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रत्नों का रहस्य :- क्या रत्न ( Gems) भाग्य बदलते है ? कुंडली अनुसार कौन सा रत्न (Gems) धारण करें ?



 प्रिय पाठक ,

नमस्कार।  

 आज फिर से बहुत अच्छे विषय के बारे में चर्चा करुँगी।  

आज रत्न की बात करुँगी।  रत्न या स्टोन आप अपनी भाषा में बोलते है।  

ज्योतिष में हर ग्रह के अलग अलग रत्न है और कोई भी ग्रह यदि आपके कुंडली में कमजोर है तो रतन पहनने की सलाह दी जाती है।  

इस पोस्ट में आप रत्न से जुडी सभी जानकारी प्राप्त करेंगें।  आप जानेगें 

1 ) किस ग्रह का कौन सा रत्न होता है ?  (Kis garh ke kaun se ratna hai )

२ ) रत्न पहने की  क्या  शर्ते होती है ( conditions for wearing Gemstones or gems ) 

3 ) कुंडली अनुसार कौन सा रत्न धारण करें ? ( Kundali anusaar kaun sa ratan dharan karen )

4) किस रत्न के साथ किस रत्न की अनुकूलता होती है ? ( Gemstone   Compatibility ) . 

5 ) कौन सा रत्न किस धातु और अंगुली  में  धारण करना चाहिए ?(Metal and Finger for Gemstone   or ratna) 

6  ) रत्न पहने के नियम क्या है ?  किस दिन रत्न पहने और  स्टोन व् रत्न पहनने की विधि  क्या है ? (Ratna ( Gemstone  ) kis din aur kis vidhi ya tarika kya hai ) 

7  ) ज्योतिष सलाह क्यों लेना चाहिए रत्न पहने से पहले ? why need astrology suggestion for Gems  remedies ? 

 क्या रत्न ( Gems) भाग्य बदलते है ?  

सबसे पहले आपको  ये जानना चाहिए कि रत्नों को सबसे प्रभावशाली उपाय माना जाता है। रत्नों को भाग्य बदलने की कुंजी माना जाता है।  

रत्न ग्रहों की शुभता को बढ़ाते है और हमें  हमारे जीवन में सहजता से आगे बढ़ने में मददगार होते है।  

 रत्न ग्रहों का मजबूत करते है और जब ग्रह मजबूत होते है तब हमारे कुंडली के कारक और  शुभ ग्रह हमें सभी प्रकार के सुख प्रदान करते है।  

ग्रहों की डिग्री नहीं बढ़ती है । 


रत्न (Gemstone ) कोई  जादू नहीं है हाँ उसको पहने से ग्रहों को बल प्राप्त होता है। 

 किस ग्रह का कौन सा रत्न होता है ?

(Planets and Gemstone )

ज्योतिष शास्त्र में प्रतियेक ग्रह के लिए अलग -अलग रत्न बताये गए है।  किसी भी व्यक्ति को उनके कुंडली में ग्रहों की स्थति के अनुसार रत्न पहने की सलह दी जताई है। 

रविवार (Sunday ) :- माणिक  (Rubi  )

सोमवार ( Monday ) :- मोती ( Pearl ) 

मंगलवार ( Tuesday ):- मूंगा ( Coral )

बुधवार ( Wednesday) :- पन्ना (Emerald )

गुरूवार (Thursday) :- पुखराज ( Yellow Sapphire ) 

शुक्रवार ( Friday ):- हीरा ( Diamond  ) ओपल (opal ), जरकन (Jarkan ) । 

शनिवार ( Saturday ) : - नीलम ( Blue  Sapphire) : -  उपरत्न :-काका नीली  

राहु :- गोमेद और केतु :- लहसुनिया 

नोट : -राहु और केतु के रत्न धारण नहीं करना चाहिए।  

रत्न पहने की भी क्या नियम व् शर्ते होती है?

