चंद्र देव व् ग्रह के बारे में सम्पूर्ण जानकारी
प्रिय पाठक
नमस्कार .मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।
आज इस पोस्ट में आप चंद्र ग्रह के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे । इस पोस्ट में
1) चंद्र देव किन- किन चीजों के करक है।
2) तत्व ,रंग,धातु,लिंग
3)राशि तथा दिशा
4)उच्च एवं नीच राशि
5)चंद्र देव के मित्र ग्रह
6) नक्षत्रों से संबंध
7)चन्द्रमा और स्वास्थ
8) चन्द्रमा का दान
9) महत्वपूर्ण जानकारी
ज्योतिषये रूप :- चंद्रमा को ज्योतिष में रानी का संज्ञा दी गयी है ।अतः चंद्रमा को स्त्री ग्रह माना गया है । राशि तथा दिशा :-चंद्रमा को कर्क राशि का अदिपत्य प्राप्त है । चंद्र गृह की उत्तर - पश्चिम दिशा है। धातु :-चंद्रमा का धातु चांदी है । राशि:-चंद्रमा कर्क राशि का स्वामी है । उच्च एवं नीच राशि :- चन्द्रमा की उच्च राशि वृषव और नीच राशि वृश्चिक होती है। चंद्रमा का नक्षत्र :-रोहिणी, हस्त, और श्रवण पर अदिपत्य है । चन्द्रमा का रत्न :- चन्द्रमा का रत्न मोती है। इसका रंग सामान्यता सफ़ेद होता है और इसे कनिष्ठा उंगली में पहना चाहिए। चंद्रमा कुंडली में शुभ और अशुभ दोनों होता है ।चंद्रमा शुक्ल पक्ष के अष्टमी से कृष्ण पक्ष के अष्टमी तक शुभ फल देता है । चंद्र देव किन- किन चीजों के करक है:- चंद्रमा को मन का कारक कहा गया है । अतः आपके मन की शान्ति और खुशी का जिम्मेदार चंद्रमा को मन गया है । चंद्रमा के प्रभाव से जातक बहुत ही संवेदनशील होता है । हमारा मन अच्छा है , स्वास्थ्य है , हमें मानसिक पीड़ा नही है , मानसिक तनाव नही है तो हम कहेंगे कि आपके चंद्रमा अच्छा है । जब चंद्रमा अच्छा है हमारी सोच बहुत पॉजिटिव या सकारात्मक होती है और जब आपका मन मजबूत है आप सही समय पर सही निर्णय ले पाते है तो आपका चंद्रमा अच्छा है । कल्पनाशिलता, एडवरटाइजिंग , क्रिएटिविटी का कारक है । कवि और लेखक का चंद्रमा मजबूत होता है और वो रात के समय ज्यादा कार्य शील होते है । चंद्रमा जानता का कारक होता है यदि चंद्रमा आपके कुंडली मे अच्छा है तो आपका जनता से संबंध एवं आप लोगों में प्रसिद्ध होंगे । चंद्रमा को स्त्री कारक ग्रह माना गया है यदि चंद्रमा खराब है तो स्त्री जातक से कष्ट प्राप्त होंगे । चंद्रमा को जल तत्व का कारक माना गया है अतः कफ -कोल्ड,अस्थमा, सांस लेने में समस्या आदि हो सकती है। चंद्रमा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी :- ट्रांसपोर्ट,गन्ना , दूध से बने वस्तु , सूती वस्त्र , चांदी , चावल , सभी प्रकार के पानी से संबंधित , सभी प्रकार के काम जिसमे गति हो जैसे नदी, समुद्र के आसपास पनपते वयापार , बर्फ, नदी और समंदर में चलने वाले बोट, स्टीमर आदि । चंद्रमा समुद्र में उठने वाले ऊँची-नीचि ज्वर भाटा के लिए जिम्मेदार होता है । सभी प्रकार के समुद्री जीव-जंतु जैसे मछली,केकड़ा,मगरमछ और मोती पर चंद्रमा के प्रभाव में आते है । चन्द्रमा और स्वास्थ :- हृदय के कारक , साँस , साँस लेने की प्रक्रिया, सभी प्रकार के तरल पदार्थ जैसे पेशाब, शरीर मे पानी तथा खून आदि । सर्दी-जुकाम, अस्थमा, किडनी और मूत्राशय ब्लैडर आदि शरीर मे चंद्रमा रक्त एवं मुख के आसपास के स्थान का है । चंद्रमा का असर शरीर मे पेट , स्तन के ऊपर होता है । चन्द्रमा का दान :- चन्द्रमा की शांति और प्रशन्नता के लिए सोमवार को व्रत , शिव उपासना करने का विधान हैं। चावल , कपूर , सफ़ेद वस्त्र , चांदी , शंख , वंशपात्र , सफ़ेद चन्दन , सफ़ेद फूल ,चीनी , दही और मोती ब्राहमण को धन देना चाहिए उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी। धन्यवाद Happy Beginning... आपलोग अपने किसी भी समस्या के समाधान के लिए मुझे संपर्क कर सकते है My Email is santwanadutta1974@gmail.com ज्योतिष सीखना के लिए इन पोस्ट को भी पढ़े और आसानी से ज्योतिष को समझे। सूर्य देव के बारे में सम्पूर्ण जानकारी -हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण बुध देव (Budh Dev) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी -हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण देव गुरु बृहस्पतिके बारे में सम्पूर्ण जानकारी -हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण
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