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अष्टमी तिथि मां महागौरी की पूजा :- अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए माँ का करें श्रृंगार


नवरात्री के आठवां  दिन करें माँ महागौरी  की पूजा 

(Navratri ke aatavan  din MaaMahagori ki pooja karen ) 

प्रिय पाठक,

नमस्कार।  

मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी। 

आज इस पोस्ट में आप जानेंगे :-




माँ महागौरी का स्वरुप 

( Maa mahagori  ka swaroop )

चैत्र नवरात्री केआठवें दिन माता के नौ रूप में से एक रूप माता महगौरी  की पूजा की जाती है।  इस रूप में माँ आठ वर्ष की है अतः अष्टमी के दिन ही कन्या पूजा किया जाता है।  

महागौरी माँ  इस रूप में श्वेत वस्त्र धारण किये हुए है और माता के चार भुजा है जिसमे एक हाथ में त्रिशूल लिए है और एक हाथ में डमरू धारण किये हुए है और दोनों हाथ अभय और वर मुद्रा में है।  माता का वाहन वृषभ है।  

महागौरी की आरधना से पूर्व संचित  पाप नष्ट होते है। 

माता महागौरी की पूजा विधि 

(Mata Mahagori ki pooja vidhi ) 

नवरात्री  के आठवें   दिन यानि 9  अप्रैल शनिवार   को माता महागौरी की पूजा का विधान है इस दिन आप स्नान से निवृत होकर माता को सफ़ेद पुष्प , दीप ,धुप ,लाल सिन्दूर अर्पित करें माँ को सफ़ेद रंग व् गुलाबी रंग   का वस्त्र   पहनाये और माता को भोग अर्पित करें।  माता को भोग अर्पित करने के बाद माता के मंत्रो का जाप जरूर करें।  मंत्रो की संख्या कम से कम 11 व् 24 बार होना चाहिए। 

 माता  महागौरी की पूजा में सफ़ेद फूल या गुलाबी रंग का पुष्प  का ही प्रयोग करें और सफ़ेद  रंग व् गुलाबी रंग का वस्त्र  अर्पित करना चाहिए। 

माता महागौरी का मंत्र  

 (Mata Mahagori  ke mantra )

माता महगौरी का ये मंत्र  आप 108 बार या कम से कम 11 बार जाप जरूर करें 

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमः

या 

ॐ महा गौरी देव्यै नमः 

उसके बाद आप दुर्गा सप्तसती का या दुर्गा चालीसा या दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए।  पाठ पूरा होने के बाद मातारानी का आरती जरूर करें।  

माता महागौरी का भोग 

 (Mata Mahagori  ka bhog  )

मां महागौरी की पूजा में नारियल का भोग लगाने उत्तम होता है इससे व्यक्ति को संतान संबंधी समस्याओ का समाधान होता है। 

नवरात्री के पहले दिन कौन सा रंग का वस्त्र पहने? 

 navratri ke phele kaun sa rang ka vastra phene 

नवरात्री के नौ दिन किसी न किसी रंग से जुड़ा है और मातारानी के नवरात्री के समय माता के प्रिय रंग के कपड़े पहनते है।  

 महागौरी की पूजा अष्टमी  तिथि को की जाती है है।  माँ महागौरी को गुलाबी रंग  पसंद है अतः उन्हें गुलाबी रंग की चुनरी व् साड़ी आप चढ़ा सकते है और आप भक्त भी गुलाबी रंग के वस्त्र पहन सकते है। 


अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए माँ का करें श्रृंगार 

अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए आपको कल के दिन मातारानी का श्रृंगार जरूर करें और माँ का आशिर्बाद जरूर ले।  माँ के आशिर्बाद से आपको अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होगी। 



ये एक माता महागौरी  का स्त्रोत है अष्टमी के दिन  पूजा करते समय जरूर पढ़े।

(mata mahagori prarthana ) 

श्री नव दुर्गा स्रोत्र 

(माता महागौरी की प्रार्थना  )

जय महागौरी जगत की माया । जय उमा भवानी जय महामाया। 

हरिद्वार कनखल के पासा ।महागौरी तेरा वहां निवास। 

चंद्रकली  और ममता अम्बे। जय शक्ति जै जै  मां जगदम्बे। 

भीमा देवी विमला माता। कोशकी देवी जग विखियाता। 

हिमाचल के घर गोरी रूप तेरा। महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा। 

सती ‘सत’ हवं कुंड में था जलाया। उसी धुएं ने रूप काली बनाया। 

बना धर्म सिंह जो सवारी में  आया। तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया। 

तभी मां ने महागौरी नाम पाया। शरण आने वाले का संकट मिटाय। 

शनिवार को तेरी पूजा जो करता। मां बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरत। 

‘दास ’ बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो। महागौरी मां तेरी हरदम ही जय हो। 

(source :- चमन की श्री दुर्गा स्तुति ) 



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धन्यवाद
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सबसे महत्वपूर्ण:-

1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ  उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो  परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।





 






 







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