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सप्तमी तिथि ( 8 अप्रैल ) - मां कालरात्रि की पूजा

मां  कालरात्रि का स्वरुप की पूजा ,माता  कालरात्रि की पूजा विधि ,माता  कालरात्रि का मंत्र  का जाप  ,माता  कालरात्रि का भोग ,माता  कालरात्रि की प्रार्थना,माता  कालरात्रि को प्रसन्न करने के लिए कौन से रंग का वस्त्र अर्पण करें। 


नवरात्री के  सातवें  दिन करें माँ  कालरात्रि की  पूजा 

प्रिय पाठक,

नमस्कार।  

मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।

आज इस पोस्ट में आप जानेंगे :





 मां कालरात्रि का स्वरुप की पूजा 

( Maa Kalratri  ka swaroop ki pooja  )

 
सप्तमी  तिथि (8 अप्रैल - शुक्रवार   ) - मां  कालरात्रि की पूजा का महत्त्व।  

चैत्र नवरात्री के सातवें दिन माता के नौ रूप में से एक रूप माता  कालरात्रि  की पूजा की जाती है। माना जाता है कि राक्षसों के संहार के लिया माता काल रूप में प्रकट हुई और उनका विनाश किया।  माता अपने भक्तो को  अकाल मृत्यु से बचती है 

माँ का ये  रूप अति भयंकर होता है इनका रंग काला होता है और माँ के गले में विद्युत की माला होती है।  माँ की चार भुजा है उनके एक हाथ में  खड्ग (तलवार) , दूसरे हाथ में लौह अस्त्र , और बांकी दोनों हाथ अभय मुद्रा और वर मुद्रा में है। माँ का वाहन  गर्दभ है। 

माता कालरात्रि  की पूजा विधि 

(Mata Kaalratri   ki pooja vidhi )

नवरात्री  के सातवें   दिन यानि 8  अप्रैल शुक्रवार  को माता कालरात्रि की पूजा का विधान है इस दिन आप स्नान से निवृत होकर माता को  रातरानी का  पुष्प , दीप ,धुप ,लाल सिन्दूर अर्पित करें माँ को नीले  रंग   का वस्त्र   पहनाये और माता को भोग अर्पित करें।  माता को भोग अर्पित करने के बाद माता के मंत्रो का जाप जरूर करें।  मंत्रो की संख्या कम से कम 11 व् 24 बार होना चाहिए। 

माता कालरात्रि का मंत्र  का जाप 

(Mata Kaalratri  ki Mantro ka jaap  )


माता कालरात्रि का ये मंत्र  आप 108 बार या कम से कम 11 बार जाप जरूर करें 

 या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: 


या आप माता के इस मंत्र का उच्चारण कर  सकते है : -

'ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

'दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तु ते।

उसके बाद आप दुर्गा सप्तसती का या दुर्गा चालीसा या दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए।  पाठ पूरा होने के बाद मातारानी का आरती जरूर करें।  

माता कालरात्रि   का भोग 

(Mata Kaalratri  ki Bhog   )

माता कालरात्रि  को क्या भोग लगाना चाहिए :- 

माता कालरात्रि   को सप्तमी  तिथि को  गुड़  का भोग लगाना चाहिए। 

माता रानी के आशीर्वाद  से भक्तो को शोक और संकटो से मुक्ति मिलती है।  

नवरात्री के सातवें  दिन कौन सा रंग का वस्त्र पहने? 

 navratri ke satven din kaun sa rang ka vastra phene 

नवरात्री के नौ दिन किसी न किसी रंग से जुड़ा है और मानते है की यदि आप वो रंग माता को अर्पित करते है या खुद वो रंग पहनकर माता की आराधना करते  है तो माता प्रसन्न होती है।    

सप्तमी  तिथि को   माता कालरात्रि की पूजा होती है और माता के इस स्वरुप को नीले रंग अति प्रिय है अतः भक्तो को नील रंग के वस्त्र व् कपडे पहन कर पूजा और आराधनाकरनी चाहिए। 

ये एक माता कालरात्रि  का प्रार्थना  है सप्तमी की पूजा के  समय  जरूर पढ़े।   

श्री नव दुर्गा स्रोत्र 

( माता कालरात्रि  की प्रार्थना  )

 

कालरात्रि जय-जय-महाकाली। काल के मुह से बचाने वाली॥

दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा। महाचंडी तेरा अवतार॥

पृथ्वी और आकाश पे सारा। महाकाली है तेरा पसारा॥

खडग खप्पर रखने वाली। दुष्टों का लहू चखने वाली॥

कलकत्ता स्थान तुम्हारा। सब जगह देखूं तेरा नजारा॥

सभी देवता सब नर-नारी। गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥

रक्तदंता और अन्नपूर्णा। कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥

ना कोई चिंता रहे बीमारी। ना कोई गम ना संकट भारी॥

उस पर कभी कष्ट ना आवें। महाकाली माँ जिसे बचाबे॥

तू भी भक्त प्रेम से कह। कालरात्रि माँ तेरी जय॥

(source :- चमन की श्री दुर्गा स्तुति ) 

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चैत्र नवरात्री कब से शुरू हो रही है ?कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त कब है ? कलश स्थापना कैसे करें ?देवी माँ का नौ रूप की पूजा किस दिन होगी ? किस दिन मां दुर्गा के कौन सा भोग लगाया जाता है ?व्रत का परायण विधि व् विसर्जन विधि क्या है ? नवरात्री के 9 दिनों में क्या काम करना वर्जित है ?

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किस दिन मां दुर्गा को कौन सा भोग (bhog ) लगाया जाता है ?

नवरात्री के 9 दिनों के लिए कौन सा रंग के कपड़े पहने -जो माता को प्रिय है।उम्मीद है आपको ये जानकारी अच्छी लगी होगी।


धन्यवाद
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सबसे महत्वपूर्ण:-

1) रत्न के द्वारा उपाय
2) उपाय दान स्वरूप उन ग्रहों का जो आपके कुंडली के लये शुभ नही है।( *** कभी भी अच्छे ग्रह का दान नही करना चाहिए)
3) पूजा- पाठ  उन ग्रहों का जो आपके लिए अच्छे तो  परंतु आपके कुंडली मे कमजोर है ।
4) उपाय जो आपके जीवन में अनुकूल परिवर्तन लाये ।

5) कलर थेरपी, आचार- विचार या व्यवहार द्वारा, खान- पान द्वारा उपाय जाने ।

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