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देवशयनी एकादशी :-(Devshayani Ekadashi ) कब है ? देवशयनी एकादशी की पूजा कैसे करें और क्या दान और उपाय करें ?

 

देवशयनी  एकादशी :-(Devshayani Ekadashi )आषाढ़  मास की शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है। 

9  जुलाई को शाम 4 30 के बाद से शुरू होगी  जो 10  जुलाई दोपहर 2  बजे तक रहेगा  चूकि उदया  तिथि 10  तारीख को है अतः व्रत और पूजा 10 जुलाई को ही होगी। 
सुख -समृद्धि के लिए रखें 

देवशयनी  एकादशी का व्रत 

प्रिय पाठक,

नमस्कार।  

मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।



आज इस पोस्ट में आप जानेंगे :-

1) देवशयनी  एकादशी  कब है ?

 देवशयनी एकादशी का विशेष महत्त्व क्यों है ?

3)  देवशयनी  एकादशी का पूजन कैसे करना चाहिए ?

4 )   एकादशी का सामान्य  नियम क्या है?

5 ) एकदशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए ?

6 ) एकादशी के दिन क्या दान करना शुभ रहता है ?


 देवशयनी एकादशी :- (Devshayani Ekadashi ) :-आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है। 


9  जुलाई को शाम 4. 30 के बाद से शुरू होगी  जो 10  जुलाई दोपहर 2  बजे तक रहेगा  चूकि उदया  तिथि 10  तारीख को है अतः व्रत और पूजा 10 जुलाई को ही होगी।  


नोट :  उदया  तिथि का अर्थ है जिस तिथि में सूर्य उदय होता हो।             

देवशयनी एकादशी आषाढ़ के शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है मान्यता है इस दिन से 4 महीने तक भगवन विष्णु क्षीर सागर में योगनिंद्रा में शयन करते है।  

आज का दिन इसलिए महत्त्वपूर्ण  है क्युकि  आज से ही चातुर्मास आरंभ हो रहा है।  और इस चातुर्मास में कोई भी मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है।  

इस समय विवाह , गृह प्रवेश , नामांकन संस्कार  , मुंडन आदि कार्य नहीं किये जाते है।  

भगवन विष्णु ही पालनहार और सृष्टि निर्माता है और जब वो योगनिंद्रा में रहते है पुरे 4 महीना तब किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित होते है। 

इस समय भगवन विष्णु जी की पूजा , जप और आराधना करने का विशेष महत्त्व होता है।  मान्यता है यदि आप ऐसा करते है तो 

  • आपके जीवन में सुख -शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। 
  • आपके पापों का नाश होता है।  
  • आपके सभी प्रकार की बाधा दूर होगी और आप सफल होंगें। 
  • दान जरूर करें इस भी आपके कष्ट मिटेंगें 

इस मास से का महत्त्व और बढ़ जाता है क्योंकि इस महीने से ही भगवन शिव की आराधना का पावन सावन महीना की शरुवात होती है जो पुरे देश में सम्पूर्ण  श्रद्धा से मनाया जाता है।  


एकादशी तिथि है क्या ?

हमारे हिन्दू धर्म मे एकादशी तिथि( Ekadashi tithi ) का बहुत महत्व है हर महीने दो एकादशी आती है एक शुक्ल  पक्ष की और दूसरी कृष्ण पक्ष की और पंचांग के अनुसार ग्यारवीं तिथि को ही एकादशी तिथि भी कहते है ।

आषाढ़  (aashad ) माह की शुक्ल पक्ष  की एकादशी तिथि को देवशयनी  एकादशी (Devshayani Ekadashi)कहते है । 
इस दिन भगवान विष्णु जी का आराधना करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती हैऔर व्यक्ति सब सुख भोग कर  
मोक्ष को प्राप्त करता है ।

एकादशी की पूजा कैसे की जाती  है ? ( Ekadashi ki pooja kaise ki jati hai ?

1) एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठे और  स्नान आदि क्रिया से निवृत्त होकर तैयार हो जाये ।
2) पीले वस्त्र धारण करें और पीला चंदन अपने मस्तिष्क पर जरूर लगाएं ।
3) विष्णु भगवान के सामने पीला फूल, पीला फल , धूप और तुलसी अर्पित करें ।
4) शुद्ध घी का एक दीपक प्रज्वलित करें ।
5) अगर संभव हो तो इस दिन व्रत जरूर करें और यदि पूर्ण व्रत न रख पाए तो एक समय उपवास कीजिये और 
    शाम को सात्विक भोजन ही ग्रहण करें ।
6) विष्णुसहस्रनाम का पाठ अति- उत्तम होता है और जितना हो सके नारायण के मंत्रो का जाप करें ।
7) आरती जरूर करें बिना आरती किये पूजा पूर्ण नही होती है ।
8) भोग में मेवा, पीला फल या ऋतु फल और पंचामृत का भोग जरूर लगाएं ।
9) तुलसी के पत्ते  भोग में जरूर होना चाहिए अन्यथा भोग पूर्ण नहीं होता है और मानते है कि तुलसी के बिना 
    भगवान विष्णु भोजन ग्रहण नही करते है ।
 एकादशी कब है , नियम क्या है 


एकादशी व्रत के दिन व्रत करने वालो को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?


1)एकादशी के दिन  भोजन पूर्ण रूप से सात्विक होना चाहिये ।
2)भोजन में आप फल ,मेवा, आलू, साबूदाना, शकरकंद  सेंधा नमक,काली मिर्च  ,अदरक और दूध से बनी भोजन का प्रयोग कर सकते है ।
3)एकादशी के एक दिन पहेले से  तामसिक भोजन से बचें भोजन में मांस-मदिरा , प्याज़ - लहसुन ,मसूर की दाल का सेवन नही करना चाहिए ।

एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है जो जातक व्रत नहीं करते है।

एकदशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए ?

  • एकादशी के दिन आपको मिथ्या या झूठ नहीं बोलना चाहिए। 
  • एकादशी के दिन आपको क्रोध , लोभ और धोखा देने की प्रवृति से बचना चाहिए। 
  • एकादशी के दिन आपको ब्रह्मचर्या का पालन करना चाहिए। 

एकादशी के दिन क्या दान करना शुभ रहता है ?

एकादशी के दिन भगवन विष्णु की पूजा होती है और विष्णु बागवान के पूजा में पिले फूल , फल , वस्त्र और अनाज का ही भोग लगता है  अतः 

एकादशी के दिन आपको पिले फूल और फल मंदिर में जरूर चढ़ाये।  

एकादशी के दिन पीला चावल और पीला चना की दाल का दान करें। 

एकादशी के दिन केला , गुड़ आप दान  कर सकते है या गौशाला में जाकर गाय को खिला सकते है।  

नोट :-  एकादशी के दिन किया का दान और पूजा  आपके जीवन में सभी प्रकार के कष्ट को दूर करेगा और आपके जीवन में समृद्धि लाएगा 


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उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।


धन्यवाद
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सबसे महत्वपूर्ण:-

1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ  उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो  परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।

My Email is santwanadutta1974@gmail.com



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