GOOGLE ANALYTICS TAG

भाग्य साथ नहीं देता क्यों? क्या आप भाग्यवान है??

 

प्रिय पाठक, 
नमस्कार। 

आज फिर से अच्छी जानकारी साझा करूँगी। आज बात करूँगी भाग्य का साथ क्यों प्राप्त नहीं होता। 


आप ने सुना भी होगा और कहा भी होगा कि
  • मेरा भाग्य ही साथ नहीं देता। 
  • कितना मेहनत करता हुँ एन वक़्त पर काम बिगड़ जाता है। 
  • पुरा साल कंपनी को दिया परंतु कोई और बाजी मार गया। 
क्यों होता है क्या आपके मन मे नही होता ये जानने की। चलिए इस पोस्ट से जानेंगे कि भाग्य साथ क्यों नही देता। 

ज्योतिष मे 9 वां भाव को भाग्य भाव कहते है। यदि इस भाव में अच्छे ग्रह न हो कुंडली के तो आपके भाग्य मे रुकावट होगी। 



ज्योतिष मे भाग्य भाव का मालिकाना हक सूर्य और गुरु देव को दिया गया है। यदि आपके कुंडली में ये दोनों ग्रह अच्छे नहीं है तो आपके पग पग रुकावट होगी। 




यदि 9वां  भाव मे कुंडली के अकारक   ग्रह की दृष्ट हो तो भी भाग्य के साथ पाने मे संघर्ष रहेगा। 
और भाग्य भाव का स्वामी 6,8,12 में चला जाय तो भी भाग्य का साथ प्राप्त नहीं होगा। 
भाग्य भाव के स्वामी पीड़ित हो जाए या भाग्य भाव मे ग्रहण योग या दोष बन जाए तो भी भाग्य का साथ प्राप्त नहीं होगा। 

 आपका भाग्य भाव या भाग्य भाव स्वामी पीड़ित है तो क्या करें ?

  • सबसे पहले सूर्य और गुरु को अच्छा करना है। 
  • भाग्य भाव के स्वामी को अच्छा करना है। 
  • भाग्य भाव में बैठे ग्रह को को अच्छा करना है। 
उदाहरण के लिए धनु  लगन की कुंडली  दी जा रही है । 


  • ऊपर की कुंडली में गुरु  केंद्र 1-4-7-10 और त्रिकोण 1-5-9 में  है तो भाग्य आपका साथ जरूर देगा। 
  • आपके भाग्य भाव में कारक ग्रह या स्वराशि के है या उच्च के है तो आपका भाग्य आपका साथ देगा। 
  • भाग्य भाव का स्वामी  दूसरे भाव में तथा 11वां भाव में होने से भी भाग्य का साथ प्रप्थ होता है।  



यहाँ सूर्य   यानि भाग्य भाव का स्वामी 6-8-12 या नीच के भाव मे हो तो आपको अपने भाग्य भाव जी स्वामी को अच्छा करना होगा। 
भाग्य भाव में अकारक  ग्रह हो, शत्रु राशि मे हो और अपने भाव में हो या फिर नीच भाव ( तुला राशि में सूर्य )  मे हो तो भाग्य भाव का साथ आपको कभी भी नहीं मिलेगी। यहां तक की भाग्यहीन दोष का निर्माण होता है । 



सूर्य के उपाय :- 
सूर्य यदि आपके भाग्य भाव में है और भाग्य भाव के स्वामी है तो आपको :-
  • सूर्य को जल चढ़ाये। और सूर्य के मंत्रों का जाप करें। 
  • अपने पिता और पिता समान व्यक्ति का आदर करें और सभी महत्वपूर्ण काम करने से पहले अपने पिता का आशीर्वाद लीजिये। 
  • सूर्य देव को अच्छा करने के लिए सूर्य उदय से पहले उठिये और सूर्य के पहली किरण का अनुभव करें। 
चंद्रमा के उपाय :- 

