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ग्रहों का प्रभाव :- अंग , दिशा , राज्याधिकार, रंग और प्रकृति ।

 प्रिय पाठक

नमस्कार। 
मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।



ग्रहों का प्रभाव :-जातक के अंगदिशा ,राज्याधिकाररंग और प्रकृति  पर । 

1) ग्रह और अंग ( Garh aur Ang ) 
2) ग्रह और दिशा  ( Garh aur Disha ) 
3) ग्रहों और उनके राज्याधिकार ( Grahon  aur unke Rajyaadhikar) 
4) ग्रह और रंग (Garh aur Rang )
5) ग्रह और प्रकृति ( Garh and Prakriti) 


1)ग्रह और अंग ( Garh aur Ang ) 

प्रत्त्येक ग्रह का हमारे शरीर के भिन्न- भिन्न अंगो पर  अधिकार होता है इसका मतलब ये हुआ किअगर वो ग्रह पीड़ित हो तो उनसे जुड़ी समस्या हो सकती है यदि आपका बुध ग्रह ख़राब है तो आपको स्किन व् त्वचा ( skin problem ) से जुड़े समस्या हो सकती है। 


 

  ग्रह

                अंग 

 1

 सूर्य 

           हड्डी, पित्त और मस्तिष्क

 2

 चंद्रमा

           रक्त

 3

 मंगल 

           मॉस व मज्जा

 4

 बुध 

           त्वचा

 5

 गुरु 

           चर्बी एवं कफ

 6

 शुक्र

           वीर्य

 7

 शनि

           स्नायु तंत्र

 8

 राहु 

           वात श्लेषमा

 9

 केतु 

            वात श्लेषमा


2) ग्रह और दिशा :-( Garh aur Disha )

ग्रहों का दिशा से संबंध जानना जरुरी होता है:-

  • किस दिशा में आपको सफलता मिलेगी  ।  
  • किस दिशा में यात्रा करें ।  
  • तथा विवाह किस दिशा में होगा ।  
यह  ज्ञान ग्रहों की दिशा जानने से ही होता है।  


 

  ग्रह

             दिशा 

 1

 सूर्य 

               केंद्र

 2

 चंद्रमा

            दक्षिण-पूर्व

 3

 मंगल 

              दक्षिण

 4

 बुध 

              उत्तर

 5

 गुरु 

           उत्तर- पूर्व(ईशान)

 6

 शुक्र

               पूर्व

 7

 शनि

              पश्चिम

 8

 राहु 

             दक्षिण- पश्चिम

 9

 केतु 

          उत्तर पश्चिम ( वायव्य)



3) ग्रह और राज्य अधिकार:- ( Grahon  aur unke Rajyaadhikar) 

ज्योतिष में हर ग्रह को उसकी स्थिति के अनुसार ग्रहो को राज्याधिकार दिया गया है जैसे सूर्य सबसे शक्तिशाली है तो उनको राजा माना गया हैं।   

 

  ग्रह

        राज्य अधिकार

 1

 सूर्य 

            राजा

 2

 चंद्रमा

            रानी

 3

 मंगल 

           सेनापति

 4

 बुध 

           युवराज

 5

 गुरु 

             गुरु

 6

 शुक्र

          राज्यमंत्री

 7

 शनि

            सेवक

 



4) ग्रह और प्रकृति :- ( Garh and Prakriti) 

प्रत्त्येक ग्रहों की प्रकृति अलग -अलग होती है मतलब ग्रह की अवस्था को देख कर आप बता सकते है कि जातक कफ ( सर्दी और ठंडा  ) से परेशान  है या पित्त ( एसिडिटी ) आदि से ।  


 

  ग्रह

        प्रकृति

 1

 सूर्य 

            पित्त

 2

 चंद्रमा

          वात्त व कफ

 3

 मंगल 

             पित्त

 4

 बुध 

          वात्त , कफ , पित्त

 5

 गुरु 

            कफ

 6

 शुक्र

            कफ

 7

 शनि

            वायु

 



5) ग्रह और रंग:-(Garh aur Rang )

ग्रहों का रंग जानना जरुरी है  क्यूंकि जो ग्रह हमरे पीड़ित होते है या ख़राब है  वह ग्रह जिस रंग से जुड़े है उस रंग के वस्त्र , अनाज ,फल, कपडा और वस्तुओं का दान करते है और साथ ही साथ कलर थेरेपी में उस ग्रह के रंग को इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है। 


 

  ग्रह

               रंग

 1

 सूर्य 

              लाल

 2

 चंद्रमा

             सफेद

 3

 मंगल 

              लाल

 4

 बुध 

              हरा

 5

 गुरु 

             पीला

 6

 शुक्र

             सफ़ेद

 7

 शनि

          नीला , काला

 8

 राहु 

         नीला , काला

 9

 केतु 

             सलेटी


उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।


धन्यवाद
Happy Beginning...
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