मां सिद्धिदात्री का स्वरुप की पूजा ,माता सिद्धिदात्री की पूजा विधि ,माता सिद्धिदात्री का मंत्र का जाप ,माता सिद्धिदात्री का भोग ,माता सिद्धिदात्री की प्रार्थना,माता सिद्धिदात्री को प्रसन्न करने के लिए कौन से रंग का वस्त्र अर्पण करें।
नवरात्री के नवमी तिथि करें माँ सिद्धिदात्री की पूजा
(Navratri ke Navmi Tithi Maa Siddhidatri ki pooja karen )
प्रिय पाठक,
नमस्कार।
मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।
आज इस पोस्ट में आप जानेंगे :-
( Maa Siddhidatri ka swaroop )
चैत्र नवरात्री के नवमीं दिन माता के नौ रूप में से एक रूप माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। माता सिद्धिरात्रि की उपासना सभी प्रकार की सिद्धि प्राप्त करने के लिए की जाता है।
माँ सिद्धिदात्री कमल पर विराजवान है इस रूप में चार भुजा है जिसमे उन्होंने गदा , शंख ,चक्र और कमल का फूल लिए हुए है।
शास्त्रों के अनुसार माँ सिद्धिदात्री के पास आठ सिद्धियाँ है और सभी देवी -देवता माँ सिद्धिदात्री से ही सारी सिद्धि प्राप्त की है।
माता सिद्धिदात्री की पूजा विधि
(Mata Siddhidatri ki pooja vidhi )
ननवरात्री के नवमीं तिथि यानि 10 अप्रैल रविवार को माता सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है इस दिन आप स्नान से निवृत होकर माता को जामुनी पुष्प , दीप ,धुप ,लाल सिन्दूर अर्पित करें माँ को जामुनी रंग का वस्त्र पहनाये और माता को तिल का भोग अर्पित करें। माता को भोग अर्पित करने के बाद माता के मंत्रो का जाप जरूर करें। मंत्रो की संख्या कम से कम 11 व् 24 बार होना चाहिए।
माता सिद्धिदात्री की पूजा में जामुनी रंग का पुष्प या फिर लाल पुष्प का ही प्रयोग करें और जामुनी रंग का वस्त्र अर्पित करना चाहिए।
माता सिद्धिदात्री का मंत्र
(Mata Siddhidatri ke mantra )
माता महगौरी का ये मंत्र आप 108 बार या कम से कम 11 बार जाप जरूर करें
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमः
उसके बाद आप दुर्गा सप्तसती का या दुर्गा चालीसा या दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए। पाठ पूरा होने के बाद मातारानी का आरती जरूर करें।
माता सिद्धिदात्री का भोग
(Mata Siddhidatri ka bhog )
नवमी तिथि :- सुख -समृद्धि की प्राप्ति के लिए इस दिन माँ को हलवा , पूरी -चना का भोग लगाया जाता है।
नवरात्री के नवमीं तिथि कौन सा रंग का वस्त्र पहने?
navratri ke Navmi Tithi kaun sa rang ka vastra phene
नवरात्री के नौ दिन किसी न किसी रंग से जुड़ा है और मातारानी के नवरात्री के समय माता के प्रिय रंग के कपड़े पहनते है।
महागौरी की पूजा अष्टमी तिथि को की जाती है है। माँ सिद्धिदात्री को जमुनी रंग पसंद है अतः उन्हें जामुनी रंग की चुनरी व् साड़ी आप चढ़ा सकते है और आप भक्त भी जामुनी रंग के वस्त्र पहन सकते है।
ये एक माता सिद्धिदात्री का स्त्रोत है नवमीं के दिन पूजा करते समय जरूर पढ़े।
श्री नव दुर्गा स्रोत्र
(माता सिद्धिदात्री की प्रार्थना )
ये एक माता सिद्धिदात्री का स्त्रोत है नवमीं तिथि को पूजा करते समय जरूर पढ़े।
(mata Siddhidatri prarthana )
जै सिद्धि दात्री माँ तू सिद्धि की दाता। तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता।
तेरे नाम लेते ही मिलती है सिद्धि। तेरा नाम से मन की होती है शुद्धि।
कठिन काम सिद्ध करती हो तुम। जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम।
तेरी पूजा में न कोई विधि है। तू जगदम्बे डटी तू सर्व सिद्धि है।
रविवार को तेरा सुमिरन करे जो। तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो।
तू सब काज उसके करती हो पूरे। कभी काम उसके रहे न अधूरे।
तुम्हारी दया और तुम्हारी ही माया। रखे जिसके सर पर मैय्या अपनी छाया।
सर्वसिद्धि दाती वह है भाग्यशाली। जो है तेरे दर का ही आंबे सवाली
हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा। महा नंदा मंदिर में है वास तेरा।
मुझे आसरा है हुम्हारा ही माता। 'दास ' है सवाली तू जिसकी दाता।
(source :- चमन की श्री दुर्गा स्तुति )
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उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
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