क्या चन्द्रमा राजयोग का निर्माण कर पता है ?
प्रिय पाठक
नमस्कार ।
आज इस पोस्ट में आप जानेंगे :-
आज हम चंद्रमा से बनाने वाला राजयोग की चर्चा करेंगे ।चंद्रमा हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है ज्योतिष में चंद्रमा को
- मन का कारक कहा गया है ।
- चंद्रमा को माता का कारक कहा गया है
- जैसा की हम जानते है की चंद्रमा सबसे तेज गति से चलने वाला ग्रह है स्वा दो दिन में एक राशि प्रवर्तित कर लेता है अतः चंद्रमा को गतिशीलता का कारक कहा गया है ।
ज्योतिष में चंद्रमा आपके जन्म कुंडली में अपनी उपस्थिति से रोजयोग का निर्माण करता है । धनी और समृद्धशाली बनाते है ये राजयोग।
चंद्रमा से तीन प्रकार के राजयोग का निर्माण होता है
१) सुनफा
२) अनफा
३) दुर्धारा राजयोग
राजयोग होता क्या है ?
क्या आपको राजा की गद्दी प्राप्त होगी ?
क्या आप किसी राज्य के राजा बन जायेगें?
ऐसा नहीं होता है यदि आपके कुंडली में राजयोग सही मायने में निर्मित हो रहा है तो
राजयोग एक ऐसा शब्द जो सही में अपनी कुंडली में हो तो क्या कहने परंतु मात्र चंद्रमा से आगे पीछे ग्रह के होने से ही राजयोग नहीं बनता ।
क्या आप किसी राज्य के राजा बन जायेगें?
ऐसा नहीं होता है यदि आपके कुंडली में राजयोग सही मायने में निर्मित हो रहा है तो
- आपका जीवन स्तर एक साधारण व्यक्ति से काफी उत्तम होगा ।
- आपको सभी प्रकार के भौतिक सुख प्राप्त होंगे ।
- आप उच्च पद पर आसीन हो सकते है ये होंगे ।
- आपके जीवन में धन की कोई कमी नही रहेगी ।
- आपके पास अपना घर होगा , गाड़ी होगी आदि
- समाज में आपका अलग रूतबा होगा । लोग आपको जानेंगे।
राजयोग एक ऐसा शब्द जो सही में अपनी कुंडली में हो तो क्या कहने परंतु मात्र चंद्रमा से आगे पीछे ग्रह के होने से ही राजयोग नहीं बनता ।
इसकी कुछ शर्ते है :-
- ग्रह आपके कुंडली का कारक ग्रह होना चाहिए तो लाभ अधिक होगा ।
- सूर्य राहु और केतु यदि आगे या पीछे घर में हो तो ये योग नहीं बनता है ।
- सूर्य के करीब होने से सूर्य देव चंद्रमा को अस्त कर देते है ।
- राहु और केतु चंद्रमा को ग्रहण लगा देते है ।
- मंगल देव , बुध देव , गुरु देव , शुक्र देव और शनि देव चंद्रमा को राजयोग बनाने में मदद करते है ।
- इन ग्रहो में डिग्री होनी चाहिए ग्रहों का मान 8 -9-10 से 19-20 -21 बीच होनी चाहिए।
- सूर्य से अस्त नहीं होचाहिए।
- मारक ग्रह कभी भी राजयोग का निर्माण नहीं करते है ।
कोई भी राजयोग का फल उसके महा दशा और अंतर्दशा में ही प्राप्त होता है ।
सुनफा राजयोग :-
चंद्रमा से एक घर आगे कोई ग्रह हो तो चंद्रमा सुनफा नामक राजयोग का निर्माण करेगा ।
मान लीजिए आपके जन्म कुंडली में चंद्रमा लग्न में है तो उसके आगे वाले घर में यदि कोई ग्रह हो जैसे मंगल , बुध ,गुरु, शुक्र और शनि हो तो सुनफा राजयोग का निर्माण करेंगें।
सुनफा योग बनता है तो दूसरे भाव (2ं house) में ग्रहों का फल :-
यहाँ एक उदाहरण के शनि ग्रह को दूसरे भाव में रखा है यदि शनि ग्रह होंगे तो आपको क्या फल मिलेगा।
शनि ग्रह :-
शनि देव यदि है तो आपकी पहचान आपके परिवार में एक न्याय प्रिय व्यक्ति के रूप में होगी । आपको सही को सही और गलत को गलत कहें ने क्षमता आपको आपकी अलग पहचान देता है ।
शनि ग्रह के अलावे बांकी ग्रह जैसे मंगल , बुध ,शुक्र और गुरु हुए तो क्या फल प्राप्त होंगें।
मंगल ग्रह :-
मंगल देव एक घर आगे है तो कुटुंब परिवार में आपका दबदबा रहेगा । और आपका अपने परिवार में एक अलग सा स्थान होगा ।
बुध ग्रह:-
बुध ग्रह हो तो आपकी वाणी उत्तम होगी लोग आपकी बातें सुनेगे आप अपने बुद्धिमता और समझदारी के बल पर अपने बैंक बैलेंस और धन संचय करने में सफल होंगे ।
गुरु ग्रह:-
यदि गुरु ग्रह हो तो आपके के पास धन की कमी नही रहेगी आप के परिवार में आपका आदर सम्मान रहेगा । आपकी धार्मिक प्रवृति के कारण आपको लोग अनुसरण करेंगे ।
शुक्र ग्रह :-
शुक्र देव हुए तो आप का धन संजय होगा ।आप मृदुभाषी है आप अपने सौम्य स्वभाव के कारण सबके प्रिय रहेंगे ।
अनफा राजयोग :-