 ( conditions for wearing gems ) 

1 ) रत्न हमेश कारक ग्रह और  सम ग्रह  का पहनाया  जाता है।  

2 ) लग्नेश हो या कारक ग्रह यदि उनकी उपस्थ्ति 6 -8 -12 भाव में हो या नीच के हो तो आप रत्न धारण नहीं कर सकते है।  

3 ) किसी विशेष परस्थिति या कार्यो को पूर्ण  करने के रत्नो को पहनें की  सलाह दी(ज्योतिष सलाह जरूर ले

4 ) महादशा -अन्तर्दशा के अनुसार भी रत्न पहने  सलाह दी जाती है।  ( ज्योतिष सलाह जरूर ले

5 ) यदि जिस ग्रह का रत्न धारण कर रहे है यदि वो लग्नेश का मित्र हो तो उत्तम होता है।  

 कुंडली (Kundali )  अनुसार कौन सा  रत्न( Gems) पहने ? 



ऊपर की कुंडली मेष लग्न की है इस लग्न के अनुसार कुंडली के :-

कारक ग्रह :- मंगल , चन्द्रमा , सूर्य और गुरु 

सम ग्रह :- शनि  और 

अकारक ग्रह : - बुध और शुक्र 

मेष लगन की कुंडली के अनुसार आप मंगल - मूंगा , चन्द्रमा - मोती , सूर्य -माणिक और गुरु -पुखराज  जरुरत के अनुसार धारण कर सकते है।

आपके  ध्यान  देने  योग बातें :-

  • ये चारों ग्रह 6-8-12 भाव में न हो और न ही ये ग्रह अपनी नीच राशि में हो।  
  • सारे ग्रहमित्र  ग्रह है लग्नेश मंगल के। 
  • सारे ग्रह कारक है कुंडली के।

अगर इन बातों को ध्यान में रख कर  रत्न धारण किया जाता है तो आपकी कुंडली का बल प्राप्त होता है। 

 यदि कुंडली में सभी कारक ग्रह की उपस्थिति अच्छी न हो तब आप सम ग्रह का रत्न पह सकते है।  

इस तरह से सभी लगन के कारक ग्रह और उसकी उपस्थिति के अनुसार ही रत्न धारण करना चाहिए।  

आप सभी लग्न के कारक , सम और आकारक ग्रह को जानने के लिए  लिंक पर क्लिक करें 


किस रत्न के साथ किस रत्न की अनुकूलता होती है ? 

 (Gemstone  Compatibility ) 

ग्रहों के नाम 

 रत्नों के नाम 

रत्न एक साथ पहने ( अनुकूलता  compatible )

 रत्न एक साथ नहीं पहने ( प्रतिकूलता                In compatible )

 सूर्य ( Sun ) 

 माणिक ( Manik )

 मोती, मूंगा , पन्ना ,पुखराज 

 नीलम , हीरा 

चन्द्रमा ( Moon ) 

 मोती (Moti )

 माणिक , मूंगा , पन्ना ,पुखराज 

  नीलम , हीरा 

 मंगल ( Mars ) 

 मूंगा (Munga )


 मोती, मूंगा  ,पुखराज 

पन्ना, नीलम , हीरा 

 बुध ( Mercury )

 पन्ना ( Panna )

 माणिक , पुखराज , हीरा , नीलम 

 मूंगा , पन्ना 

 गुरु ( Jupitar )

 पुखराज (Pukhraj )

 माणिक , मोती , पन्ना , मूंगा 

  नीलम , हीरा 

 शुक्र ( Venus )

 हीरा (Heera )

 नीलम , पन्ना 

 माणिक , मोती , पुखराज ,मूंगा। 

 शनि ( Saturn )

नीलम ( Neelam ) 

 हीरा , पन्ना ,,मूंगा

 माणिक , मोती , पुखराज  


कौन सा रत्न कौन से धातु ( Gold , Silver ) के साथ  धारण करना चाहिए ?

कौन सा रत्न कौन से अंगुली( Finger )  में धारण करना चाहिए ?

