क्या ज्योतिष बतायेगा की आपका इष्टदेव देव कौन है?
प्रिये पाठक ,
नमस्कार।
मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक रोचक विषय की चर्चा करुँगी ।
आज इस चर्चा में जानेंगे कि1) क्या ज्योतिष बतायेगा की आपका इष्टदेव देव कौन है?
2) क्या 9 ग्रहों को ठीक करने के लिए अलग अलग भगवान बताये गए हैं?
3) क्या क्या कारण है जब ज्योतिष में अलग अलग भगवान की पूजा की जाती है ?
सबसे पहले हम जानेगें कि ज्योतिष क्या हमारे इष्टदेव के बारे में बताते है।
ज्योतिष में मानते है कि आपका पंचम भाव में जो राशि है वो आपके इष्टदेव होते है जैसे यदि पंचम भाव में
यदि 1 नंबर यानी मेष राशि है तो आपके इष्टदेव मंगल देव होंगे ।
और जो भी ग्रह आपकी कुंडली में बहुत अच्छे है उनके प्रति आपके लगाव अनायास ही हो जाएगा
और जो भी ग्रह आपकी कुंडली में बहुत अच्छे है उनके प्रति आपके लगाव अनायास ही हो जाएगा
और उनकी पूजा और आराधना आपको फलित करेंगी।
परंतु इष्टदेव का चुनाव हम आज नहीं करते ,इष्टदेव का चुनाव हमारे प्रारब्ध से होते है मतलब
परंतु इष्टदेव का चुनाव हम आज नहीं करते ,इष्टदेव का चुनाव हमारे प्रारब्ध से होते है मतलब
पिछले जन्म में हम जिस भी भगवान को मानते है उनके प्रति हमारा झुकाव होता चला जाता है ।
इष्टदेव जो होते है उनकी आराधना, उनकी पूजा से आपको संतोष होगा । उनकी पूजा से आपको
खुद अनुभव होगा कि आप सही मार्ग पर है । और आपके इष्टदेव ही आपके मनोकामना को पूर्ण
करने में मदद करते है ।
हम हिन्दू का दिल ही नहीं बड़ा होता हमारा पूजा घर भी बहुत बड़ा होता है शुरू से ही हमारे घर के मंदिर
हम हिन्दू का दिल ही नहीं बड़ा होता हमारा पूजा घर भी बहुत बड़ा होता है शुरू से ही हमारे घर के मंदिर
में सभी भगवान की पूजा होती है ।
चलिये हम जांएगे की ज्योतिष में अलग -अलग ग्रहों को मजबूत करने के किन किन भगवान जी की आराधना
का विधान है ।
1) यदि किसी जातक के कुंडली में सुर्य देव कमजोर है तो हम उनको सुर्य भगवान को अर्द्ध देने की सालह देते
है सुर्य के मंत्रों का , आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ और गायत्री मंत्र का जाप करने की सालह देते है ।
2) यदि किसी जातक की कुंडली मे चंद्रमा कमजोर है तो हम उन्हें भगवान शिव की आराधना करने की सालह
देते है उन्हें शिवलिंग पर जल व दुध से अभिषेक करने को कहते है क्योंकि भगवान शिव चंद्रमा को अपने सीस
पे धारण किया है और हमारी मान्यता है कि भगवान शिव की आराधना करके चंद्रमा कोठीक किया जाता है ।
3) यदि मंगल देव कमजोर है तो हम भगवान हनुमानजी की पूजा करने कहते है और हनुमान चालीसा ,
हनुमानजी का दिन मंगलवार को व्रत करने की सलाह दी जाती है ।
4) यदि बुध देव कमजोर है तो हम भगवान गणेश की आराधना का सुझाव देते है । भगवान गणेश को दू
र्वा चढ़ाना या बुध बार के दिन लड्डू वितरित करने की सलाह दी जाती है।
5) यदि देव गुरु बृहस्पति कमजोर है किसी जातक के कुंडली मे तो विष्णु भगवान की पूजन - व्रत करने
की सलाह दी जाती है उनको पीले फल - फूल तथा पीली मिठाई भोग लगाने को कहा जाता है ।
6) यदि शुक्र ग्रह कमजोर है तो माँ लक्ष्मी व माँ दुर्गा की पूजा करने की सलाह दी जाती है । शुक्रवार को वैभव
लक्ष्मी व्रत, लाल पुष्प एवं खीर का भोग लगाकर पूजा करने की सलाह दी जाती है ।
7) यदि शनि देव कमजोर है किसी जातक के कुंडली में तो भगवान शिव या भगवान कृष्ण की उपासना
करने चाहिए ।
8) यदि राहु देव कमजोर हो तो भैरव बाबा की पूजा की सलाह दी जाती है ।
9) और केतु देव कमजोर है तो भगवान गणपति की पूजा करने की सलाह दी जाती है ।
ज्योतिष में समस्या व कारण के अनुसार भी भगवानजी की पूजन का सलाह दिया जाता है :-
1) शीघ्र विवाह के लिए :- लड़कियों के लिए भगवान शिव की पूजा शीघ्र विवाह के लिए सबसे उत्तम उपाय माना जाता है ।
शुरू से ही लड़कियों को पूरा सावन सोमबार का व्रत करने की सलाह दी जाती है और 16 सोमवार व्रत एवं पूजा
का विधान है ताकि भगवान शिव के समान अदुतीय पति की प्राप्ति हो सके ।
लड़के को माँ दुर्गा की उपासना करने की सालह दी जाती है ।
2) मानसिक समस्याओं के लिए :- मानसिक समस्या मन से जुड़ा होता है और चंद्रमा को मन का कारक कहा
लड़के को माँ दुर्गा की उपासना करने की सालह दी जाती है ।
2) मानसिक समस्याओं के लिए :- मानसिक समस्या मन से जुड़ा होता है और चंद्रमा को मन का कारक कहा
गया है और जैसा कि हम जानते है कि भगवान शिव के सीस व जटाओ में चंद्रमा विराजमान है अतः भगवान
शिव की पूजा व आराधना से चन्द्रमा को ठीक किया जा सकता है।
3) शारिरिक चोट-चपेट:- यदि किसी जातक को हमेशा चोट- चपेट लगता रहता है तो उन्हें भगवान हनुमानजी
की आराधना की सलाह दी जाती है ।
4) बाधाओं से मुक्ति :- जैसा कि हम जानते है गणपति बप्पा सभी प्रकार के विघ्न और बाधाओं को हरते है
4) बाधाओं से मुक्ति :- जैसा कि हम जानते है गणपति बप्पा सभी प्रकार के विघ्न और बाधाओं को हरते है
अतः यदि आपके जीवन में परेशानी व रुकावट एक के बाद एक आ रही है तो भगवान गणेश की पूजा की
सालह दी जाती है।
5 ) धन से जुड़ी समस्या के लिए :- आर्थिक समस्या होने , धन बचत नहीं कर पाना आदि के लिए माँ लक्ष्मी की
5 ) धन से जुड़ी समस्या के लिए :- आर्थिक समस्या होने , धन बचत नहीं कर पाना आदि के लिए माँ लक्ष्मी की
पूजा करने कहा जाता है । हमारी मान्यता है कि देवी मां लक्ष्मी की कृपा से ही धन की प्राप्ति हो सकती है ।
धन्यवाद
Happy Beginning...
आपलोग अपने किसी भी समस्या के समाधान के लिए मुझे संपर्क कर सकते है
My Email is santwanadutta1974@gmail.com
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