इंदिरा एकादशी (Indira Ekadashi 2022) 21 सितम्बर अश्विन मास के कृष्ण पक्ष को मनाई जाती है।
प्रिय पाठक,
नमस्कार।
मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।
आज इस पोस्ट में पुत्रदा एकादशी की बात करूंगी ।
आज इस पोस्ट में आप जानेंगे :-
1) इंदिरा एकादशी कब है ?
2 इंदिरा एकादशी का विशेष महत्त्व क्यों है ?
3) इंदिरा एकादशी का पूजन कैसे करना चाहिए ?
4 ) इंदिरा का सामान्य नियम क्या है?
5 ) एकदशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए ?
6 ) एकादशी के दिन क्या दान करना शुभ रहता है ?
इंदिरा एकादशी का शुभ मूहर्त 20 सितंबर रात 9.30के बाद से शुरू होकर 21 सितंबर 11.30 रात तक रहेगा और पारण का समय 21 सितंबर गुरुवार को 8.30 बजे सुबह तक होगा ।
चूकि उदया तिथि 21 को है अतः एकादशी तिथि का व्रत और पूजन 21 सितंबर को ही माना जायेगा ।जब भी आप एकादशी करते है तो आपके एक दिन पहले से ही मान्य होता है । आपको एकादशी से पहले दिन से ही मांस मदिरा का सेवन न करें ।।
नोट : उदया तिथि का अर्थ है जिस तिथि में सूर्य उदय होता हो।
इंदिरा एकादशी (Indira Ekadashi 2022) Importance
इंदिरा एकादशी का बहुत महत्व है क्योंकि श्राद्ध पक्ष चल रहा है और मान्यता है कि यदि इस दिन आप व्रत और पूजन करते है या फिर अपने पूर्वज का श्राद्ध ,तर्पण करते है तो उनको मोक्ष प्राप्त होता है ।
एकादशी का व्रत और पूजा विधि
इस दिन विष्णु भगवान के शालिग्राम स्वरूप की पूजा की जाती है । उनको तुलसी दल अर्पित किया जाता है और ब्राह्मणों को दान दक्षिणा दिया जाता है ।
1) एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठे और स्नान आदि क्रिया से निवृत्त होकर तैयार हो जाये ।
2) पीले वस्त्र धारण करें और पीला चंदन अपने मस्तिष्क पर जरूर लगाएं ।
3) विष्णु भगवान के सामने पीला फूल, पीला फल , धूप और तुलसी अर्पित करें ।
4) शुद्ध घी का एक दीपक प्रज्वलित करें ।
5) अगर संभव हो तो इस दिन व्रत जरूर करें और यदि पूर्ण व्रत न रख पाए तो एक समय उपवास कीजिये और
6) विष्णुसहस्रनाम का पाठ अति- उत्तम होता है और जितना हो सके नारायण के मंत्रो का जाप करें ।
7) आरती जरूर करें बिना आरती किये पूजा पूर्ण नही होती है ।
8) भोग में मेवा, पीला फल या ऋतु फल और पंचामृत का भोग जरूर लगाएं ।
9) तुलसी के पत्ते भोग में जरूर होना चाहिए अन्यथा भोग पूर्ण नहीं होता है और मानते है कि तुलसी के बिना
एकादशी व्रत के दिन व्रत करने वालो को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?
1)एकादशी के दिन भोजन पूर्ण रूप से सात्विक होना चाहिये ।
2)भोजन में आप फल ,मेवा, आलू, साबूदाना, शकरकंद सेंधा नमक,काली मिर्च ,अदरक और दूध से बनी भोजन का प्रयोग कर सकते है ।
एकदशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए ?
- एकादशी के दिन आपको मिथ्या या झूठ नहीं बोलना चाहिए।
- एकादशी के दिन आपको क्रोध , लोभ और धोखा देने की प्रवृति से बचना चाहिए।
- एकादशी के दिन आपको ब्रह्मचर्या का पालन करना चाहिए।
एकादशी के दिन क्या दान करना शुभ रहता है ? ( Donate on Ekadashi )
एकादशी के दिन भगवन विष्णु की पूजा होती है और विष्णु भगवान के पूजा में पिले फूल , फल , वस्त्र और अनाज का ही भोग लगता है अतः
एकादशी के दिन आपको पिले फूल और फल मंदिर में जरूर चढ़ाये।
एकादशी के दिन पीला चावल और पीला चना की दाल का दान करें।
एकादशी के दिन केला , गुड़ आप दान कर सकते है या गौशाला में जाकर गाय को खिला सकते है।
नोट :- एकादशी के दिन किया का दान और पूजा आपके जीवन में सभी प्रकार के कष्ट को दूर करेगा और आपके जीवन में समृद्धि लाएगा
धन्यवाद
Happy Beginning...
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सबसे महत्वपूर्ण:-
1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।
My Email is santwanadutta1974@gmail.com

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