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जीवन साथी ( Life Partner )कैसा होगा ? शादी किस दिशा ( Direction of Marriage in Astrology) में होगी ?

 प्रिय पाठक ,

नमस्कार।



आज मैं बहुत ही अच्छे विषय बारे में बात करें। आज इस पोस्ट में बहुत ही सामान्य सवाल जब कन्या और बालक बड़े हो रहे है तो उनके मन में शादी से जुड़े कई सवाल होते है क्यों न हो। शादी के ऐसा पवित्र बंधन है और उस बंधन में जीवन भर साथ जीना है तो मन में सवाल आयेंगें ही।


शादी के उम्र बच्चों की होते ही लड़के -लड़की के मन में बहुत सारे सवाल उठने लगता है जैसे :-

  • लड़का का आचार , विचार और स्वाभाव कैसा होगा।
  • अच्छा कमाता हो।
  • दिखने में कैसा है।
  • घर परिवार अच्छा हो।
  • शादी दूर होगी या नजदीक में।
  • किस दिशा में शादी होगी।
  • वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा। आदि आदि


सबसे पहले आप सब अपनी कुंडली निकल लीजिये और सप्तम भाव को चेक करना है क्यूकि ज्योतिष में सप्तम भाव से ही विवाह के किसी भी सवाल को समझा जा सकता है।  


सबसे पहले आप लोग ये जाने कि कुंडली के कौन से भाव को सप्तम भाव कहते है :-
सप्तम भाव विवाह का भाव 
जीवन साथी कैसा होगा ? Jeevan saathi kaisa hoga ?

आज मैं सप्तम भाव के बारे में बात करेंगे । चाहे लड़का हो या लड़की दोनों की ही कुंडली में सप्तम भाव उसके जीवन साथी का भाव होता है ।
सप्तम भाव में उपस्थित ग्रह से पता चलता है की जीवन साथी कैसा होगा ।

ज्योतिष में यदि आपके सप्तम भाव में एक से अधिक ग्रह है तो उसका प्रभाव अलग होता है ।
सप्तम भाव पर शुभ ग्रहों या पाप ग्रहों की दृष्टि, युति आदि का भी प्रभाव रहता है ।

परंतु ये विश्लेषण एक ग्रह पर आधारित है । चलिए जानते है : यदि सप्तम भाव में

सूर्य स्थित हो : -
यदि कुंडली में सूर्य स्थित होने से जातक का पति/पत्नी गौरा, कामी तथा क्रोधी स्वभाव का होगा । जातक या जातिका का कम बाल हो सकते है। जातक महत्वकांछी , विचारों से स्वतंत्र और राजसी गुण वाला हो सकता है। जातक - जातिका अच्छे कुल या उच्च कुल के हो सकते है।

चंद्रमा स्थित हो :-
यदि कुंडली के सप्तम भाव में चंद्रमा स्थित हो तो जातक का लड़का -लड़की

बुध स्थित हो :-
यदि कुंडली में सप्तम भाव में बुध स्थित हो तो जातक का पति/पत्नी बुद्धिमान , गुणवान और होशियार होता है।

मंगल स्थित हो :-
यदि कुंडली के सप्तम भाव में मंगल स्थित हो तो जातक की पति/पत्नी स्वभाव से कठोर , आलसी और बोलने में चतुर होते है ।

गुरु स्थित हो :-
यदि कुंडली के सप्तम भाव में गुरु हो तो जातक की पति/पत्नी दीर्घायु, राजा सदृश , धनी और कामी होती है ।

शुक्र स्थित हो :-
यदि कुंडली के सप्तम भाव में शुक्र हो तो जातक की पति/पत्नी तेजवान , हसमुख , चतुर और धनवान होता है ।

शनि स्थित हो :-
यदि कुंडली के सप्तम भाव में शनि हो तो जातक की पति/पत्नी उम्र में बड़ा और चंचल और होता है ।

राहु/केतु स्थित हो :-
यदि कुंडली के सप्तम भाव में राहु/केतु हो तो जातक की पति/पत्नी मलिन बुद्धि वाला होता है ।

जैसा कि मैंने पहले ही कहा है कि एक से अधिक ग्रह और दृष्टि , ग्रहों का उच्च होने से गुण , स्वभाव के फल में परिर्वतन होता है ।


शादी किस दिशा में होगी ?
Shadi kis disha me hogi ?

