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बुध देव (Budh Dev) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी -हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण

  बुध  देव (Budh  Dev ) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी -हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण 

प्रिय पाठक,

नमस्कार।  



मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।

आज इस पोस्ट में आप  बुध  ग्रह( Budh Garh ) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे । इस पोस्ट में 

1) बुध  देव किन- किन चीजों के कारक है?  Budh Dev kin kin chijo  ka karak hai ?
2) तत्व ,रंग,धातु,लिंग (Tatv , Rang , Dhatu , Ling )
3)राशि तथा दिशा  ( Rashi aur Disha ) 
4)उच्च एवम नीच राशि  ( Ucch aur Neech Rashi ) 
5)बुध की मित्र ग्रह ( Budh  ke Mitra garh )
6) नक्षत्रों से संबंध  (Budh  garh kaNakshtra  se sambandh  
7) बुध देव  का दान (Budh Dev Ka dan )
8) बुध रत्न  ( Budh  Ke Ratna ) 
9)  बुध ग्रह का अशुभ प्रभाव ( Budh Dev ke Ashubh Prabhav )
10) बुध ग्रह से जुड़े व्यवसाय (Budh se jude vyavshay )
11 ) बुध देव की महादशा ( Budh ki Mahadasha ) 

बुध ग्रह:- तत्व ,रंग,धातु,लिंग (Tatv , Rang , Dhatu , Ling )

तत्व :- इस ग्रह  का तत्व पृत्वी है। 

लिंग :- बुध ग्रह को नपुंशक कहा गया है।  

रंग :- बुध का रंग हरा होता है ।

धातु :- बुध की धातु सोना है ।

राशि तथा दिशा  ( Rashi aur Disha ) :-

राशि :- बुध ग्रह की मिथुन  और कन्या राशि है।  

दिशा :- बुध उत्तर दिशा का स्वामी है ।

उच्च एवम नीच राशि  ( Ucch aur Neech Rashi ) :-

बुध देव कन्या में उच्च के और मीन में नीच के होते है। 

नक्षत्रों से संबंध  (Budh  garh kaNakshtra  se sambandh  )

नक्षत्र :- अश्लेषा और ज्येष्ठा बुध ग्रह  के नक्षत्र है। बुध एक शुभ ग्रह  है।  

बुध की मित्र ग्रह ( Budh  ke Mitra garh ) :- सूर्य , शुक्र , शनि , राहु , केतु। 

बुध देव की महादशा :- 

बुध देव की 17 वर्ष की महा दशा होरी है।  ये ग्रह 25 दिनों तक एक राशि में होता है।  बुध ग्रह के नाम से बुधवार दिवस का नामकरण हुआ है। 

बुध  देव किन- किन चीजों के कारक है? Budh Dev  kin kin chijo  ka karak hai ?

बुध ग्रह वाले जातक एक स्पष्ट वक्ता होता है सूर्य से सबसे करीब रहने वाला छोटा ग्रह ।

बुध कारक है :- बुद्धि और ज्ञान का । बुध देव का लिंग नपुंसक है। 

हास्य व्यंग्य में रुचि लेना वाला , हरित वर्ण , प्रसन्न मुद्रा वाला ,राजोगुणी  मिश्रित स्वभाव वाले होते है।

जातक कूटनीतिक ,वकालत, लेखक , बुद्धिजीवी व वैज्ञानिक  प्रतिभाशाली गणितज्ञ, ज्योतिष, शिल्पी विद्या और चिकित्सक के रूप में काम करते है ।

हास्य, नृत्य लक्ष्मी एवं चातुर्य आदि का प्रवल  कारक है ।

सभी प्रकार के पड़े -पौधा   बुध के कारक है ।


बुध ग्रह से जुड़े व्यवसाय (Budh se jude vyavshay )


बुध ग्रह के कारण जातक व्यापार, व्यवसाय, प्रकाशन , संपादन, लेखक , अध्यापन , संचार, बीमा अभिनेता और खिलाड़ी बनते है ।

व्यवसाय :- CA , CS , TAX Consultant ,  सभी प्रकार के कम्युनिकेशन  चाहे वो लिखित हो या बोलकर बुध के अंतर्गत आते है ।


एग्रीमेंट पेपर ,  रजिस्ट्रेशन, पेपर वर्क , पोस्ट , कूरियर  स्पीड ,पोस्ट बुध के कारक है ।


बुध ग्रह का अशुभ प्रभाव ( Budh Dev ke Ashubh -Prabhav )

 जातक अविश्वासी, शंकालु, स्वार्थी और चालक और विवेक हीन  होता है ।

स्वस्थ :-व्यक्ति को स्नायु, साँस लेने में प्रॉब्लम, वाकदोष , सिरदर्द , खाँसी, तपेदिक, और शूल जैसे बीमारी होती है।  
बुध त्वचा , नाभि के निकट स्थल वात, पित्त, कफ का कारक है । तुतलाना या बोलने में लड़खड़ाते है ।

बुध ग्रह का अवस्था प्रभाव -शुभ / अशुभ :( Budh  Dev ke Ashubh Prabhav )

  • क्रूर ग्रह सूर्य और मंगल तथा पाप ग्रह शनि , राहु और केतु के साथ अशुभ फल देता है 
  • और शुभ ग्रह चंद्रमा , गुरु और शुक्र के साथ शुभ फल देता है। 
  • अकेला बुध शुभ होता है ।


बुध ग्रह की शांति के उपाय:- (Budh Garh Ki Shanti Ke Upay )

बुध ग्रह की शांति के लिए प्रत्येक अमावस्या को व्रत रखे ।बुध ग्रह के लिए गणपति बाप्पा की पूजा और आराधन का विधान बतलाया गया है। 

 बुध देव  का दान (Budh Dev Ka Dan )


दान :- हरा अनाज में हरी मूँग की दाल , हरी चूड़ी, हरा कपड़ा , हरा फल  बुध वार को दान देना चाहिए ।

नोट :- कुंडली के अच्छे ग्रह से जुड़े वस्तुओं का दान  करना चाहिए। 

बुध रत्न  ( Budh  Ke Ratna ) :- बुध ग्रह  का रत्न पन्ना कहा गया  है और उसको कनिष्टिका अंगुली में धारण किया जाता है। 

उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।


धन्यवाद
Happy Beginning...
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