प्रिय पाठक
नमस्कार ।
आज फिर से एक अच्छे विषय की बारे में बात करूंगी ।
आज में रत्नों को बात करूंगी । आज इस बात पर बात करूंगी की क्यों बहुत सारे ज्योतिष राशि रत्न पहने की सलाह देते है ।
ज्योतिष में जैसा हम सभी जानते है की चंद्रमा हमारा जिस नंबर की राशि के साथ होता है वो हमारी राशि होता है यदि चंद्रमा हमारे लगन कुंडली में 5 नंबर के साथ हैं तो हम कहेंगे कि हमारी सिंह राशि है ।
राशि चंद्रमा से ही निर्धारित किया जाता है और चंद्रमा कौन है हमारा मन । इस कारण राशि का हमारे जीवन पर अधिक प्रभाव होता है और हमारे व्यक्तित्व पर भी ।
जैसा हम जानते है की हर ग्रह का कोई न कोई रत्न होता है और राशि अनुसार यदि हम पहनते है तो इसका प्रभाव काफी अच्छा होता है।
रत्न पहने की सलाह क्यों दी जाती है ? ( Ratan phene ki salah kyu di jati hai ?
हम सभी जानते है कि कोई भी ग्रह यदि आपके कुंडली में
कमजोर है तो उसको बल देने के लिए रत्न पहने की सलाह दी जाती है ताकि रत्न पहने से उस ग्रह का पूर्ण फल प्राप्त हो सके ।
राशि रत्न को पहने की सलाह देना क्या सही है ?
चलिए इस बात को ज्योतिषये पहलु से समझते है । सबसे पहले ये जानते है कि
1) ग्रह आपके लगन कुंडली के लिए कारक ग्रह होना चाहिए ।
2) ग्रह 3-6-8-12 में नही होने चाहिए ।
3) ग्रह नीच का नहीं होना चाहिए
4) लग्नेश का मित्र हो वो ग्रह तो अति उत्तम रहता है ।
अतः यदि ग्रह कुंडली के कारक ग्रह है और अच्छे स्थान पर है आप अपना राशि रत्न जरूर पहने।
मेष राशि :-( Mesh Rashi )
मेष राशि ( Aries Zodiac ) का स्वामी मंगल होता है और मंगल का रत्न :- मूंगा ( Coral Gemstone) होता है।
मंगल ग्रह क्या है हमारे जीवन में :-
- मंगल ऊर्जा का कारक है।
- मंगल पराक्रम का कारक है। हमारे साहस का कारक है
- मंगल हमारे भाई बहन का कारक है।
और यदि कुंडली में मंगल कमजोर है तो मंगल को मजबूत करने के लिए मूंगा ( Munga) पहने की सलाह देते है।
वृषभ राशि :-( Vrishab Rashi )
वृषभ राशि ( Tarus Zodiac ) का स्वामी शुक्र है और वृषभ राशि का रत्न :- हीरा ( Diamond Gemstone) , ओपल( Opal ) और जरकन ( Jarkan) है।
शुक्र ( Venus ) ग्रह हमारे जीवन में क्या है :-
- शुक्र हमारे जीवन में सुख सुविधा का कारक है।
- वैवाहिक जीवन का कारक है।
- शुक्र यदि शुभ नहीं तो दरिद्रता का कारक है।
अतः यदि शुक्र कमजोर है कुंडली में तो जातक को हीरा (Heera ) , ओपल और जरकन पहने की सलह दी जाती है।
मिथुन राशि (Meethun Rashi ):-
मिथुन राशि ( Gemini Zodiac ) का स्वामी ग्रह बुध देव है और उनका रत्न पन्ना( Emerald Gemstone) होता है।
बुध ग्रह क्या है हमारे जीवन में :-
- बुद्धि का कारक है।
- वाणी के कारक है मतलब यदि आपका बुध अच्छा है तो आपकी कम्युनिकेशन स्किल अच्छी होगी।
- स्किन व् त्वचा के कारक है।
अतः बुध ग्रह को मजबूत लिए पन्ना रत्न ( Panna )धारण करने की सलाह जाती है।
कर्क राशि ( Kark Rashi )
कर्क राशि (Cancer Zodiac ) का स्वामी ग्रह चन्द्रमा है और चन्द्रमा का रत्न :- मोती (Moti )है।
चन्द्रमा हमारे जीवन में :-
मन का कारक है। हमारा सोच चन्द्रमा पर बहुत निर्भर करता है।
- चन्द्रमा माता का कारक है।
- चन्द्रमा को मजबूत करने के लिए मोती ( Pearl Gemstone) पहने की सलाह दी जाती है।
सिंह राशि ( Singh Rashi ) :-
सिंह राशि ( Leo Zodiac )का स्वामी सूर्य है और उनका रत्न माणिक ( Manik ) है।
सूर्य ग्रह क्या है हमारे जीवन में :-
- सूर्य पिता का कारक है .
- सूर्य मान -सम्मान का कारक है .
- सूर्य सरकारी नौकरी या सरकार से जुड़े काम का कारक है.
- सूर्य हड्डी का कारक है।
अतः. सूर्य को मजबूत करने के लिए माणिक रत्न (Ruby Gemstone ) पहने की सलह दी जाती है।
कन्या राशि (Kanya Rashi ) :-
कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध होता है और उनक रत्न पन्ना ( Panna ) है
बुध हमारे जीवन में :-
- बहन, बुआ और बेटी का कारक है।
- बुध व्यापार का कारक है।
अतः बुध यदि कुंडली में कमजोर है तो जातक को पन्ना रत्न ( Emerald Gemstoneपहने की सलाह दी जाती है .
