प्रिय पाठक,
नमस्कार ।आज फिर से गोचर की बात होगी । 13 नवंबर से बुध देव वृश्चिक राशि में प्रवेश , जहां पहले से ही शुक्र देव विराजमान है ।
ज्योतिष में शुक्र और बुध देव की शुभ युति को लक्ष्मी +नारायण युति कहा गया है । ये योग राजयोग है आपके कुंडली में । जिस भी जातक की कुंडली में ये योग लक्ष्मी +नारायण योग का निर्माण होता है तो उनके जीवन में धन धान्य की कमी नहीं होती और एक सामान्य लोगो से उनका जीवन हमेशा से अच्छा ही होगा ।
गोचर में यदि ये योग आपके राशि के अनुसार बन रहा है तो आपके जीवन में भी अच्छे लाभ के योग निर्मित होंगें ।
जैसा आप सभी जानते है कि गोचर का फल हमेशा चंद्र राशि से देखें और आप अपने प्रचलित नाम से भी देख सकते है ।
गोचर का उत्तम फल कब प्राप्त होता है ??
आपको गोचर का उत्तम फल तभी प्राप्त होगा जब आपके कुंडली ने बुध देव
यदि आपके कुंडली के लिए बुध देव कारक ग्रह है , नीच राशि यानी मीन राशि में नही है और 6-8- 12 भाव में न हो तो आपको आपके जीवन में लक्ष्मी +नारायण युति का लाभ जरूर मिलेगा ।
आपको गोचर का उत्तम फल तभी प्राप्त होगा जब आपके कुंडली ने बुध देव
- कारक ग्रह हो ।
- नीच के न हो मतलब 12 नंबर व् मीन राशि में न हो ।
- और बुध देव आपके जन्म कुंडली में 6-8-12 भाव में न हो ।
यदि आपके कुंडली के लिए बुध देव कारक ग्रह है , नीच राशि यानी मीन राशि में नही है और 6-8- 12 भाव में न हो तो आपको आपके जीवन में लक्ष्मी +नारायण युति का लाभ जरूर मिलेगा ।
यदि बुध ग्रह और शुक्रग्रह में बल ( डिग्री ) कम है तो छोटे छोटे उपाय जरूर करें ताकि आपको राजयोग का फल प्राप्त हो।
6 राशि वाले के लिए ये योग आपके जीवन में क्या शुभ फल प्राप्त होंगें ??
वृषभ राशि :-
वृषभ राशि के जातक के लिए धन भाव और पंचम भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव में गोचर करेंगें।
- आपका वैवाहिक जीवन उत्तम रहेगा ।
- आपका दैनिक रोजगार अच्छा रहेगा आपके इनकम में वृद्धि होगी ।
- और आप यदि पार्टनरशिप में बिजनेस शुरू करना चाहते है तो ये अच्छा समय है । आपको लाभ प्राप्त होगा ।
- बुध देव की दृष्टि आपके लगन पर होगा जिसके कारण आपके द्वारा लिया गया व्यवसाय से जुड़े निर्णय उत्तम रहेगा और
- आपकी वाणी और सूझ बूझ से आप मुस्किल से मुस्किल परिस्थिति से बाहर आ जायेगें ।
- धन भाव के स्वामी बुध देव होने से आपके धन की स्थिति अच्छी रहेगी आप सेविंग कर पायेंगे और कुटुंब परिवार में आपका रुतवा बढ़ेगा ।
- पंचम भाव के स्वामी बुध होने के कारण आपको आकस्मिक लाभ होने के योग है ।
- संतान से संबंधित कोई समस्या है तो वो दूर होगी और आप यदि उच्च शिक्षा के लिए एडमिशन चाहते है तो जरूर कोशिश कीजिए सफलता मिलेगी ।
सिंह राशि :-
सिंह राशि के लिए बुध देव आय भाव 11वं भाव और धन भाव ( 2nd भाव) के मालिक है और चतुर्थ भाव में है इसका अच्छा फल ही प्राप्त होगा।
चतुर्थ भाव में होने के कारण आपको
- भूमि भवन का सुख प्राप्ति हो सकता है । आप यदि बहुत दिनों से घर लेने के सोच रहे है तो कोशिश कीजिए सफलता मिलेगी ।
- कर्म क्षेत्र पर दृष्टि होने के कारण आपके व्यवसाय हो या नौकरी आपको लाभ प्राप्त होगा ।
- प्रमोशन के योग प्राप्ति होंगें ।
- धन और आय दोनो के स्वामी होने के कारण धन से जुड़ी हर तरह की समस्या समाप्त होगी और आपके बैंक बैलेंस में इजाफा होगा ।
- बड़े भाई बहन और मित्रों का साथ प्राप्ति होगा और आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा ।
- आपके परिवार का साथ आपको प्राप्त होगा और आपका कुटुंब परिवार ने मन सम्मान बड़ेगा।
तुला राशि :-
तुला राशि के जातक के लिए बुध देव भाग्य भाव और बरवां भाव के स्वामी होकर धन भाव (2nd भाव) में है ।
धन भाव में होने के कारण आपको अपने बैंक बैलेंस बढ़ाने का मौका मिलेगा ।
आपको आपके कुटुंब परिवार का साथ प्राप्त होगा ।
आप अपनी वाणी के बल पर सबका मन जितने में समर्थ होंगे ।