ज्योतिष आपको आपके या आपके बच्चों की शादी किस दिशा में हो सकती है बता सकते है आपके जन्म स्थान से । चलिए जानते है :-

सप्तम भाव में स्थित राशि से विवाह का दिशा ज्ञात किया जाता है । सप्तम भाव में यदि

  • मेष (1), सिंह(5) और धनु(9) राशि हो और सूर्य और शुक्र ग्रह हो तो विवाह की दिशा पूर्व दिशा होगी
  • वृषभ (2), कन्या(6) और मकर(10) राशि हो और चंद्र और शनि ग्रह हो तो दक्षिण दिशा में विवाह होगा ।
  • मिथुन(3), तुला(7) और कुंभ(11) राशि हो और मंगल ,राहु/केतु ग्रह हो तो पश्चिम दिशा में विवाह होता है ।
  • कर्क(4) , वृश्चिक(8) और मीन(12) राशि हो और बुध और गुरु हो तो उत्तर दिशा में विवाह होता है ।
  • अब एक नियम है कि यदि कोई भी ग्रह सप्तम भाव में कोई ग्रह नहीं है तब  शुक्र कुंडली में जहां हो वह से सात घर गिनना है और सप्तम भाव में जो  राशि आएगी उस राशि के दिशा में शादी होगी ।
  • कुंडली का सबसे बलवान ग्रह की दिशा में भी शादी होती है । 

ससुराल कितनी दूरी पर होगी ?
Sasuraal kitni duri per hoga ?

ज्योतिष आपकी शादी आपके जन्म स्थान से कितनी दूरी पर होगा ये ज्ञात भी किया जा सकता है ।

चलिए इस रोचक विषय को भी जानते है :-

सप्तम भाव में कौन से राशि स्थित है उससे जन्म स्थान से विवाह कितनी दूरी में होगा जाना जा सकता है।

  • मेष(1) ,कर्क(4), तुला (7)और मकर (10 )राशि सप्तम भाव में हो तो आपका विवाह आपके जनस्थान से 200 किलोमीटर के अंदर होगा ।
  • वृषभ(2), सिंह (5), वृश्चिक (8)और कुंभ (11) राशि सप्तम भाव में हो तो 90 किलोमीटर के अंदर होगी ।
  • मिथुन(3), कन्या(6), धनु(9) और मीन(12) राशि सप्तम भाव में हुआ तो 80 से 100 किलोमीटर के अंदर होगी।
  • सप्तम भाव का स्वामी यानी सप्तमेश ( सप्तम भाव में जो राशि उसका स्वामी जैसे मान लीजिए सप्तम भाव में 1 नंबर लिखा है और एक नंबर मेष राशि हुई और उसका स्वामी जो है वो मंगल देव )सप्तम भाव और द्वादश भाव के बीच में हो तो जातक का विवाह विदेश में होगा या लड़का शादी करके लड़की को विदेश लेकर जायेगा ।

नोट : विदेश का मतलब सिर्फ यूरोप या अमेरिका नही होता । आप अपने कल्चर रीति रिवाज , भाषा से दूर जाए ये भी विदेश ही है आज भी बहुत लोग मिलेंगे जो आज भी ये बोलते है हम देश जा रहे है चाहे गर्मी की छुट्टी हो या किसी भी प्रकार का छुट्टी होने पर वो देश जाते है ।
जब ज्योतिष लिखी गई थी तब एक स्थान से दूसरे स्थान जाना विदेश जाने से कम नहीं था । परंतु आपकी कुंडली में विदेश जाना यूरोप और अमेरिका जाना लिखा है तो आप जरूर जायेंगें ।



शादी या विवाह आपकी कब होगी ?
Shadi ya Vivah Kab hogi ?

जैसा हम अब तक जान चुके है कि शादी से जुड़ी सभी जानकारी के लिए सप्तम भाव को ही देखना है ।
ग्रहों की उपस्थिति सप्तम भाव से शादी की उम्र का पता लगाया जा सकता है ।

यदि सप्तम भाव बुध देव हो तो आपकी शादी 13 से 18 वर्ष में हो सकता है ।

सप्तम भाव मंगल देव हो तो आपकी शादी 18 वर्ष में अंदर हो सकता है परंतु यदि मंगल दोष बनता हो शादी में देरी होती है ।

यदि सप्तम भाव शुक्र देव हो तो आपकी शादी 25 वर्ष में हो सकता है ।

यदि सप्तम भाव चंद्र देव हो तो आपकी शादी 22वर्ष में हो सकता है ।

यदि सप्तम भाव गुरु देव हो तो आपकी शादी 27-28 वर्ष में हो सकता है ।

यदि सप्तम भाव शनि देव हो तो आपकी शादी में देरी होती है ।

आप की विवाह उम्र हो गयी है और गुरु का गोचर (transit ) आपके जन्म कुंडली से लग्न ,  तृतीये , पंचम , सप्तम नवम  एकादश में आता है तो उस वर्ष शादी का योग बनता है।  

नोट : शनि , राहु और केतु की दृस्टि सप्तम भाव पर या सप्तम भाव में होने से शादी में देरी भी हो सकती है या शादी  नहीं होने का भी योग होता है ।  

उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।

धन्यवाद
Happy Beginning...
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