प्रिय पाठक ,
नमस्कार ।
आज फिर से पूजा -पाठ से जुड़ी बात करूंगी ।
पूर्णिमा तिथि कब है ? जयेष्ठ पूर्णिमा Jayestha Punima Date 10/06/2025 या 11/06/2025
जयेष्ठ पूर्णिमा 10 जून मंगलवार से 11 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 11 जून बुधवार 1.13 मिनट तक रहेगी |
जयेष्ट पूर्णिमा का महत्व क्या है ?
जयेष्ट पूर्णिमा को वट पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है ये दिन महिला अपने पति के लम्बी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन रहे उसके लिए व्रत करती है |
एक मान्यता के अनुसार माता सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा यमराज से की थी अतः आज के दिन सावित्री और सत्यवान की कथा सुनने का विशेष महत्त्व है |
आज के दिन वट वृक्ष की पूजा और वट वृक्ष ( Vat Vriksha) की परिक्रमा करना अत्यंत शुभ होता है क्यों वट वृक्ष को लंबी उम्र का प्रतिक माना गया है |
पूर्णिमा के दिन पूजा विधि ( Purnima Pooja Vidhi )
पूर्णिमा तिथि के दिन हम सभी सत्यनारायण देव की पूजा ,कथा और व्रत करते है। मान्यता है जो भी इस व्रत और पूजन को पूरी श्रद्धा और भक्ति से करते है उनके जीवन में भगवान् विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है।
आइये जानते है ये पूर्णिमा की पूजा हम सब को कैसे करना चाहिए :-
- प्रातः स्नान आदि से निवृत होकर पूजन और व्रत का संकल्प ले ।
- एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी और नारायण की मूर्ति या फोटो स्थापित करें ।
- घी का दीया प्रज्वलित करें ।
- फिर नारायण को पीले वस्त्र या सफेद वस्त्र और मां लक्ष्मी को लाल वस्त्र समर्पित करें ।
- फिर आप ऋतुफल , फूल और भोग अर्पित कीजिए ।
- पंचामृत जरूर भोग में रखें।
- फिर आप कथा और आरती करें ।
- शाम को फिर से ये प्रयोजन करना होगा ।
- आप शाम को 11 दीपक प्रज्वलित कर सकते है ।
- आपको माता लक्ष्मी के लिए भोग में दूध और चावल से बनी खीर जरूर अर्पित करें ।
- चंद्रमा को कच्चा दूध जल के साथ मिला कर अर्ध दे।
- माता लक्ष्मी की पूजा , मंत्र, देवी स्त्रोत और श्री सूक्त का पाठ कर सकते है ।
- नही आती है तो माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप भी फल दायक होता है ।
ज्योतिष उपाय (Jyotish Upay For Purnima )
जैसा आप सब जानते है कि पूर्णिमा तिथि ही चंद्रमा के उपाय का सबसे अच्छी तिथि मानी गई है ।
जिस भी जातक के कुंडली में चंद्रमा यदि दूषित हो या पीड़ित हो तो जातक को
- पूर्णिमा तिथि के दिन खीर दूध और चावल का दान करें या मंदिर में चढ़ाए ।
- चन्द्रमा को कच्चा दूध में जल मिला कर अर्ध चन्द्रमा को देकते हुए ।
- पूर्णिमा का व्रत करने मात्र से कुंडली के कमजोर चंद्रमा अच्छा होने लगता है ।
- पूर्णिमा के दिन यदि आप खीर नही बना सकते तो आप चावल , दूध और शक्कर का दान करने से भी चंद्रमा के खराब प्रभाव में कमी आती है और चंद्रमा शांत होता है ।
पूर्णिमा तिथि की पूजन विधि:- ( Purnima Tithi Poojan Vidhi )
- पूर्णिमा तिथि को उपवास व व्रत रखा जाता है ।
- शाम के समय चौकी पर पीले वस्त्र डाल कर विष्णु भगवान की प्रतिमा स्थापित करने।
- शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें ।
- विष्णु भगवान को पीले वस्त्र ,पिले फूल, पिले फल और पीली मिठाई का भोग लागिये ।
- पूर्णिमा के दिन भोग में चावल की खीर जरूर लागिये ।
- कई जगह भोग में पंजीरी (आटा को शुद्ध घी में भून कर उसमें चीनी डाल कर बनाया जाता है ) लगाया जाता है ।
- और कई जगह सूजी का हलवा भी भोग में लगाया जाता है ।
- पंचामृत तुलसी डाल कर भोग में जरूर लगाए ।( पांच तत्व व चीज से बनी जिसमे दूध, दही, शक्कर, घी और शहद से बनाया जाता है ।)
- भोग में तुलसी के पत्ते जरूर से चढ़ाये क्योंकि भगवान विष्णु को तुलसी अति प्रिय होती है ।
- उसके बाद सत्यनारायण भगवान की कथा और आरती जरूर करनी चाहिए ।
- नारायण का भजन कीर्तन अति लाभदायक होता है ।
- और सभी कथा सुनने वाले भक्त जनों को प्रसाद वितरण करना चाहिए
- और उस दिन चंद्र देव के दर्शन जरूर करें । उनको दूध जल में डाल कर अर्ध दे ।
पूर्णिमा तिथि का ज्योतिष महत्व :- चन्द्रमा को मजबूत करने के उपाय। चन्द्रमा की ही पूजा पूर्णिमा में क्यों करें ?
पूर्णिमा को चंद्रमा अपने पूर्ण अवस्था मे होता है और चंद्रमा को मन का कारक बताया गया है और इस दिन पूर्णिमा का व्रत और पूजन से जातक के कुंडली मे उपस्थिति चंद्र दोष को कम किया जा सकता है ।
- जिस भी जातक की कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो उनको पूर्णिमा की व्रत करने की सालह दी जाती है ।
- इस दिन चंद्रमा के चीजो के दान का विशेष महत्व है जिस भी जातक के कुंडली मे चंद्रमा पीड़ित होता है उनको चंद्रमा के चीज जैसे दूध , दही , चावल , चीनी , चांदी दान देने को कहा जाता है ।
- पूर्णिमा के दिन गरीबो को दान में अनाज , वस्त्र , खीर आदि देकर चंद्रमा को कुंडली में मजबूत किया जा सकता है ।
धन्यवाद।
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सबसे महत्वपूर्ण:-
1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।
5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।
Email:- santwanadutta1974@gmail.com

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