चंद्रमा यदि आपके भाग्य भाव में है और भाग्य भाव के स्वामी है तो आपको :-

  • शिवलिंग पर जल चढ़ाये। ओम नमः शिवाय का जाप 108 बार कीजिये. 
  • सोमवार का व्रत करें और मन्दिर जरूर जाएं और भोले बाबा की पूजा आराधना करें। 
  • माता का आदर और आशीर्वाद जरूर लीजिये। 
मंगल के उपाय :- 

मंगल यदि आपके भाग्य भाव में है और भाग्य भाव के स्वामी है तो आपको :-

मंगलवार के दिन या हर दिन हनुमान जी की पूजा कीजिये और हनुमान चालीसा का पाठ करें। 
अपने भाई के साथ अच्छा संबंध रखें। 
अपने हाथ में मौली धारण करें। 
साल में कम से कम ब्लड ( खून)  दान कीजिये। 

बुध के उपाय :-

  • बुध यदि आपके भाग्य भाव में है और भाग्य भाव के स्वामी है तो आपको :-
  • गणपति  की पूजा कीजिये । ओम गं गणपते  नमः का जाप करना है। 
  • बुध वार को गणपति  पर धुर्वा चढ़ाये और बप्पा को भोग लगाएं। 
  • गाय को हरा चारा खिलाये। 
  • अपने घर की बुआ, बहन और बेटी को खुश रखिये। 
  • हरे पौधे लगाये और उनकी सेवा कीजिये। 
गुरु के उपाय :- 

गुरु यदि आपके भाग्य भाव में है और भाग्य भाव के स्वामी है तो आपको :-
  • अपने गुरू की सेवा करें। 
  • गुरू वार के दिन मन्दिर जाये या रोज जा सकते है तो मन्दिर जाएं। ( अपने साथ केला और फूल लेकर जाएं) 
  • गुरू के मंत्रों का जाप करें। 
  • गुरुवार को गाय को रोटी या गुड़ चना खिलाये। 
  • गुरुवार को व्रत कर सकते है तो कीजिये और विष्णु भगवान् की पूजा आराधना और केले की पेड़ की पूजा जल में चना और गुड़ और हल्दी डाल कर कीजिये। 
शुक्र के उपाय :- 
शुक्र यदि आपके भाग्य भाव में है और भाग्य भाव के स्वामी है तो आपको :-
  • आपको मातारानी दुर्गा और माता लक्ष्मी की पूजा करना चाहिए। 
  • आप उनके व्रत या फिर मंत्रों का जाप कर सकती है 
  • हर शुक्रवार मन्दिर जाएं और अपने घर से चावल की खीर बनाकर ले जाएं और मन्दिर मे भोग लगाएं। 
  • दही और चावल का प्रयोग करें। 
शनि के उपाय :- 

शनि यदि आपके भाग्य भाव में है और भाग्य भाव के स्वामी है तो आपको :-
  • शनिवार के दिन मन्दिर जाना है और नारियल चढ़ाना है। 
  • हनुमान जी की पूजा करने से भी शनि अच्छे होते है। 
  • शिवलिंग पर जल चढ़ाना और ओम नमः शिवाय का जाप करने से भी शनि उत्तम होते है। 
  • शनि के लिए 4th class कर्मचारी का अनादर न करें। 
  • शनिवार को गरीबों को कुछ खिलाएं। 
राहु / केतु के उपाय :- 

राहु /केतु यदि आपके भाग्य भाव में है और भाग्य भाव के स्वामी है तो आपको :-
  • शिवलिंग पर जल चढ़ाना और ओम नमः शिवाय का जाप करने से भी शनि उत्तम होते है।
  • गली के कुत्तों को रोटी देना है। 
  • लाल चितियों को आटा में चीनी मिलाकर खिलाये। 
  • कबूतर को दाना डाले। 
उम्मीद है आपको जानकारी पसंद आयी होगी। 
धन्यवाद ! 



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