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वैवाहिक जीवन में तनाव , कलह और परेशानी कैसे दूर करें ???








 प्रिय पाठक ,

नमस्कार। 



आज इस पोस्ट में वैवाहिक जीवन में तनाव , कलह और परेशानी की चर्चा करुँगी साथ साथ उपाय की भी बात होगी कैसे आप आपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बना सके।  

आज इस पोस्ट में ये जानेगें यदि लगन में सूर्य ,मंगल ,शनि और राहु/केतु हो तो आपके जीवन में क्या प्रभाव पड़ेगा। 


सूर्य देव :- आपके कुंडली में सूर्य देव यदि लग्न में है तो उसकी 7वी  दृष्टि  सप्तम  भाव पर पड़ेगी जो की आपके जीवन साथी का भाव है। 

सूर्य कौन है राजा और आपके स्वाभाव में राजा वाले गुण आना स्वाभाविक है यानि आप ने जो बोला वो सही है और आप चाहेंगें कि  आपकी बात सुनी और मानी जाएँ  और यदि जीवन साथी आपकी  बात नहीं सुनते या मानते है तो फिर आपके वैवाहिक जीवन में तनाव की स्तिथि बनेगी और यदि उपाय नहीं किये गए  तो अलगाव या तलाक की नौबत आ सकती है या आती है। 


मंगल देव :-  मंगल देव आपकी कुंडली में लग्न में है तो उनकी दृष्टि भी सप्तम भाव में पड़ेगी और चूकिं मंगल अग्नि तत्व राशि है अतः उनका स्वाभाव जल्द गरम हो जाता है गुस्सा जल्दी आता है  इसके कारण  वैवाहिक जीवन में तनाव की स्तिथि बन जाती है। 


शनि देव :-  शनि देव को क्रूर और पापी ग्रह  माना गया है और जब भी शनि की दृष्टि सप्तम भाव पर होगी आपके विवाह में देरी की सम्भावना को बढ़ायेंगें और साथ ही साथ वैवाहिक सुख में कमी लायेंगें। 

राहु /केतु :- इनको भी क्रूर और पापी माना  गया है अतः लग्न में इनकी उपस्थिति से ( मतलब राहु यदि लग्न में है तो केतु सप्तम भाव में ही होंगें ) वैवाहिक जीवन में अलगाव की स्तिथि का निर्माण करते है क्युकिं राहु /केतु को विच्छेदात्मक ग्रह  ही माना  गया है।  


वैवाहिक सुख का कारक ग्रह कौन है ?

वैवाहिक सुख  का कारक ग्रह गुरु ( Jupiter )और शुक्र ( Venus )  है । 

  वैवाहिक सुख के लिए  क्या करें ??

आपको अपने जीवन में जीवनसाथी के साथ अच्छा जीवन बिताने के लिए सबसे पहले अपने कुंडली के गुरु ( Guru / Jupiter ) और शुक्र ( Venus )  ( Vivah ke kaarak garh )  को अच्छा करना है और फिर लगन में बैठे ग्रह को भी अच्छा या शांत करना होगा।  


गुरु के उपाय :- 

गुरु यदि आपके  लग्न में है तो आपको:-
  • अपने गुरू की सेवा करें। 
  • गुरू वार के दिन मन्दिर जाये या रोज जा सकते है तो मन्दिर जाएं। ( अपने साथ केला और फूल लेकर जाएं) 
  • गुरू के मंत्रों का जाप करें। 
  • गुरुवार को गाय को रोटी या गुड़ चना खिलाये। 
  • गुरुवार को व्रत कर सकते है तो कीजिये और विष्णु भगवान् की पूजा आराधना और केले की पेड़ की पूजा जल में चना और गुड़ और हल्दी डाल कर कीजिये। 
शुक्र के उपाय :- 
शुक्र यदि आपके  लग्न में है तो आपको:-
  • आपको मातारानी दुर्गा और माता लक्ष्मी की पूजा करना चाहिए। 
  • आप उनके व्रत या फिर मंत्रों का जाप कर सकती है 
  • सुहागन महिलाओं  को सुहाग का सामान देने से भी वैवाहिक सुख की प्राप्ति होता है।  
  • हर शुक्रवार मन्दिर जाएं और अपने घर से चावल की खीर बनाकर ले जाएं और मन्दिर मे भोग लगाएं। 
  • दही और चावल का प्रयोग करें। 

 लगन में सूर्य ,मंगल ,शनि और राहु/केतु हो तो क्या उपाय करें : 

सूर्य के उपाय ( Remedies  For  Sun ):- 

सूर्य यदि आपके लग्न में है तो आपको :- 
  • सूर्य को जल चढ़ाये। और सूर्य के मंत्रों का जाप करें। 
  • अपने पिता और पिता समान व्यक्ति का आदर करें और सभी महत्वपूर्ण काम करने से पहले अपने पिता का आशीर्वाद लीजिये। 
  • सूर्य देव को अच्छा करने के लिए सूर्य उदय से पहले उठिये और सूर्य के पहली किरण का अनुभव करें। 

मंगल के उपाय  ( Remedies  For Mars ):- 

मंगल यदि आपके लग्न में है  तो आपको :-

मंगलवार के दिन या हर दिन हनुमान जी की पूजा कीजिये और हनुमान चालीसा का पाठ करें। 
अपने भाई के साथ अच्छा संबंध रखें। 
अपने हाथ में मौली धारण करें। 
साल में कम से कम ब्लड ( खून)  दान कीजिये। 



शनि के उपाय  ( Remedies  For  Saturn ):- 

शनि यदि आपके लग्न में है तो आपको :-
  • शनिवार के दिन मन्दिर जाना है और नारियल चढ़ाना है। 
  • हनुमान जी की पूजा करने से भी शनि अच्छे होते है। 
  • शिवलिंग पर जल चढ़ाना और ओम नमः शिवाय का जाप करने से भी शनि उत्तम होते है। 
  • शनि के लिए 4th class कर्मचारी का अनादर न करें। 
  • शनिवार को गरीबों को कुछ खिलाएं। 
राहु / केतु के उपाय ( Remedies  For  Rahu / Ketu  ) :- 

राहु /केतु यदि  लग्न में है तो आपको :-
  • शिवलिंग पर जल चढ़ाना और ओम नमः शिवाय का जाप करने से भी शनि उत्तम होते है।
  • गली के कुत्तों को रोटी देना है। 
  • लाल चितियों को आटा में चीनी मिलाकर खिलाये। 
  • कबूतर को दाना डाले। 


उम्मीद है आपको जानकारी पसंद आयी होगी। 
धन्यवाद ! 











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