प्रिये पाठक ,
नमस्कार।
मैं आचर्या सांत्वना दत्ता आज एक बहुत ही अच्छे विषय के बारे में बात करुँगी।
कुंडली में खिलाडी बनाने के योग
आज बात करेंगे की कुंडली में खिलाड़ी बनाने के योग आपके कुंडली में है या नहीं।
शुरू से हम और हमारे माता पिता अपने बच्चों को इंजीनियर , डॉक्टर , IAS , पुलिस ऑफिसर , बैंकर ,रेलवे में बड़ा ऑफिसर बने क्योंकि सभी माता पिता अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित कैरियर चाहते हैं । उनको इस बात की गारंटी चाहिए होती है कि हमारा बच्चा सेटल हो गया है ।
लोग अपने बच्चों खेलने देना चाहते है। शुरू से जब आपका बच्चा हाथ में बेट बॉल लेता है तो पहले हमारे माता -पिता देखते ही कहते थे कपिल देव बनेगा या गावस्कर या फिर मिल्खा सिंह बनेगा। आज हम कहते है धोनी या विराट कोहली और यदि लड़की है तो हम पिटी उषा या सान्या मिर्जा बनाते है ।
किंतु 100% में से 95 माता पिता खेल या स्पोर्ट को कैरियर नहीं बनने देते । उनको लगता है इसमें संघर्ष बहुत है। ये बात सच भी है।
खेल की दुनिया में आने के लिए बहुत संघर्ष भी है। माता पिता के लिए परिश्रम भी है । पैसा भी बहुत खर्च होता है।
हां एक बात ये है कि आपका बेटा /बेटी खेल या स्पोर्ट में खेल ले तो आपका और आपके बेटे /बेटी को फिर :-
- दुनिया जानती है ।
- नाम होता है।
- इज्जत मिलती है।
- शोहरत मिलता है
- और खूब सारा धन।
- अब तो सरकारी नौकरी भी मिलती है यदि आपके खेल से देश का नाम ऊंचा होता है।
बताने की जरूरत नहीं कि खेल की दुनिया में यदि आपने कमाल कर दिया तो जीवन में पीछे मुड़ कर देखने की जरूरत नहीं पड़ती है ।
खिलाडी बनने के लिए कुंडली विश्लेषण क्यों जरुरी है ?
- संघर्ष बहुत है ।
- पैसे का खर्चा बहुत है बच्चो को ट्रेनिंग के लिए खर्चा बहुत होता है ।
- स्पोर्ट के समान भी बहुत महंगा होता है ।
- समय बच्चों के साथ साथ माता पिता को भी देना पड़ता है ।
- पॉलिटिक्स भी बहुत है ।
- एक कन्फर्म कैरियर सब के लिए नहीं हो पाता है ।
- ये जरूर जान ले की ये खिलाड़ी बनाना आपके बच्चों या आपके किस्मत में है क्या?
- ज्योतिष बताएगा की आपका बेटा /बेटी एक अच्छा खिलाड़ी बन पाएगा या नहीं ।
- ज्योतिष आपको ये बताएगा की आप या आपके बच्चे उन ऊंचाई तक पहुंच पाएंगे की नही जहां लोग उनको जाने और आपको भी ।
क्या योग होता है एक अच्छे खिलाड़ी बनाने के ?
मंगल ग्रह :-
सबसे महत्त्व पूर्ण ग्रह है खिलाड़ी बनाने के वो है मंगल ग्रह ।
किसी भी व्यक्ति के लिए यदि मंगल देव अच्छे है , मजबूत है कुंडली में तो आप अच्छे खिलाड़ी बन सकते है ।
मंगल ही क्यों क्योंकि मंगल देव करक है :-
- शारीरिक मजबूती और ताकत के कारक है ।
- आपके निर्णय लेने की क्षमता का कारक है ।
- आपके अंदर का शक्ति और एनर्जी के कारक है।
स्पोर्ट में यदि आप को दिन भर भागने और दौड़ने की ताकत, शक्ति , इच्छा ही न हो या आप कर ही न पाए तो स्पोर्ट में जाना ही व्यर्थ है ।
मंगल ग्रह आपके कुंडली में मजबूत है कैसे जाने?
