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गणपति बाप्पा मोरया । गणपति बाप्पा की स्थापन , पूजा विधि और विसर्जन विधि ।

 प्रिय पाठक ,

नमस्कार ।


आज इस पोस्ट में गणपति बप्पा से जुड़ी सभी जानकारी साझा करूंगी ।

इस बार Ganesh Chaturthi 2022 : - 31 अगस्त 2022 को गणेश चतुर्थी सम्पूर्ण देश में पर्व के रूप मनाया जाता है।
गणपति बाप्पा का स्थापना समय 6.30 से 9.30 चौघड़िया के अनुसार है । और 9.44 से 10.44 होरा के अनुसार स्थापना समय है ।

गणपति बाप्पा को विघ्न हरता कहते है ये सभी जानते है परंतु जब हमारे घर बप्पा आते है तो एक खुशी का अनुभव होता है ।

सभी जगह बप्पा के आने की पूरी तयारी की जाती है । उनकी मूर्ति सभी सोसाइटी में पांडाल में रखा जाता है और हर घर में उनकी स्थापना होती है मतलब सभी लोगो बप्पा को अपने घर पर लाना शुभ मानते है जैसे खास कर महाराष्ट्र , आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात ।

सभी लोग घर में जहां गणपति रखते है उनको बहुत ही सुंदर तरीके से सजाते है और उनका आसान या चौकी तैयार करते है ।
गणपति को कुछ लोग एक दिन पहले ले आते है या आप गणेश चतुर्थी के दिन भी ला सकते है ।

गणपति बप्पा को लाते समय की किन किन बातों का ध्यान रखना है ?

गणपति बाप्पा को लाने से पहले आपको दो बातों को ध्यान रखना है :-
  • आप गणपति बाप्पा को कितना दिन रखेंगें।
  • और अखंड दीया रखना है या सामान्य दीया ही प्रज्वलित करेंगें।

गणपति बाप्पा के मूर्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें घर लेने की विधि :-

गणपति की मूर्ति ( Ganpati ki Murti ):-
गणपति बाप्पा की मूर्ति बैठे अवस्था में होना चाहिए जो बताता है कि बप्पा आपके घर आ कर विराज गए है इसका सीधा मतलब ये है रिद्धि सिद्धि दाता आपके घर आ कर विराजमान हो गए है ।

गणपति का सूंड( Ganpati Tusk Direction ) :-
जब भी आप गणपति लाते है तो इस बात का ध्यान जरूर रखे की उनके सूंड , गणपति बप्पा के बायां तरफ होना चाहिए ।
दाहिना हाथ के सूंड के गणपति के लिए कहा जाता है कि उनका पूजा कठिन होता है और बहुत कड़े नियम का पालन करना पड़ता है ।

गणपति बाप्पा के मूर्ति का रंग( Ganpati Murti Colour)
:- जब आप गणपति लाते है तब गणपति के मूर्ति का रंग का धयान रखें वैसे आप सफेद रंग का ला सकते है सफेद रंग सुख समृद्धि और, शांति का प्रतीक है । आप गहरा रंग के भी गणपति ला सकते है लाल रंग और नारंगी नाम और शोहरत का प्रतीक होता है ।

  • गणपति बप्पा के मूर्ति के साथ उनके प्रिय वाहन मूषक होना ही चाहिए ।
  • गणपति बप्पा के हाथ में मोदक या लड्डू होना चाहिए यदि उनका हाथ खाली है तो रोज भोग लगाते समय उनके हाथ में लड्डू या मोदक जरूर रखें । सबको पता है कि बप्पा को मोदक व् लड्डू बहुत पसंद है ।
  • गणपति वैसे कोई भी ला सकते हैं परंतु घर का मुखिया या बड़ा हो या जो कमाते है (Earning Member) वो ले और ले जाएं तो बहुत अच्छा होता है।
  • गणपति बाप्पा की स्थापना यदि पंडितजी करें तो बहुत अच्छा। नहीं तो घर का मुखिया या बड़ा हो या जो कमाते (Earning Member) है वो भी स्थापना कर सकते है।  

गणपति स्थापना विधि और पूजा विधि :-

  • गणपति बप्पा को आप शुभ मुहूर्त में ही स्थापना करें और ब्रह्म मूहर्त भी उत्तम मूहर्त होता है ।
  • गणपति बप्पा को दक्षिण दिशा की तरफ स्थापित न करें ।
  • एक चौकी पर लाल कपड़ा डाल कर बप्पा को बिठाए साथ साथ गणपति के जयकारा लगाते रहे ।
  • गणपति बप्पा को पिला रंग का वस्त्र अर्पित करें
  • उनका शृंगार करें ।
  • उनको सुपारी और पान जरूर चढ़ाए ।
  • फिर कलश की स्थापना करें ।
  • कलश में जल और एक सिक्का जरूर डाले कर और पलव के ऊपर नारियल रख मौली से बांध दे । नारियल पर स्वस्तिक का चिन्ह जरूर बनाए ।
  • गणपति के दाहिने तरफ कलश रखें।
  • गणपति बप्पा के बाएं तरफ दीया प्रज्वलित करें ।
  • गणपति बप्पा को अखंड दीया प्रज्वलित कर सकते है या फिर आप सामान्य रूप से भी दीया लगा सकते है ।
  • आप बप्पा के स्थापना से ही संकल्प ले लीजिए कि आपको अखंड दीया लगाना है या सामान्य रूप से दीया प्रज्वलित करनी है ।
  • फिर बप्पा को भोग चढ़ाए । भोग सुबह और शाम और संभव हो तो आप दोपहर को भी भोग लगाए तो अच्छा है।
  • आप भोग में जो घर में पकवान बनाते है वो भोग लगा सकते है। आप मिठाई और फल भोग में लगा सकते है।
  • मोदक भोग में जरूर लगाए।
  • भोग लगाने के बाद आप गणेश जी की पूजा करें। पूजा में आप मंत्र उच्चारण करें।
  • गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें। गणेश चालीस का पाठ कर सकते है ।
  • भजन जरूर करें और अंत में बप्पा की आरती जरूर करें ।

आपको गणपति बप्पा को अपने घर में लाने पहले या उस दिन सकल्प ले की आप गणपति बप्पा को अपने घर ने कितने दिनों तक रखना चाहते है और उतने दिन गणपति बप्पा की सेवा , मंत्र उच्चारण से आराधना और भोग आरती करें ।

गणपति बाप्पा के विसर्जन विधि :-

समन्यतः डेढ़ दिन , 3 दिन , 5 दिन 7 दिन और फिर अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन किया जाता है ।
विसर्जन के दिन भी और दिनों के तरह ही पूजा करना है भोग ,पूजा और आरती करना है ।
फिर जो घर के मुखिया है उनको गणपति को उठाना है और गणपति का पीठ अपने वक्ष की तरफ करना है।

गणपति बप्पा को पूरे घर में घूमना है और उनका जयकारा लगाना है " गणपति बप्पा मोरया अगले वर्ष तू जल्दी आ "और सीधे घर से बाहर निकलना है , फिर से बप्पा का मुख मुख्य द्वार से अंदर की तरफ कर आशीर्वाद लेना है और गणपति बप्पा को आप विसर्जन के लिए ले जा सकते है ।

गणपति बप्पा को सीधा आप किसी नदी , तालाब में विसर्जन कर सकते है या फिर यदि आपके सोसाइटी में बडे़ गणपति विराजमान है तो आप पांडाल में रख सकते है ।

धन्यवाद
Happy Beginning...


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सबसे महत्वपूर्ण:-

1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ  उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो  परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।







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