- विलासिता -भोग विलास का कारक है .
- शुक्र हमारे जीवन में कमजोर हो तो हीरा ( Diamond Gemstone), ओपल और जरकन की सलाह पहन की दी जाती है।
- शत्रु हन्ता का कारक है।
- मंगल सेनापति और सौर्य का प्रतिक है।
- ज्ञान और गुरु का कारक है .
- गुरु एक महिला के जीवन में पति और पुत्र का कारक है
- हमारे कर्म का कारक है।
- नौकरी का कारक है।
- शनि हमारे जीवन न्याप्रियता का कारक है।
- हमारे कर्म का कारक है।
- नौकरी का कारक है।
- शनि हमारे जीवन न्याप्रियता का कारक है ।
- धन का कारक है।
- गुरु हमारे जीवन में शिक्षा का कारक है।
अब एक उदहारण से समझते है पहले ये जानेंगे कि
राशि रत्न कब आपका अनुकूल होगा ?
1 ) पहले उद्धरण से समझते है :-
मेष राशि का ही उद्धरण लेते है :
मान लीजिए आपकी राशि सिंह है क्योंकि आपका चंद्रमा 5 नंबर की राशि में है ।
मेष लगन की कुंडली में सूर्य मेष लगन की कुंडली कारक ग्रह होते है ।
अब आप ये चेक करें कि सूर्य 3-6-8-12 भाव में न हो ।
सूर्य मेष राशि में 7 नंबर की राशि में न हो ।
तो आप अपना राशि रत्न मानिक पहने सकते है ।
मेष लगन की कुंडली में सूर्य कारक ग्रह है ।
सूर्य यदि केंद्र और त्रिकोण में हो या धन भाव या आय भाव में हो तो आप राशि रत्न मानिक पहन सकते है ।
सूर्य और मंगल लग्नेश आपस में मित्र है ।
- सूर्य दूसरे भाव में है यानि धन भाव में है अतः अच्छा फल देने के बाध्य है।
- यहाँ सूर्य 3 -6 -8 -12 भाव में भी नहीं है।
- सूर्य 7 नंबर की राशि यानि तुला राशि में भी नहीं है।
आप अपना राशि रत्न माणिक (Ruby )पहन सकते है।
२) दूसरे उद्धरण से समझते है :- ऊपर की कुंडली में सूर्य पंचम भाव का स्वामी यानि पंचमेश है और कारक ग्रह है।
परन्तु सूर्य पराक्रम भाव में है अतः यदि बहुत जरुरी न हो तो राशि रत्न नहीं पहनना चाहिए।
किसी किसी जातक के कुंडली में देखा गया है कि कोई भी ग्रह अच्छे भाव में नहीं है तब सूर्य को यहाँ पर बल देकर आप जातक की कुंडली में उसके स्व पराक्रम को बड़ा सकते है और उसके भाग्य को भी बल प्राप्त होगा।
नोट :
- यदि सूर्य 3-6-8-12 में हो तो भी आपको राशि रत्न समनायतः नहीं पहना चाहिए ।
- कुंडली में सूर्य यदि 7 नंबर यानि तुला राशि में हो यानी सूर्य नीच का है ।
सूर्य बाध्य है आपको खराब फल देने के लिए तो सूर्य शांत करना है ना कि आपकी सिंह राशि है तो आप राशि रत्न पहन ले । आपके साथ अच्छा होने की जगह खराब होने लगेगा ।
3 ) तीसरे उद्धरण से समझते है :-
हां ज्योतिष में बहुत योग ऐसा होते है कि आपको राशि रत्न पहनाया जाता है जैसे
- सूर्य नीच के हो परंतु नीच भाग राजयोग बन रहा हो ।
- सूर्य 6-8-12 में हो परंतु विपरीत राजयोग में सिंह राशि विपरीत राजयोग के निर्माण कर रहे हो।
ऊपर की कुंडली में सूर्य देव
- अकारक ग्रह है।
- सूर्य देव 7 नंबर यानि तुला राशि में है अतः नीच के हुए।
- और शुक्र देव इस कुंडली में अति योग कारक ग्रह है और डिग्री वाइज भी बलवान है। ( 10 डिग्री के आसपास )
परन्तु सूर्य यहाँ शुक्र देव के साथ है और ये 7 नंबर की राशि शुक्र देव की है अतः शुक्र देव सूर्य की नीचता को भंग करेंगें।
और नीचभंग राज योग का निर्माण होगा और आपको राजयोग जैसा फल देते नजर आयेंगें।
इस कुंडली में आप सूर्य का रत्न माणिक यानि आप अपना राशि रत्न पहन सकते है।
4 ) चौथे दूसरे उद्धरण से समझते है यदि वृषभ लग्न की बात करेंगें :-
वृषभ लगन में यदि आपकी राशि सिंह हो तो आप राशि रत्न नहीं पहने सकते है क्योंकि
वृषभ लगन के लिए सूर्य अकारक ग्रह है ।
और आप सामान्यतः वृषभ लगन की कुंडली में सूर्य का राशि रत्न मानिक नही पहन सकते ।
नोट : किंतु सिर्फ ये देखकर की आपकी राशि क्या है और राशि रत्न पहन ले तो आपके साथ अच्छा होना तो बहुत दूर आपको सूर्य से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा।
उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद
Happy Beginning...
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