शादी में आ रही है परेशानी तो माँ कात्यायनी की पूजा होगी लाभकारी
मां कात्यायनी का स्वरुप की पूजा ,माता कात्यायनी की पूजा विधि ,माता कात्यायनी का मंत्र का जाप ,माता कात्यायनी का भोग ,माता कात्यायनी की प्रार्थना,माता कात्यायनी को प्रसन्न करने के लिए कौन से रंग का वस्त्र अर्पण करें।
नवरात्री के छठे दिन करें माँ कात्यायनी की पूजा
प्रिय पाठक,
नमस्कार।
मैं आचार्या सांत्वना दत्ता आज फिर से एक अच्छे विषय की जानकारी साझा करुँगी।
आज इस पोस्ट में आप जानेंगे :
( Maa Katyayani ka swaroop )
षष्ठी तिथि (01 अक्टूबर शनिवार ) - मां कात्यायनी की पूजा का महत्त्व।
शारदीय नवरात्री के छठे दिन माता के नौ रूप में से एक रूप माता कात्यायनी की पूजा की जाती है। ऋषि कात्यायन के घर में जन्म लेने के कारण माता के इस रूप को कात्यायनी नाम पड़ा।
इस रूप में माँ सिंह पर सवार है और इनकी चार भुजा है जिसमे एक हाथ में तलवार है दूसरे हाथ में कमल के पुष्प है और बांकी दोनों हाथ आशीर्वाद स्वरुप है।
माता कात्यायनी की पूजा से भक्तों को स्वास्थ सम्बन्धी समस्याओं से छुटकारा मिलता है और भक्तों को किसी भी प्रकार का डर और भय नहीं होता है।
शादी में आ रही है परेशानी तो माँ कात्यायनी की पूजा होगी लाभकारी
माता कात्यायनी की पूजा उनके लिए विशेष लाभकारी है जो अपने बच्चों के लिए या अपने लिए शादी के लिए अच्छा रिश्ता ढूंढ रहे है आज माँ कात्यायनी की पूजा और मंत्र जाप से आपको लाभ प्राप्त होगा। विवाह में आ रही परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
मान्यता है कि गोपियों ने कृष्ण की प्राप्ति के लिए माता कात्यायनी की पूजा की थी और तब से ही विवाह से जुड़े मामलों के लिए उनकी पूजा अचूक मानी जाती है जैसे
1 ) शीघ्र विवाह के लिए।
2 योग्य और मनचाहा पति प्राप्त करने के लिए तथा
3 ) वैवाहिक सुख के लिए।
मां कात्यायनी के मन्त्रों का जाप करें। मंत्रो का जाप कम से कम 11 व् 24 बार जरूर करें।
कात्यायनी महामाये ,महायोगिन्यधीश्वरी।
नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः
पूजा विधि और मंत्रो के जाप के बाद 3 हल्दी का गांठ जरूर चढ़ाये और पूजा के बाद उस हल्दी की गांठ को अपने पास रखें
माता कात्यायनी की पूजा विधि
(Mata Katyayani ki pooja vidhi )
नवरात्री के छठे दिन यानि 7 अप्रैल गुरूवार को माता कात्यायनी की पूजा का विधान है इस दिन आप स्नान से निवृत होकर माता को गुड़हल या कोई भी लाल रंग का फूल , दीप ,धुप ,लाल सिन्दूर अर्पित करें माँ को लाल रंग का वस्त्र व् चुनरी पहनाये और माता को भोग अर्पित करें। माता को भोग अर्पित करने के बाद माता के मंत्रो का जाप जरूर करें। मंत्रो की संख्या कम से कम 11 व् 24 बार होना चाहिए।
माता कात्यायनी की पूजा में लाल फूल का ही प्रयोग करें और लाल रंग का वस्त्र अर्पित करना चाहिए।

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