भाग्य भाव के स्वामी होने के कारण आपको आपके भाग्य का साथ आपको प्राप्त होगा जिसके कारण आपको सफलता प्राप्त होगी ।
आपका काम यदि विदेश से जुड़ कर है तो आपको लाभ प्राप्त होगा ।
फिजूल खर्चे से आपको राहत मिलेगी ।
मकर राशि :-
मकर राशि के जातक के लिए भाग्य भाव और छटवां भाव के स्वामी होकर 11वे भाव में है ।
भाग्य भाव के स्वामी होने के कारण आपको आपके भाग्य का साथ आपको प्राप्त होगा जिसके कारण आपको सफलता प्राप्त होगी ।
आपका काम यदि विदेश से जुड़ कर है तो आपको लाभ प्राप्त होगा ।
फिजूल खर्चे से आपको राहत मिलेगी ।
मकर राशि :-
मकर राशि के जातक के लिए भाग्य भाव और छटवां भाव के स्वामी होकर 11वे भाव में है ।
- आपके मनोकामना पूर्ति के भाव में होने के कारण आपका कोई काम अधूरा रह गया हो तो जरूर पूरा करने की कोशिश कीजिए आपके ग्रह आपके साथ है ।
- बड़े भाई बहन और मित्रों का साथ प्राप्त होगा । आपका सामाजिक दायरा बड़ेगा ।
- किसी बीमारी से परेशान थे तो राहत मिलेगी ।
- शत्रु अप्रभावी रहेगें ।
- अपने खर्चे पर ध्यान रखें ।
- भाग्य का साथ हर जगह प्राप्त होगा अतः इस समय का उपयोग आप कर सकते है ।
- आपकी धर्म के प्रति रुचि बड़ेगी और आप कोई धार्मिक यात्रा भी कर सकते है ।
कुंभ राशि :-
कुंभ राशि के जातक के लिए पंचम भाव के स्वामी और अष्टम के स्वामी होकर कर्म भाव में है अत्यंत उत्तम योग ।
- कर्म क्षेत्र में चौतरफा इजाफा का योग ।
- आप नौकरी करें या व्यवसाय आपके लिए मन चाहा तरक्की का योग बन रहा है ।
- आप व्यवसाय क्षेत्र में वृद्धि कर सकते है और नौकरी में आप मन चाहा प्रमोशन प्राप्त कर पाए और ट्रांसफर भी ।
- आकस्मिक लाभ का योग प्राप्त होगा आप विचार कर शेयर ट्रेडिंग से लाभ प्राप्त कर सकते है ।
- शिक्षा के लिए बहुत अच्छा होगा । यदि आप उच्च शिक्षा में एडमिशन लेना चाहते है तो जरूर कोशिश कीजिए आपको सफलता मिलेगी ।
- बच्चें से जुड़ी अच्छा समाचार प्राप्त होगा ।
मीन राशि :-
मीन राशि के जातक के लिए चतुर्थ और सप्तम भाव के स्वामी होकर भाग्य भाव में होने के कारण आपका उत्तम लाभ प्राप्त होगा ।
- आपको भवन भूमि और गाड़ी का सुख प्राप्त होगा ।
- आपके अपने माता से संबंध अच्छे होंगें ।
- आपका वैवाहिक जीवन उत्तम रहेगा और आप यदि पार्टनरशिप में आपको आपके पार्टनर का साथ प्राप्त होगा ।
- आपके दैनिक रोजकार में वृद्धि होगी ।
- आपको आपके भाग्य का साथ प्राप्त होगा उसका आप फायदा जरूर उठाए ।
- धार्मिक झुकाव होगा और धार्मिक यात्रा कर सकते है ।
बुध देव के उपाय ( Remedies For Mercury)
- आपको बुध वार के दिन मंदिर जाएं और गणपति बप्पा को दूर्वा और लड्डू जरूर अर्पित करें ।
- ॐ गन गणपते नमः का जाप जरूर करें ।
- 108 बार जरूर करें । कम से कम ये महीना जरूर करें ।
- गाय को हरा चारा जरूर खिलाए ।
शुक्र देव के उपाय ( Remedies For Venus ):
- आपको देवी मां के मंदिर जाना है और अपने साथ लाल कपड़ा , लाल फूल और इत्र जरूर चढ़ाए और कुछ मीठा जरूर चढ़ाए । मीठा आपको वहां पर ही वितरित करना है ।
- महालक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें ।
- रोज शाम को घी का दीया मां लक्ष्मी के सामने प्रज्वलित करें और महा लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें ।
- आप अपने आस पास साफ सफाई रखें और परफ्यूम का प्रयोग करें ।
- शुक्रवार को खीर बनाए , भोग लगाए और खाए भी ।
देखिए फिर आपको गणपति बप्पा और माता रानी दोनो का साथ प्राप्त होगा और आपके लिए बुध का ये गोचर शुक्र ग्रह साथ के अच्छा रहेगा ।
उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।
धन्यवाद
Happy Beginning...
आपलोग अपने किसी भी ज्योतिषये समस्या के समाधान के लिए मुझे संपर्क कर सकते है।
आचार्या सांत्वना के द्वारा दिए जाने वाले सेवा व सर्विसेज (Services from Acharya Santwwana )
सबसे महत्वपूर्ण:-
1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।
My Email is santwanadutta1974@gmail.com

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