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सूर्य देव के बारे में सम्पूर्ण जानकारी -हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण

 सूर्य देव के बारे में सम्पूर्ण जानकारी -हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण 

प्रिय पाठक

नमस्कार
मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।




आज इस पोस्ट में आप सूर्य ग्रह के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे । इस पोस्ट में 

1) सूर्य देव किन- किन चीजों के कारक  है क्यों महत्वपूर्ण है ये 9 ग्रह 9 Planets in Astrology जन्म  कुंडली Kundali  
2) तत्व ,रंग,धातु,लिंग ग्रहों 
3)राशि तथा दिशा  के 
4)उच्च एवम नीच राशि
5)सूर्य की मित्र ग्रह
6) नक्षत्रों से संबंध
7)सूर्य देव  का दान 
8)सूर्य रत्न :
9) महत्वपूर्ण जानकारी 


सूर्य देव किन किन चीजों के करक है :-

1) सूर्य देव को ग्रह का राजा कहा गया है क्योंकि सुर्य समस्त ग्रहों में अत्यधिक प्रकाशमान होने से तथा सर्व ग्रहों से अधिक शाक्तिशाली होने के कारण सौर मंडल में राजा का पद प्राप्त है।

2) सूर्य को क्रूर ग्रह माना गया है क्योंकि के राजा होने के कारण उनको सजा देना का अधिकार प्राप्त है।

3) सूर्य ग्रह को आत्मा का कारक , सामर्थ्य एवं आरोग्यता का कारक कहा गया है ।

4)सूर्य देव को पिता का कारक माना गया है और सूर्य की स्थिति से ही आपके पिता से संबंध आदि का ज्ञान होता है।
  अपने घर मे बड़े व्यक्ति का भी सूर्य से देखा जाता है ।

5)सूर्य देव को आपके यश- मान , प्रतिष्ठा का कारक माना गया है।

6)सूर्य साहस , ईमानदारी तथा सत्यता के कारक है ।

7)सूर्य देव प्रशासनिक सेवा व सरकारी नौकरी का कारक है।  सुर्य प्रधान जातक कार्यक्षेत्र में कठोर, अनुशासन अधिकारी, उच्च पद पर आसीन अधिकारी, प्रशासक, समय के साथ उन्नति करने वाला, निर्माता, कार्यों का निरीक्षण करने वाला बनता है ।

8)सूर्य हमारे अच्छे स्वास्थ्य का कारक है यदि सूर्य की स्थिति  कुंडकी में अच्छे है तो जातक स्वास्थ्य होता है ।

9)सूर्य हमारे शरीर में हड्डियों जैसे स्पाइनल कॉर्ड का विचार सूर्य से होता है।  पाचन तंत्र का कारक होता है ।
 
ज्योतिषीय रूप :- सूर्य देव और तत्त्व 

तत्व :- सूर्य का तत्व अग्नि है। सूर्य को जलते हुए आग के गोल के अनुसार माना गया है । अतः सूर्य लग्न में हो या लगन सिंह हो या जातक की सिंह राशि हो तो जातक में अत्यधिक ऊर्जा और अग्नि के सामान तपिस होती है | 

राशि तथा दिशा  :- सूर्य सिंह राशि का अधिपति है एवं इनकी दिशा पूर्व है | जैसा हम सब जानते है कि सूर्य पूर्व से उगता है अतः इनकी दशा का अधिपत्य पूर्व ही माना गया है | 

लिंग :- सूर्य को पुरूष लिंग है। वे दूसरे ग्रहों को प्रकाश व ऊर्जा प्रदान करता है । सूर्य  राजा और पुरुष लिंग है अतः यदि सूर्य लग्न में हो या लगन सिंह हो या जातक की सिंह राशि हो तो जातक में पुरुषों के गुणों की प्रधानता होती है | 

उच्च एवम नीच राशि:-सूर्य मेष राशि में उच्च के होते है तथा तुला राशि मे नीच के होते है । 9 ग्रहों से जुडी सम्पूर्ण जानकारी में जाने | 

