प्रिय पाठक
नमस्कार ।
मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।
आज इस पोस्ट में आप जानेंगे :-
1) मनोकामना पूर्ति के लिए:-
- आप की उम्र जितनी हो उतना लौंग(Laung) लेना हैं माना लीजिये आपको उम्र 25 साल है तो आप 25 लौंग ले ले । लौंग सबूत होनी चाहिए ।
- अब इस लौंग को काले धागे में बांध कर माला बना लीजिये वैसे तो ये प्रयोग आप नवरात्रि के किसी भी दिन कर सकते है परंतु यदि आप अष्टमी तिथि को करे तो अति उत्तम होगा।
- सुबह जब आप माता रानी की पूजा के तैयारी कर लेंगे साथ ही साथ लौंग की माला भी बना ले और स्त्री -माता को गले में माला पहनाए और पुरूष है तो माँ के चरणों मे अर्पित करें ।
- माता रानी का विधि विधान से पूजा करें और अपनी मनोकामना पूरी होने व करने की प्रार्थना करें ।
- माता रानी की पूजा समाप्त हो जाये तो आप ये माला अपने पास रखें ।
- आपकी मनोकामना जल्द पूरी होगी ऐसा मन में पूर्ण विश्वास रखें और जैसे ही आपकी मनोकामना पूरी हो जाये आप उस माला को जल में प्रवाहित करें या फिर मिट्टी में दबा दे ।
2) शत्रुओं को शांत करने के लिए :-
- यदि आप हमेशा शत्रुओं से परेशान रहते है , शत्रु हमेशा आपके मार्ग में बाधा उत्पन्न करते है या आफिस पॉलिटिक्स में आप फंस जाते है तो नवरात्रि का ये उपाय जरूर करें। कल अष्टमी तिथि है आप कल से ये प्रयोग करें शुरू केर सकते है।
- ये उपाय आप 27 दिनों तक करना है
- रोज माता के चरणों मे 2 लौंग चढ़ाए और 28 दिन सभी लौंग को एकत्रित करके और उससे कपूर में या हवन में जला दे और जो भस्म रह जाए उससे जल में बहा दे या मिट्टी में दबा दे ।
- रोज जब आप माता रानी के समक्ष ये उपाय करें तो माँ से सम्पूर्ण भक्ति और निष्ठा से अपने शत्रुओं को शांत करने की प्रार्थना करें ।
- माता रानी की शक्ति अपरम्पार है उनकी भक्ति और पुर्ण समर्पण से बड़े से बड़े समस्याओं का समाधान होता है ।
- आपके भी शत्रु शांत होंगे और आने वाली रुकावट ख़त्म होगी ।
अग्यारी क्या है ये जाने ?एक छोटी से हवन विधि ।
- रोज सम्पूर्ण पूजा होने के बाद छोटा सा हवनकुंड ले लें या मिट्टी का बड़ा कटोरा ।
- आप हवन में इस्तेमाल में होने वाली लकड़ी ले लीजिए या फिर आप उपले ले सकते है ।
- उसको प्रज्वलित कीजिये :- घी और कपूर डाल कर ।
- हवन सामग्री के साथ प्रत्येक सदस्य को अपने लिए 2 लौंग, 2 बतासे, और 2 इलाइची रखना है और माता के मंत्र बोल कर हवन करें।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे स्वाहा
- आप 11 बार 21 बार कीजिये और फिर मंत्र उच्चारण करते हुए 2 लौंग, 2 इलाइची और बतासे भी हवन कुण्ड में समर्पित कीजिये ।
- ये विधि आप नवरात्रि में रोज कर सकते है या कम से कम अष्टमी और नवमीं तिथि को जरूर करें ।
- हवन कुंड को घर मे चारो तरफ घुमाए और फिर हवन कुंड को जहाँ रख कर प्रज्वलित किये थे वहां पर हवनकुंड के चारों ओर जल छिड़के ।
- ऐसा करने से प्रज्वलित अग्नि शांत होती है और साथ ही साथ हमारे घर मे यदि को नकारात्मक ऊर्जा है तो वो खत्म होती है ।
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धन्यवाद
Happy Beginning...
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सबसे महत्वपूर्ण:-
1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।
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