प्रिये पाठक ,
नमस्कार।
मैं आचर्या सांत्वना दत्ता आज एक बहुत ही अच्छे विषय के बारे में बात करुँगी जो हमारे युवा वर्ग (Young Generation) के द्वारा सबसे जाएदा पूछे जाने वाले सवाल है ?
प्रेम विवाह (Love Marriage ) या अरैंज मैरिज ( Arrange Marriage)
आज इस पोस्ट में चर्चा करुँगी:-
1) लव मैरिज के योग बनते कैसे है ?
2 ) लव मैरिज योग कैंसिल क्यों हो जाता है ?
3) लव मैरिज होने के बाद भी सफल क्यों नहीं होता है ?
चलिए जानते है सबसे पहले कि कुंडली में लव मैरिज देखा कैसे जाता है ?
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| प्रेम विवाह (Love Marriage ) योग |
ऊपर जो आप कुंडली देख रहे है उसमे जहाँ 5 नंबर लिखा है उसको पंचम भाव कहते है और इस स्थान से प्रेम के बारे में जाना जाता है
और जहाँ 7 लिखा है उसको सप्तम भाव कहते है और ये भाव विवाह का या जीवन साथी का घर होता है।
और जब दोनों भाव किसी भी प्रकार से रिलेशन या संबंध बने तो हम कहेगें आपके कुंडली में प्रेम विवाह का योग है।
पंचम भाव - प्रेम
+
सप्तम भाव - विवाह
= प्रेम विवाह
लव मैरिज के योग बनते कैसे है ?
Love marriage yog bante kaise hai ?
युति :-
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| युति से प्रेम विवाह का योग |
ऊपर की कुंडली में पंचम भाव में सिंह राशि है और सिंह राशि के स्वामी सूर्य है और सप्तम भाव में तुला राशि है और तुला राशि के स्वामी शुक्र है।
और दोनों ही सूर्य और शुक्र एक साथ युति बनाकर दशम भाव में बैठे है जो प्रेम विवाह का मजबूत योग है।
दृष्टि : -
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| दृस्टि से प्रेम विवाह का योग |
ऊपर की कुंडली में पंचम भाव में सिंह राशि है और सिंह राशि के स्वामी सूर्य है और सप्तम भाव में तुला राशि है और तुला राशि के स्वामी शुक्र है।
दोनों ही ग्रह एक दूसरे को अपनी सप्तम दृस्टि से देख रहे है अतः ये भी प्रेम विवाह का मजबूत योग बता है।
राशि परिवर्तन :-
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| राशि परिवर्तन से प्रेम विवाह का योग |
ऊपर की कुंडली में सूर्य जो पंचम भाव का स्वामी है सप्तम भाव में आ गया है और शुक्र जो सप्तम भाव का स्वामी है वो पंचम भाव में आ गया है अतः प्रेम विवाह का मजबूत योग बन रहा है।
कुंडली में और भी योग प्रेम विवाह को दर्शाते है :-
- पंचम (5 ) भाव के स्वामी यदि सप्तम (7)भाव में बैठ जाइए आंशिक योग प्रेम विवाह का बनता है।
- सप्तम भाव का स्वामी पंचम भाव में बैठ जाइए तो भी आंशिक प्रेम विवाह का योग बनता है।
- सप्तमेश ( सप्तम भाव का स्वामी ) से शुक्र की युति हो जाये या पंचमेश ( पंचम भाव का स्वामी ) से शुक्र की युति हो जाये।
- शुक्र यदि पंचम भाव या सप्तम भाव में हो तो भी प्रेम विवाह का योग बनता है और सप्तमेश और पंचमेश की युति दृस्टि हो तब भी प्रेम विवाह का योग बनता है।
- चन्द्रमा यदि पंचमेश और सप्तमेश से युति और दृस्टि हो तो भी प्रेम विवाह का योग बनता है।
लव मैरिज व् प्रेम विवाह योग कैंसिल क्यों हो जाता है ?
Cancellation yoga for marriage
- शनि , राहु और केतु यदि पंचम भाव में बैठ जाइये या दृस्टि डाले तो लव मैरिज के योग कैंसिल हो जाते है।
- पंचमेश और सप्तमेश शनि ही हो तो लव मैरिज के योग कैंसिल हो जाते है।
- पंचम भाव पीड़ित हो जैसे मारक ग्रह की दृस्टि हो।
- पंचम भाव में नीच के ग्रह आ कर बैठ जाये।
- पंचमेश या सप्तमेश अस्त हो जाये तो ये योग कैंसिल हो जाता है।
लव मैरिज होने के बाद भी शादी सफल क्यों नहीं होता है ?
why love marriage not successful?
पंचमेश और सप्तमेश नीच के हो लव मैरिज होने के बाद भी शादी सफल नहीं होगी।
पंचमेश और सप्तमेश दोनों या एक ग्रह भी छठा भाव , आठवां भाव और बारवां भाव में चला जाये तो लव मैरिज व् प्रेम विवाह सफल नहीं होता है।
चलिए जानते है यदि पंचमेश और सप्तमेश यदि नीच के हो या छठा भाव , आठवां भाव और बारवां भाव में हो तो क्या प्रॉब्लम हो सकता है ?
- बीमारी का योग होता है मतलब दोनों में से एक हमेशा बीमार रहेगा और लड़ाई - झगड़े बार बार होते है और अलग( Divorce) होने के योग होता है।
- शादी के बाद टेंशन , डिप्रेशन लगा रहता है।
- शादी के बाद अलग होने ( Divorce)का योग होता है
उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद
Happy Beginning...
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