सूर्य की मित्र ग्रह:-  चंद्रमा , मंगल , तथा गुरु ग्रह है । सूर्य इन  तीनों ग्रहों को अपना मित्र मानते है | जब भी सूर्य गुरु और मंगल के राशि में होते है या ये दोनों सूर्य की राशि में होते है तो प्रायः अच्छा फल ही देते है | 

नक्षत्रों से संबंध:-  सूर्य कृतिका , उत्तरा फाल्गुनी व उत्तराषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामी है । जब किसी जातक का 

रंग:-सूर्य का रंग लाल माना गया है । सूर्य का रंग लाल और नारंगी माना गया है | सूर्य को अच्छा रखने के लिए या सूर्य को बल देने के लिए आप नारंगी या लाल रंग का रुमाल रख सकते है या टोपी या स्कार्फ इस्तेमाल कर सकते है या फिर आपके कुंडली में सूर्य ख़राब हो तो इस रंग के सामान , फल आदि दान करने की सलाह दी जाती है | 

धातु:-सभी धातु में सोना राजा के समान है अतः सूर्य की धातु सोना मानी गयी  है  अतः सूर्य जिनका अच्छा होता है उनको सोने ( Gold ) से जुड़े व्यपार की सालह दी जाती है | 

सूर्य रत्न :- सूर्य का रत्न माणिक होता है।  इसका रंग गुलाबी और लाल रंग होता हैऔर इसको दाहिने हाथ के अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए 

सूर्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी:- 
सूर्य देव को प्रकाश का कारक माना गया है अतः आँखों से जुड़े किसी भी समस्या का कारक सूर्य को माना गया है।

सूर्य को हृदय का कारक माना गया है अतः हृदय से जुड़ी समस्याओं जैसे हार्ट अटैक , ब्लड प्रेशर आदि के लिए सूर्य का स्थिति का आंकलन करना पड़ता है ।

सूर्य की सहायता से पेड़ पौधे अपना भोजन बनाते है अतः वनस्पति का कारक माना गया है । पेड़ पौधे की सहायता से मेडिसिन का निर्माण होता है अतः यदि कुंडली में सूर्य अच्छा हो तो जातक को मेडिसिन  से  जुड़े व्यपार व बिजनेस करने  की सालह देते है ।

पेड़  पौधे से लकड़ी प्राप्त होता है और लकड़ी से पेपर व कागज अतः पेपर से जुड़े व्यपार व बिजनेस की सालह दी जाती है ।


सूर्य यदि कुंडली मे अच्छे हो तो जातक को अनाज का व्यापार करने की सालह दी जाती है ।

सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है अतः सभी सरकारी पद पर आसीन लोग , बड़े बड़े उधोगपति, बॉस , रॉयल फैमिली सूर्य के कारक माना गए है।

सूर्य देव  को अच्छा रखने के लिए क्या उपाय करें  सूर्य का रत्न आप तब धारण करें जब कुंडली में सूर्य आपका अच्छा और कारक ग्रह हो | 

सूर्य देव की प्रसन्नता और शांति के लिए सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए।  
सूर्य के मंत्रों का जाप करते हुए जल चढ़ाना चाहिए 
जल चढ़ाते  समय आप तांबे का लोटा या जल पात्र का इस्तेमाल करें | 
सूर्य पिता का करक होता है अतः यदि आप पिता का आशीर्वाद जरूर लीजिये 
रविवार को नमक न खाएं | 
गाय को हरा चारा खिलाना उत्तम उपाय है | 
सूर्य के दान सौरूप गेहूं , गाय बछड़े सहित , गुड़ , ताम्बा , सोना ,और लाल वस्त्र ब्राह्मणों को  और जरूरत मंदो को दान देना चाहिए।  
सूर्य नमस्कार करने से भी सूर्य अच्छा होता है | 

उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।


धन्यवाद
Happy Beginning...
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