि ( 2 अप्रैल ) -  घट स्थपना -माँ शैलपुत्री की  पूजा की जाती है। 

माँ शैलपुत्री की  पूजा के समय आप घी का भोग लगा सकते है। इस दिन गाय के घी ( Ghee)  से बनी  सफ़ेद चीजों का  भोग लगा सकते है।  माता के इस दिन ये भोग लगने से रोगो से मुक्ति मिलती है। 


2) द्वतीया तिथि ( 3 अप्रैल )-मां ब्रह्मचारिणी की  पूजा की जाती है।  

मां ब्रह्मचारिणी की  पूजा के समय आप मिश्री व् शक्कर का भोग लगा सकते है और पंचामृत का भोग भी लगाना चाहिए इससे भक्तों को लम्बी आयु, स्वस्थ और आरोग्यता   की प्राप्ति होती है। 


3)  तृतीया तिथि (4 अप्रैल ) -मां चंद्रघंटा की  पूजा की जाती है।  

मां चंद्रघंटा की  पूजा के समय आपको इस दिन दूध और दूध से बानी चीजों का भोग लगाने चाहिए जैसे आप रसगुल्ला , कलाकंद , सफ़ेद पेड़ा लगा सकते है।  माता को यदि आप ये भोग लगते है तो आपको सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। 


4) चतुर्थी तिथि (5 अप्रैल ) -मां कुष्मांडा की  पूजा की जाती है।  

मां कुष्मांडा की पूजा में मालपुआ का भोग लगाने को कहा गया है इससे भक्तों  के बुद्धि ,स्मरण शक्ति और निर्णय लेने की शक्ति को बढ़ती है।


5) पंचमी तिथि ( 6 अप्रैल ) - मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है।  

 मां स्कंदमाता की पूजा में केले  का भोग लगाने  को बताया गया है इस दिन केले का भोग लगाने से निरोगी काया और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। 


6) षष्ठी तिथि (7 अप्रैल ) - मां कात्यायनी की  पूजा की जाती है।  

 मां कात्यायनी की पूजा में शहद का भोग लगाने  उत्तम होता है।  इससे व्यक्तिके आकर्षण शक्ति और सुंदरता में वृद्धि होती है। 


7) सप्तमी तिथि ( 8 अप्रैल ) - मां कालरात्रि की पूजा की जाती है।  

मां कालरात्रि की पूजा में गुड़ का भोग  लगाना अच्छा होता है।  इससे व्यक्ति को शोक और संकटो से मुक्ति मिलती है। 


8) अष्टमी तिथि (9 अप्रैल ) -मां महागौरी की पूजा की जाती है।  

मां महागौरी की पूजा में नारियल का भोग लगाने उत्तम होता है इससे व्यक्ति को संतान संबंधी समस्याओ का समाधान होता है। 


9 ) नवमी तिथि ( 10 अप्रैल ) -मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।  

मां सिद्धिदात्री की पूजा में इस दिन माँ को हलवा , पूरी -चना का भोग लगाया जाता है। इससे भक्तों   के जीवन सुख -समृद्धि की प्राप्ति होती है।  



उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।


धन्यवाद
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नवरात्री के पहले दिन करें माँ शैलपुत्री की पूजा

नवरात्री के दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

नवरात्री के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा

नवरात्री के 9 दिनों के लिए कौन सा रंग के कपड़े पहने -जो माता को प्रिय है।




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