- मंगल यदि आपके कुंडली में रूचक महापुरुष योग बना रहा हो ।
- मंगल अपने राशि या उच्च का हो जैसे मंगल मेष का हो , वृश्चिक का हो या मकर राशि का हो केंद्र और त्रिकोण में हो तो मंगल अच्छा और मजबूत माना जाता है ।
- मंगल देव की महादशा और अंतर दशा आ जाए तो जातक जल्दी इस फील्ड में तरक्की करता है ।
- मंगल यदि शनि से पंचम या नवम हो तो भी एक अच्छे खिलाड़ी बनाने के योग होते है ।
बुध ग्रह :-
- बुध का भी अच्छा होने चाहिए क्योंकि सही समय पर सही निर्णय लेने में मदद करता है ।
- सोच समझ कर निर्णय लेने में बुध ग्रह मदद करता है ।
- रिस्क कैलकुलेट या जोखिम भरा निर्णय लेने में बुध ग्रह क साथ जरुरी है ।
- तार्किक शक्ति बुध कुंडली में अच्छा होने से होता है।
कौन कौन से भाव है जो खिलाडी बनाने में मदद करते है ?
लग्न और लग्नेश :-
लग्न और लागेश का अच्छा होना बहुत जरुरी है यदि खिलाड़ी का स्वास्थ अच्छा होना भी जरूरी है अतः लगन और लग्नेश का अच्छा होना अति आवश्यक है ।
पराकर्म भाव :-
तीसरे भाव आपके ताकत का भाव है ।
तीसरा भाव बली होने से जातक में साहस , पराक्रम और धैर्य होता है ।
व्यक्ति जुझारू होता है ।
तीसरा भाव बली होने से जातक में साहस , पराक्रम और धैर्य होता है ।
व्यक्ति जुझारू होता है ।
- पराकर्म भाव ( तीसरा भाव ) का स्वामी पराक्रम भाव में होना इस ग्रह के स्वामी की दृष्टि हो तों भी उत्तम योग है खिलाड़ी बनाने के ।
- तीसरे भाव का स्वामी दशम भाव में हो और मंगल यदि अच्छे भाव में हो तो भी खिलाड़ी बनने के अच्छे योग होते है ।
- तीसरे भाव में राहु /केतु / शनि और मंगल हो तो अच्छे खिलाड़ी बनने का योग होता है क्योंकि तीसरा भाव पराक्रम का भाव है और ये ग्रह तीसरे भाव की शक्ति को बढ़ाते है।
पंचम भाव : -
पंचम भाव प्रायः विद्या और बुद्धि के लिए देखा जाता है परन्तु खेल से जुड़े सवाल के लिए ये भाव भी महत्त्व पूर्ण है। इस भाव का और इस भाव के स्वामी का अच्छा होना बहुत जरुरी है।
- पंचम भाव का स्वामी यदि केंद्र में या तरीकों में हो।
- पंचम भाव पर शुभ ग्रह हो या शुभ ग्रह की दृस्टि हो।
छटा भाव :-
- छटा भाव का स्वामी छटा भाव में हो या उसकी दृष्टि हो तो भी खिलाड़ी बनाने के योग बनते है ।
- छटा भाव विरोधियों का भाव है ।शत्रु या विरोधियों पर विजय के लिए छटा भाव होता है ।
- कंपीटीशन का भाव है अतः यदि छठा भाव अच्छी स्थिति में हो प्रतियोगिता
दशम भाव :-
- दशम भाव का अच्छा होना भी खिलाड़ी बनाने में मदद करता है क्युकि दशम भाव अपने कर्म का भाव है अपने मान सम्मान का भाव है।
- दशम भाव का स्वामी यदि छटा या तीसरे भाव में बैठ जाए तो खिलाड़ी बनने के योग होता है ।
उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद
Happy Beginning...
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