ग्रहों के नाम 

 रत्नों के नाम 

धातु ( Metal )

 किस अंगुली में धारण करें।  ( Finger ) 

 सूर्य ( Sun ) 

 माणिक ( Manik )

सोना ( Gold )


अनामिका  ( Ring Finger ) 

चन्द्रमा ( Moon ) 

 मोती (Moti )

 चांदी ( Silver ) 


 छोटी अंगुली (Small Finger  )

 मंगल ( Mars ) 

 मूंगा (Munga )


 सोना (Gold ), चांदी (Silver ) 

अनामिका ( Ring Finger ) 

 बुध ( Mercury )

 पन्ना ( Panna )

  सोना (Gold ), चांदी (Silver ) 

छोटी अंगुली ( Small finger ) 

 गुरु ( Jupitar )

 पुखराज (Pukhraj )

 सोना (Gold )


  तर्जनी ( index Finger )

 शुक्र ( Venus )

 हीरा (Heera )

प्लैटिनम (platinum ) , सफ़ेद सोना ( white Gold ) 

तर्जनी ( index Finger )

अनामिका ( Ring Finger ) 

 शनि ( Saturn )

नीलम ( Neelam ) 

सोना (Gold )

 मध्यमा                          ( Middle Finger )



आप यदि किसी कारण बस रत्नों के अनुसार धातु नहीं खरीद सकते है तो आप चांदी  में किसी भी रत्न को बना कर पहन सकते है।  

नोट :- 

रत्न हमेशा  अपने वजन का 10 वां  हिस्सा ही पहनना चाहिए उसका असर उत्तम होता है।  मान लीजिये आपका  वजन 60 किलो है तो आपको  6 रत्ती का रत्न धारण करना चाहिए।  

किस दिन(  Date ) में  रत्न (Gems) धारण  करना चाहिए ?

1 ) कृष्णा पक्ष को रत्न धारण नहीं करना चाहिए। 

2 ) शुक्ल पक्ष में चढ़ती तिथि को ही रत्न धारण करें ( रिक्त तिथि को स्टोन धारण न करें।  ) 

3 ) चन्द्रमा को भी चेक करना चाहिए।  आपके कुंडली का चन्द्रमा आज के  गोचर के चन्द्रमा से चौथा , आठवां और बारवां नहीं होना चाहिए।  

4 ) शुभ चौघड़िया जरूर देखे।  शुभ , लाभ , अमृत  चौघड़िया में धारण कर सकते है।  

रत्न धारण  करने की विधि (Method )क्या है ? 

  • प्रथम स्नान करने के बाद अपने पूजा स्थान में  दीप -धूप  प्रज्वलित करें।  
  • कटोरी में कच्चा दूध ले लीजिये और रत्न को दूध में डुबोएं और सीधे हाथ में रखे और 108 बार मंत्रो  ( रत्नों के ग्रहों के मंत्र  ) का जाप करें। 
  •  फिर शुद्ध जल से धोकर धारण करें और भगवान् का आशीर्वाद जरूर लेना चाहिए।  

ज्योतिष सलाहक्यों लेना चाहिए रत्न पहने से पहले ? 

 (Astrology suggestion )

ऊपर जैसा मैंने बताया कि 

  • कारक ग्रह होना चाहिए या सम ग्रह होना चाहिए आपकी कुंडली जिस भी ग्रह के रतन आप पहना चाहते है। 
  • 6-8-12 भाव में नहीं होना चाहिए परन्तु यदि आपकी कुंडली में विपरीत राजयोग बन रहा है तो आपको जरूर से आप 6-8-12 भाव में बैठे कारक ग्रह व् सम ग्रह का रत्न धारण कर सकते है। 
  • नीच के ग्रह का रत्न नहीं पहना चाहिए परन्तु ज्योतिष में नीच भांग राजयोग बताया गया है यदि आपके कारक ग्रह और  कुंडली के सम ग्रह नीच भंग राजयोग  बना रहे है तो आप रत्न धारण कर सकते है।  

ज्योतिष एक महासागर की तरह है सिर्फ एक स्थिति को जानकर आप निर्णय नहीं ले सकते है इसलिए सभी बातों को ध्यान में रखकर ही एक ज्योतिष आपको रत्न पहने की सलाह देता है।  


धन्यवाद
Happy Beginning...
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My Email is santwanadutta1974@gmail.com


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