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सूर्य देव का गोचर किन - किन 4 राशियों के जीवन में धन , सफलता और अवसर लेकर आएगा ????

 प्रिय पाठक,

नमस्कार ।


आज फिर से गोचर के बात करूंगी । आज सूर्य के गोचर ( Sun Transit ) की बात होंगी । आज 17 September से सूर्य का गोचर कन्या राशि ( Virgo ) में होगा और जब भी सूर्य और बुध एक साथ होते है बुधादित्य राजयोग ( Budhaditya Rajyog ) का निर्माण करते है जो जातक के लिए अति उत्तम योग निर्माण करते है ।

जैसा आप सभी जानते है कि गोचर का फल हमेशा अपने चंद्र राशि ( Moon Sign ) से देखना चाहिए और यदि आपको अपनी चंद्र राशि नही मालूम है तो आप अपने प्रचलित नाम ( Famous Name) से भी देख सकते है ।

गोचर का फल तब आपको मिलेगा जब वो ग्रह आपके कुंडली में अच्छे घर और भाव में बैठे हो ।

सूर्य के गोचर का फल अलग अलग राशि में क्या प्रभाव है ??

वृषभ राशि :-

वृषभ राशि के लिए सूर्य चतुर्थ भाव में सम राशि होकर पंचम भाव में गोचर करेंगे और बुध भी स्वराशि है अतः सूर्य +बुध दोनो मिलकर वृषभ राशि के जीवन में बहुत अच्छे फल देते नजर आएंगे ।

सूर्य +बुध पंचम भाव में होने से बुधादित्य राजयोग(Budhaditya Rajyog) का निर्माण होगा और जातक को

  • शिक्षा से जुड़े लाभ प्राप्त होंगें और आप उच्च शिक्षा में एडमिशन लेना चाहते है तो प्रयास जरूर करें ।
  • आकस्मिक लाभ के योग बनेगें जैसे शेयर मार्केट , लॉटरी और सट्टा से लाभ प्राप्त होंगें । नोट : पैसा आपका है अतः सोच और समझ कर अपना पैसा लगाए । 
  • आपके संतान पक्ष से अच्छा समाचार मिलने का योग है ।
  • एक से अधिक आय के स्तोत्र प्राप्त होंगें । मतलब यदि आप अपने बिजनेस में नया आउटलेट खोलना चाहते है तो आपको सफलता मिलेगी ।
  • आपका सामाजिक दायरा बड़ेगा और आपके बड़े भाई बहन का भी साथ प्राप्त होगा ।

सिंह राशि :-

सिंह राशि के जातक के लिए सूर्य देव लग्नेश होकर धन भाव में होंगे । यहां पर सूर्य देव +बुध देव बुधादित्य राजयोग का निर्माण करेंगे और सिंह राशि के जातक के लिए ये योग उत्तम रहेगा ।

  • आपके बैंक में धन की स्तिथि बहुत अच्छी रहेगी ।
  • आपका आपके कुटुंब परिवार में मान सम्मान बड़ेगा ।
  • आपके इस योग से आप सभी प्रकार के टेंशन , कामों में रुकावट को दूर करते नजर आएंगे ।
  • आप यदि किसी रिसर्च काम से जुड़े है तो आपके लिए उत्तम योग है ।
  • आपका गुप्त विद्या के प्रति रुझान हो सकता है जैसे ज्योतिष में या कोई भी accult science में।
  • आपके अपने ससुराल में मान सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी और संबंध मधुर बने रहेंगे।

वृश्चिक राशि :-

वृश्चिक राशि के लिए सूर्य दशम भाव के स्वामी होकर आय भाव में होने से उत्तम फल देंगें ।
  • आपको आपके कर्म अनुसार (जो भी आप अपने जीविका के लिए कार्य करते है) उसका अच्छा फल प्राप्त होगा ।
  • आपके व्यापार और नौकरी दोनो में तरक्की के योग है ।
  • आपका सामाजिक दायरा बड़ेगा और आपको आपके बड़े भाई बहन का साथ प्राप्त होगा ।
  • आपको आक्समिक लाभ प्राप्त होने का योग बन रहा है और शेयर ट्रेडिंग , जुआ, सत्ता और लॉटरी से धन की प्राप्ति हो सकती है ।
  • आपके शिक्षा में सफलता के योग है ।

धनु राशि :-

धनु राशि के लिए सूर्य देव भाग्येश होकर कर्म भाव में बुध देव के साथ होकर बुधादित्य राजयोग का निर्माण करेंगें।

  • आपका कर्म क्षेत्र में आपार सफलता के योग है चाहे वो बिजनेस हो या फिर नौकरी ।
  • मन सम्मान और पद प्रतिष्ठा प्राप्त होने का योग है ।
  • आपके प्रमोशन और मन चाहा प्रमोशन होने की संभावना है ।
  • आप यदि प्रॉपर्टी , घर , गाड़ी लेना चाहते है तो प्रयास जरूर करें अच्छा योग है ।
  • आपके अपने माता पिता के साथ अच्छे संबंध रहेगें । नवरात्रि है घर जाए और पूजा अपने परिवार के साथ मनाए ।

जैसा कि आप जानते हैं यदि सूर्य या बुध आपके जन्म कुंडली में 6-8-12भाव में है या नीच के है जैसे सूर्य देव 7 नंबर यानि तुला राशि में हो और बुध देव 12यानी मीन राशि में हो तो आपको कभी भी अच्छे फल नहीं देंगें ।

मतलब आप यदि ये सोच रहे है कि मात्र गोचर में होने से आपको राजयोग का फल प्राप्त हो जायेगा ऐसा नहीं है ।

हां यदि आप ये उपाय करते है तो आप कुछ हद तक लाभ प्राप्त कर सकते है ।

सूर्य देव के लिए उपाय :-


  • सूर्य देव को जल चढ़ाए और गायत्री मंत्र का जाप जरूर करें ।
  • रविवार को गाय को हरा चारा जरूर खिलाए ।
  • नमक ना खाए ।
  • अपने पिता और पिता समान व्यक्ति का सम्मान करें ।
  • बुध देव का साथ पाने के लिए गणपति बप्पा के मंदिर जरूर जाए ।और भोग में लड्डू चढ़ाए ।



धन्यवाद
Happy Beginning...

सबसे महत्वपूर्ण:-

1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ  उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो  परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।




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