प्रिय पाठक ,
नमस्कार।
आप इस पोस्ट में जानेगें कि आपका इष्ट देव कौन है ?
आप अपने जन्म दिन (Date of Birth )से जाने की आपका इष्ट देव कौन है ?
आपके इष्ट देव कौन है ?
आप ने बहुत बार ये महसूस किया होगा
- कोई शक्ति है जो आपको मुसीबत में साथ देता है ।
- जो आपको सही रास्ता दिखाता है ।
- आपको तरक्की में उन्नति में उनका हाथ और साथ दोनो होता है ।
- आपका मार्गदर्शन करता है और
- आपको सही समय में परेशानी से बाहर निकलता है ।
आप को पता है कि अपनी जन्म तिथि से आसानी से अपने इष्ट के बारे में जान जायेगा ।
फिर क्या है आप उनकी जितनी भक्ति करेंगें और पूजा करेंगें आपके जीवन तरक्की और उन्नति होगी ।
आइए जानते है कि आप कैसे अपना इष्ट देव जाने।
मान लीजिए कि आपका जन्म दिन (date of Birth) 07-08-1971
इसमें जन्म तारीख है हुई =7
भाग्यांक 07+08+1+9+7+1= 33 = 3+3=6
जैसा आप जानते कि न्यूमरोलॉजी में सिंगल डिजिट (Single digit ) तक नंबर को लाना होता है अतः वर्ष को जोड़ दिया गया और आपको प्राप्त हुआ 6 नंबर ।
इसमें जन्म तारीख है हुई =7 ये है आपके इष्टदेव का नंबर । 7 नंबर केतु देव का है और केतु देव को खुश करने के लिए गणपति की पूजा की जाता है।
और जिनका भाग्यांक 6 नंबर है तो 6 नंबर शुक्र देव का है अतः आपके इष्टदेव देवी माँ जैसे दुर्गा माँ , काली माँ , लक्ष्मी माँ हुए ।
नोट : -आप दोनों की आराधना करें।
आपके जन्म दिवस और भाग्यांक से इष्ट देव का पता चल जाता है।
चलिए अब हम समझ चुके है कि हमारे इष्ट देव कौन है तो अब जानेंगे की उनका आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें।
आपका जन्मदिन और भाग्यांक 1 नंबर आया तो
आपके इष्ट देव सूर्य हुए आपको रोज
- सूर्य देव को जल चढ़ाना चाहिए ।
- उनके मंत्रों ॐ सूर्यः नमः का जाप करना चाहिए ।
- रोज गुड़ जरूर खाये।
- सूर्य देव का दिन है रविवार तो आपको रविवार को मांस मदिरा के सेवन से बचना चाहिए ।
- और कोशिश करें की आप नमक का सेवन न करें ।
इससे आपके जीवन में सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त होगा और आपको समाज में मान सम्मान, उच्च पद की प्राप्ति होंगी और सभी परेशानियों में सूर्यदेव का साथ प्राप्त होगा ।
आपका जन्म दिन और भाग्यांक 2 आया तो
आपके इष्ट देव चंद्र देव हुए ।
- आप रोज शिव भगवान को जल से अभिषेक करें ।
- "ॐ नमः शिवाय" का जाप लाभ करी रहेगा ।
- पानी और दूध को आपको बर्बाद नही करना है ।
- सोमवार के दिन चंद्र देव के लिए माना गया है अतः यदि आप सोमवार का व्रत रखते है तो आपके लिए सबसे उत्तम होगा ।
आपका जन्म दिन और भाग्यांक का नंबर 3 आया
तो आपका इष्ट देव गुरु हुए।
गुरु वार का दिन 3 नंबर के लिए माना गया है। और आपको
गुरु भगवान यानी विष्णु भगवान , साई बाबा हुए या आप जिस भी गुरु को मानते है उनकी पूजा कीजिए ।
- उस दिन आपको उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए।
- आप उस दिन उपवास रख सकते है । केले के वृक्ष की पूजा कीजिये।
- गाय को चना और गुड़ खिलाएं आपके लिए उत्तम रहेगा ।
आपका जन्म दिन और भाग्यांक का नंबर 4 आया
तो मां दुर्गा , मां पार्वती आपके इष्ट देवी होगी ।
- आप मातारानी की भक्ति, पूजा ,मंत्रों का जाप करेंगे राहु देव का उतना ही अच्छा फल प्राप्त होगा ।
- दुर्गा माँ की चालीसा , आरती जरूर करें।
- आप माता के मंदिर में इत्र जरूर समर्पित करें।
आपका जन्म दिन और भाग्यांक 5 है तो
आपके इष्ट देव बुध देव की पूजा कर सकते है या आप गणपति की पूजा कर सकते है।आप कृष्ण भगवान की पूजा कर सकते है ।
- आप इनकी पूजा रोज करें ।
- उनके मंत्रों का जाप "ॐ गं गणपते नमः " करें ।
- और बुध वार के दिन गणपति मंदिर जाए । बप्पा को दूर्वा और लड्डू चढ़ाये।
आपका जन्म दिन या भाग्यांक का नंबर 6 आया
तो आपके इष्ट देव मातारानी , लक्ष्मी माँ , संतोषी माँ आदि
- आप शुक्रवार को देवी माँ की पूजा कीजिये।
- लाल फूल और इत्र मंदिर में जरूर चढ़ये।
- लक्ष्मी चालीसा जरूर पढ़े और आरती जरूर करें।
- आप वैभव लक्ष्मी का व्रत रख सकते है।
आपका जन्म दिन और भाग्यांक 7 है तो
आपके इष्ट देव गणपति हुए।
गणपति की पूजा कर सकते है।आप कृष्ण भगवान की पूजा कर सकते है ।
- आप इनकी पूजा रोज करें ।
- उनके मंत्रों का जाप "ॐ गं गणपते नमः " करें ।
- और बुध वार के दिन गणपति मंदिर जाए । बप्पा को दूर्वा और लड्डू चढ़ाये।
- आपने माथे पर केसर का तिलक जरूर लगाए।
आपका जन्म दिन या भाग्यांक का नंबर 8 आया
आपके इष्ट देव शनि देव हुए
- शनि देव और हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए।
- शनि देव के मंदिर में शनि देव को तेल जरूर चढ़ाये।
- पीपल के पड़े की नीचे सरसो का तेल का दिया हो सके तो जरूर जलाये।
- शनि देव मंत्रो का जाप शाम के समय करना चाहिए।
शनि देव के आशीर्वाद से आप न्याय प्रिये बनेगें। आप में सही को सही और गलत को गलत बोलने का सहस रहेगा। आपको कर्म क्षत्र में उन्नति और तरक्की मिलेगी।
आपका जन्म दिन या भाग्यांक का नंबर 9 आया
तो आपके इष्ट देव हनुमान जी हुए
- हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए।
- सुंदरकांड का पाठ शनिवार के दिन या हनुमान चालीसा रोज पढ़े।
- हनुमान जी के मंदिर में हनुमान जी को अपने विशेष दिन जैसे आपका जन्म दिन हो गया या हनुमान जयंती हो गयी हनुमान जी को चोला और सिन्दूर चढ़ाये।
- हनुमान जी के मंत्रो का जाप कर सकते है। उनका मंत्र है " ॐ हं हनुमते नमः" आप 11 , 21 51 और 108 बार कर सकते है।
हनुमान जी के आशीर्वाद से आपके जीवन में साहस और पराक्रम बढ़ेगा और अपने जीवन में उत्तम निर्णय ले पायेंगें।
उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद
Happy Beginning...
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