सोमवती अमावस्या(Somvati Amavasya ३० May 2022 )अमावस्या तिथि का निर्माण कब है और उसका महत्व क्या है ?
अमावस्या तिथि को किये गए दान या उपाय करने से क्या लाभ होता है ?
अमावस्या के दिन क्या नहीं करना चाहिए ?
प्रिय पाठक ,
नमस्कार।
आज बहुत ही अच्छे विषय के बारे में बात करुँगी। 30 मई 2022 को सोमवती अमावस्या है चूकिं ये सोमवार को अमावस्या है अतः इसका नाम सोमवती अमावस्या है।
सोमवार शिव भगवान् की पूजा और आरधना के लिए सबसे उत्तम माना गया है अतः सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिन महिला व्रत रखती है और भगवन शिव और माता पार्वती की पूजा आरधन करती हैं।
ऐसा माना गया है यदि सुहागिन स्त्री इस दिन पूजा करती है तो उनको अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है तथा वैवाहिक सुख उत्तम होता है।
अमावस्या का दिन पितरों का दिन माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में बतलाया गया है कि इस दिन यदि हम दान करते है, गरीबों को खिलते है तो इससे पितृ प्रसन्न होते है और उनका आशीर्वाद प्राप्त।
अमावस्या के दिन का क्यों इतना महत्त्व है ?
अमावस्या का दिन उनके लिए अति उत्तम होता है जो तंत्र -मंत्र साधन करते है।
सिद्धि प्राप्त और गुप्त ज्ञान प्राप्त करने के लिए यह उत्तम दिन माना जाता है।
अमावस्या तिथि का निर्माण कब और कैसे होता ?
हम सब जानते है कि महीने में एक बार पूर्णिमा और एक बार अमावस्या तिथि आती है ।
पंचाग में पूरा महीना 15 -15 दोनो में बांटा गया है शुक्ल पक्ष के अंतिम तिथि को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष के अंतिम तिथि को अमावस्या तिथि (amavasya tithi )आता है ।
जब सूर्य और चंद्रमा समान अंशो पर और एक ही राशि में आ जाए तो अमावस्या तिथि आती है इस समय चंद्रमा ० डिग्री का होता है और चंद्रमा की शक्ति क्षीण हो जाती है ।
अमावस्या तिथि को किये गए दान उपाय करने से क्या लाभ होता है ?
- हमारे कुंडली में बनने वाले पितृ दोष(pitra dosh) से मुक्ति मिलती है ।
- आपके कुंडली में यदि ग्रहण दोष( grahan dosh) है तो आपका ग्रहण दोष का निवारण होता है।
- कुंडली के राहु/केतु (rahu/ketu) को भी शांत (shant )किया जाता है ।(राहु/केतु का संबंध सूर्य और चंद्रमा से बताया गया है और ये दोनो ही है जो सूर्य और चंद्रमा को ग्रहण लगाने की ताकत रखते है ।)
अमावस्या तिथि को यदि आप दान या कार्य और उपाय करने से क्या लाभ होता है ?
आपको यहाँ बहुत सारे उपाय बताये परन्तु सारे उपाय आपको एक ही दिन में करना है जरुरी
नहीं। आप एक या दो उपाय कर सकते है जो आपको आसान लगे या आपका कारण चाहे।
- अमावस्या का दिन उपवास करना श्रेष्ठ होता है परंतु यदि आप उपवास नहीं कर सकते तो कम से कम सात्विक भोजन ग्रहण करें ।
- अमावस्या के दिन जब आप भोजन बनाते है तो एक भाग कौए, एक भाग कुत्ता और एक भाग निर्धन व्यक्ति के लिए जरूर निकले ।
- अमावस्या के दिन निर्धन व्यक्ति को दान और भोजन देना अत्यंत लाभकारी होता है ।जरूरतमंद लोगों को दवा , वस्त्र , भोजन का दान कर सकते है ।
- पशुओं को जैसे गाय भैंस का हारा चारा खिलाएं ।
- घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीपक जरूर लगाएं इससे घर में आ रही नकारत्मक ऊर्जा समाप्त होती है ।
- अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के नीच दीया लगाने से पितृ दोष से मुक्ति पाने का सरल उपाय होता है ।
- पीपल के पेड़ में देवी देवता का निवास होता हैअतः यदि हम पेड़ लगाते है तो हमे उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है ।
- घर के मंदिर में और तुलसी के नीचे दीपक जरूर जलाए ऐसा करने से सकारत्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और घर से कलह मिटता है ।
- अमावस्या के दिन जितना भी कबाड़ , खराब समान , रुकी हुई घड़ी सारा बाहर निकल दीजिए । ये सारे चीजे ख़राब राहु है और खराब राहु आपके कार्यों में रुकावट डालता है अतः यदि आप हर अमावस्या को ये काम करते है तो आपके कार्यों में बाधा उत्पन्न नहीं होगा ।
- घर की साफ सफाई जरूर करें ।
- जरूरतमंद लोगों को दवा , वस्त्र , भोजन का दान कर सकते है ।
अमावस्या के दिन क्या नहीं करना चाहिए ?amavasya ke din kya nahi kerna chahiye?
अमावस्या तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करते है जैसे
- यदि जरूरी न हो तो यात्रा न करें
- कोई नया काम या नया बिजनेस नहीं शुरू न करें
- कोई भी शुभ काम जैसे गृह प्रवेश , गाड़ी , नामांकरण नहीं करना चाहिए ।
- मांस -मंदिरा का सेवन से बचना चाहिए।
- किसी के प्रति द्वेष नहीं रखना चाहिए।
- किसी का अपमान नहीं करना चाहिए।
उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद
Happy Beginning...
आपलोग अपने किसी भी ज्योतिषये समस्या के समाधान के लिए मुझे संपर्क कर सकते है
My Email is santwanadutta1974@gmail.com
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