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किस दिन मां दुर्गा को कौन सा भोग (bhog ) लगाया जाता है ? नवरात्री के 9 दिनों के लिए कौन सा रंग ( Colour ) के कपड़े पहने -जो माता को प्रिय है?

 

प्रिय पाठक ,

नमस्कार। 

आज इस पोस्ट में माता रानी को नौ दिन कौन कौन से भोग लगाए और माता रानी को कौन से रंग प्रिये है या   मातारानी को कौन से रंग के वस्त्र अर्पित  करें इसके बारे में जानेगें। 



किस दिन  मां दुर्गा को  कौन सा 
भोग (bhog )  लगाया जाता है  ?

ऐसी मान्यता है कि मातारानी को अलग -अलग भोग अलग अलग दिन लगाने से अलग-अलग समस्या का समाधान होता है जैसे :-

प्रतिपदा तिथि :- इस दिन गाय के घी से बानी सफ़ेद चीजों का  भोग लगने से रोगो से मुक्ति मिलती है। 

द्वितीय तिथि :-  मिश्री व् शक्कर का भोग  दीर्घायु की प्राप्ति होती है। 

तृतीया तिथि :- इस दिन दूध और दूध से बानी चीजों का भोग लगाने से सुखों की प्राप्ति होती है। 

चतुर्थी तिथि :- मालपुआ का भोग लगाने से बुद्धि ,स्मरण शक्ति और निर्णय लेने की शक्ति को बढ़ती है। 

पंचमी तिथि :- केले  का भोग लगाने से निरोगी काया और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। 

षष्ठी तिथि :-  शहद का भोग लगाने से आकर्षण शक्ति और सुंदरता में वृद्धि होती है। 

सप्तमी तिथि :- गुड़ का भोग शोक और संकटो से मुक्ति मिलती है। 

अष्ठमी तिथि :- नारियल का भोग लगाने से संतान संबंधी समस्याओ का समाधान होता है। 

नवमी तिथि :-   सुख -समृद्धि की प्राप्ति के लिए इस दिन माँ को हलवा , पूरी -चना का भोग लगाया जाता है। 


यदि प्रतिदिन भोग लगाना श्रेस्कर होता  परन्तु यदि आप ऐसा नहीं कर पाते तो मातारानी को रोज हलवा का भोग लगाए मातारानी का आशीर्वाद जरूर प्राप्त होगा। 


नवरात्री के 9 दिनों के लिए कौन सा रंग के कपड़े  पहने -जो माता को प्रिय है?

इस पोस्ट में नवरात्री में माता को कौन से वो 9  रंग है जो माता को प्रिय है और माता के नौ रूप को हर दिन उनके प्रिय रंग के वस्त्र अर्पित कर और खुद भी धारण कर हम सब माता के कृपा प्राप्त कर सकते है।

1) प्रतिपदा  तिथि (30 M arch   ) - माता शैलपुत्री की पूजा 

 माता शैलपुत्री  को पीला रंग बहुत पसंद है अतः इस दिन माँ की पूजा के समय माँ को पिले रंग का वस्त्र अर्पित करें और भक्तों को भी पीले रंग की साड़ी और वस्त्र पहनना चाहिए। 

2) द्वतीया तिथि (30 March ) - मां ब्रह्मचारिणी  की पूजा 

मां ब्रह्मचारिणी   को हरा रंग बहुत पसंद है अतः इस दिन माँ की पूजा के समय हरे   रंग की चुनरी और वस्त्र अर्पित करें और माँ को प्रशन्न करने के लिए आपको भी  हरा रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए।  

3)  तृतीया तिथि (31  March ) -मां चंद्रघंटा की  पूजा 

तृतीया तिथि को  माता चंद्रघंटा को  पूजा के समय भूरा रंग की  वस्त्र अर्पित करें क्यूंकि  माता चंद्रघंटा   को  भूरा रंग व् ग्रे कलर  बहुत पसंद है और माँ को प्रशन्न करने के लिए आपको भी  भूरा  रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए। 

4) चतुर्थी तिथि (01 April) - माता कुष्मांडा की पूजा 

माता कुष्मांडा की पूजा का विधान है।   इस दिन भक्तों को माता कुष्मांडा को नारंगी रंग के वस्त्र अर्पित करे  क्यूंकि माता को नारंगी रंग बहुत पसंद है और भक्त भी नारंगी रंग के कपड़े पहनकर मां की पूजा करें। 

5) पंचमी तिथि (02 April  ) - माता स्कंदमाता की पूजा 

माता स्कंदमाता की पूजा पंचमी तिथि को होगी।  माता स्कंदमाता को सफ़ेद रंग प्रिये है अतः माता को सफ़ेद  रंग अर्पित करना चाहिए और आप भी सफ़ेद रंग पहनकर माता की पूजा आरधना करें।

6) षष्ठी तिथि (03 April  ) - मां कात्यायनी की पूजा

मां कात्यायनी की पूजा षष्ठी तिथि को होती है और माता  कात्यायनी को लाल रंग बहुत भाता है अतः माता कात्यायनी को लाल वस्त्र अर्पित करें और आप भी माता के इस दिन लाल वस्त्र व् महिला साड़ी ,सूट, लहंगा पहन सकती है।  

7) सप्तमी तिथि ( 04 April ) - मां कालरात्रि की पूजा 

 मां कालरात्रि की पूजा सप्तमी तिथि को होती है और माता की इस स्वरुप को नीले रंग अति प्रिय है अतः भक्तो को नील रंग के वस्त्र व् कपडे पहन कर पूजा और आराधना करना चाहिए।   

8) अष्टमी तिथि (05 April ) -मां महागौरी की पूजा 

मां महागौरी की पूजा अष्टमी  तिथि को की जाती है है।  माँ महागौरी को गुलाबी रंग  पसंद है अतः उन्हें गुलाबी रंग की चुनरी व् साड़ी आप चढ़ा सकते है और आप भक्त भी गुलाबी रंग के वस्त्र पहन सकते है। 

9 ) नवमी तिथि ( 06 April  ) - मां सिद्धिदात्री की पूजा 

 मां सिद्धिदात्री की पूजा  नवरात्री के नवमी तिथि को की जाती है।  माता को जमुनी रंग पसंद है। और उनके भक्त को जमुनी रंग का वस्त्र पहनकर उनकी आराधना  करनी चाहिए


भोग लगाने के बाद कुछ लोग दुर्गा सप्तसती का पाठ करते है।  पाठ करने के बाद माता  की आरती जरूर करें।




उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।


धन्यवाद
Happy Beginning...


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सबसे महत्वपूर्ण:-

1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ  उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो  परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।

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