चंद्रमा से एक घर पीछे कोई ग्रह हो तो अनफा योग बनता है ।
मान लीजिए आपके जन्म कुंडली में चंद्रमा लग्न में है तो उसके पीछे वाले घर में यदि कोई ग्रह हो जैसे मंगल , बुध ,गुरु, शुक्र और शनि हो तो अनफा राजयोग का निर्माण करेंगें।
अनफा योग बनता है तो बारवां भाव (12 house) में ग्रहों का फल :-
यहाँ एक उदाहरण के गुरु ग्रह को बरवां भाव में रखा है यदि गुरु ग्रह होंगे तो आपको क्या फल मिलेगा।
गुरु ग्रह
गुरु होने से धार्मिक अनुष्ठान में खर्च करेगा । घर में धार्मिक अनुष्ठान होता रहेगा और बाहर भी बढ़ -चढ़ का हिस्सा लेंगे।
गुरु ग्रह के अलावे बांकी ग्रह जैसे मंगल , बुध ,शुक्र और शनि हुए तो क्या फल प्राप्त होंगें।
मंगल ग्रह
मंगल होने से जातक अपने रूतवा पर खर्च करेगा। इसका अर्थ ये हुआ कि अपने मान -सम्मान के लिया पैसा खर्च करेंगे।
बुध ग्रह
बुध होने से अपनी बहन बेटी बुआ पर खर्च करेगा। अर्थात हमेशा उनको गिफ्ट देना और उनको खुश रखने की कोशिश करेंगे।
बुध होने से अपनी बहन बेटी बुआ पर खर्च करेगा। अर्थात हमेशा उनको गिफ्ट देना और उनको खुश रखने की कोशिश करेंगे।
शुक्र ग्रह
शुक्र हुआ तो अपनी विलासिता पर खर्च करेंगे । घूमना जाना देश -विदेश , कपड़े , ज्वेल्लरी आदि पर खर्च करना।
शनि ग्रह
शनि होने पर अपनी न्याय पर खर्च करेंगे। न्याय पाने के लिए कितना भी धन खर्च हो पीछे हटेंगें।
शनि होने पर अपनी न्याय पर खर्च करेंगे। न्याय पाने के लिए कितना भी धन खर्च हो पीछे हटेंगें।
दुर्धरा राजयोग : -
चंद्रमा से एक घर आगे और एक घर पीछे यदि कोई ग्रह हो तो दुर्धार राजयोग बनता है ।
चलिए मान लीजिए चंद्रमा आपके लग्न में है तो उससे एक घर आगे दूसरे भाव में गुरु है और बरवां में शनि है तो दुर्धरा राजयोग का निर्माण करेंगे ।
दुर्धरा राजयोग बनता है तो दूसरे भाव (2 हाउस )और बारवां भाव (12 house) में ग्रहों का फल :-
यहाँ एक उदाहरण के शनि ग्रह को बरवां भाव और गुरु को दूसरे भाव में रखा है यदि गुरु ग्रह और शनि ग्रह हुए तो आपको क्या फल मिलेगा।
गुरु ग्रह:-
यदि गुरु ग्रह हो तो आपके के पास धन की कमी नही रहेगी आप के परिवार में आपका आदर सम्मान रहेगा । आपकी धार्मिक प्रवृति के कारण आपको लोग अनुसरण करेंगे ।
शनि ग्रह
शनि होने पर अपनी न्याय पर खर्च करेंगे। न्याय पाने के लिए कितना भी धन खर्च हो पीछे हटेंगें।
शनि होने पर अपनी न्याय पर खर्च करेंगे। न्याय पाने के लिए कितना भी धन खर्च हो पीछे हटेंगें।
गुरु ग्रह और शनि ग्रह के अलावे बांकी ग्रह जैसे मंगल , बुध ,शुक्र हुए तो क्या फल प्राप्त होंगें।
यदि ग्रह दूसरे भाव ( 2 house) में हुए तो :-
मंगल ग्रह :-
मंगल देव एक घर आगे है तो कुटुंब परिवार में आपका दबदबा रहेगा । और आपका अपने परिवार में एक अलग सा स्थान होगा ।
बुध ग्रह:-
बुध ग्रह हो तो आपकी वाणी उत्तम होगी लोग आपका बातें सुनेगे आप अपने बुद्धिमता और समझदारी के बल पर अपने बैंक बैलेंस और धन संचय करने में सफल होंगे ।
शुक्र ग्रह :-
शुक्र देव हुए तो आप का धन संजय होगा ।आप मृदु भाषी है आप अपने सौम्य स्वभाव के कारण सबके प्रिय रहेंगे ।
यदि ग्रह बरवां भाव (12 house ) में हुए तो :-
मंगल ग्रह
मंगल होने से जातक अपने रूतवा पर खर्च करेगा। इसका अर्थ ये हुआ कि अपने मान -सम्मान के लिया पैसा खर्च करेंगे।
बुध ग्रह
बुध होने से अपनी बहन बेटी बुआ पर खर्च करेगा। अर्थात हमेशा उनको गिफ्ट देना और उनको खुश रखने की कोशिश करेंगे।
बुध होने से अपनी बहन बेटी बुआ पर खर्च करेगा। अर्थात हमेशा उनको गिफ्ट देना और उनको खुश रखने की कोशिश करेंगे।
शुक्र ग्रह
शुक्र हुआ तो अपनी विलासिता पर खर्च करेंगे । घूमना जाना देश -विदेश , कपड़े , ज्वेल्लरी आदि पर खर्च करना।
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उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद
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आपलोग अपने किसी भी समस्या के समाधान के लिए मुझे संपर्क कर सकते है
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