नवरात्री के चौथे दिन करें मां कुष्मांडा की पूजा
(Navratri ke chouthe din Mata Kushmanda ki pooja karen )
प्रिय पाठक,
नमस्कार।
मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।
आज इस पोस्ट में आप जानेंगे :-
( Maa Kushmanda ka swaroop ki pooja )
शारदीय नवरात्री के चौथे दिन माता के नौ रूप में से एक रूप माता कुष्मांडा की पूजा की जाती है।जब सृष्टि नहीं थी तो माता के मंद व् हल्की हँसी से सारे ब्रमांड की रचना हुई थी और माता कुष्मांडा की पूजा हुई थी और पूजा के समय माता को कूम्हडे की बलि दी गयी थी जो माँ को अति प्रिय है।
कुष्मांड का अर्थ है कूम्हडे और माता कुष्मांडा को कूम्हडे की बलि अति प्रिय है इसलिए इनका नाम कुष्मांडा पड़ा।
माता कुष्मांडा की पूजा से भक्तो के दुःख -दर्द से छुटकारा मिलता है माँ की आरधना हमें कष्टों और परेशानियों से मुक्ति दिलाता है।
माता कुष्मांडा की पूजा विधि
(Mata Kushmanda ki pooja vidhi )
नवरात्री के चौथे दिन यानि 29 सितम्बर को माता कुष्मांडा की पूजा का विधान है इस दिन आप स्नान से निवृत होकर माता को लाल गुड़हल के पुष्प , दीप ,धुप ,लाल सिन्दूर अर्पित करें माँ को नारंगी चुनरी और वस्त्र पहनाये और और माता को भोग अर्पित करें। माता को भोग अर्पित करने के बाद माता के मंत्रो का जाप जरूर करें। मंत्रो की संख्या कम से कम 11 व् 24 बार होना चाहिए।
माता कुष्मांडा की पूजा में गुड़हल फूल का ही प्रयोग करें और नारंगी का वस्त्र अर्पित करना चाहिए।
माता कुष्मांडा का मंत्र का जाप
(Mata Kushmanda ki Mantro ka jaap )
माता कुष्मांडा का ये मंत्र आप 108 बार या कम से कम 11 बार जाप जरूर करें
और
उसके बाद आप दुर्गा सप्तसती का या दुर्गा चालीसा या दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए। पाठ पूरा होने के बाद मातारानी का आरती जरूर करें।
माता कुष्मांडा का भोग
(Mata Kushmanda ki Bhog )
माता कुष्मांडा को क्या भोग लगाना चाहिए :-
माता कुष्मांडा को चतुर्थी तिथि को मालपुआ का भोग लगाना चाहिए।
माता रानी के आशीर्वाद स्वरुप व्यक्ति को बुद्धि ,स्मरण शक्ति और निर्णय लेने की शक्ति को बढ़ती है।
नवरात्री के चौथे दिन कौन सा रंग का वस्त्र पहने?
navratri ke chouthe din kaun sa rang ka vastra phene
नवरात्री के नौ दिन किसी न किसी रंग से जुड़ा है और मातारानी के नवरात्री के समय माता के प्रिय नारंगी रंग के कपड़े पहनते है।
चतुर्थी तिथि - माता कुष्मांडा को नारंगी बहुत पसंद है अतः इस दिन माँ की पूजा के समय नारंगी रंग की चुनरी और वस्त्र अर्पित करें और माँ को प्रशन्न करने के लिए आपको भी नारंगी रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए।
ये एक माता कुष्मांडा का प्रार्थना है चतुर्थी तिथि की पूजा के समय जरूर पढ़े। (mata kushmanda stotra )
श्री नव दुर्गा स्रोत्र
( माता कुष्मांडा की प्रार्थना )
कुष्मांडा जै सुख दानी। मुझ पर दया करो महारानी।
पिंगला ज्वालामुखी निराली। शाकम्बरी माँ भोली -भलीं।
लाखों नाम निराले तेरे। भक्त कई मतवाले तेरे।
भीमा पर्वत पर है डेरा। स्वीकारो प्रणाम ये मेरा।
सब की सुनती हो जगदम्बे। सुख पहुँचती हो माँ अम्बे
तेरे दर्शन का मैं प्यासा। पूर्ण कर दो मेरी आशा।
माँ के मन में ममता भारी। क्यों न सुनेगी अरज हमारी।
तेरे दर पर किया है डेरा। दूर करो माँ संकट मेरा।
मेरा कारज पुरे कर दो। मेरे तुम भंडारे भर दो।
तेरा दास तुझे ही ध्याये। 'दास' तेरे दर सीस झुकाये।
(source :- चमन की श्री दुर्गा स्तुति )
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धन्यवाद
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